{"_id":"57112f6a4f1c1b43164a6ae9","slug":"15668-compensation-from-the-insured-farmer","type":"story","status":"publish","title_hn":"15668 बीमित किसान मुआवजे से दूर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
15668 बीमित किसान मुआवजे से दूर
Auraiya, Uttar pradesh, India
Updated Fri, 15 Apr 2016 11:44 PM IST
विज्ञापन
किसान
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
प्राकृतिक आपदा और मौसम की मार से बर्बाद फसलों के लिए बीमा कराने वाले जिले भर के किसान एक बार फिर छले गए हैं। खरीफ सत्र 2015-16 में धान, बाजरा की फसलों का बीमा कराने जिले के 25605 किसानों में से 15668 किसानों को बाहर का रास्ता दिखा दिया है। अनुबंधित बीमा कंपनी की ओर से मौसम आधारित फसली बीमा योजना के तहत जिले के लिए छह करोड़ एक लाख 54 हजार 741 रुपये की मुआवजे की धनराशि जारी कर दी है।
खरीफ सीजन 2015-16 में जिले में किसान क्रेडिट कार्ड लेने वाले 59914 किसानों में से 25605 किसानों ने अपनी फसलों को नुकसान से बचाने के लिए बीमा कराया था। इन बीमित किसानों की ओर से फसलों का बीमा कराने के एवज में अनुबंधित बीमा कंपनी आईसीआईसीआई-लोम्बार्ड को दो करोड़ 74 लाख रुपये की भारी-भरकम धनराशि प्रीमियम राशि के रूप में बैंकों के माध्यम से प्रदान की गई थी।
खरीफ सीजन 2015-16 में कमजोर मानसून के चलते ज्यादातर बीमित किसानों की फसलें सूखे की भेंट चढ़ गई थीं। फसलों बर्बादी से उजड़े बीमित किसान जहां बर्बाद बीमित फसलों के मुआवजे का बेसब्री से इंतजार कर रहे थे। फसली बीमा योजना के तहत जिले के बड़ी संख्या में बीमित किसानों को मुआवजे के बजाय उन्हें लाभार्थी सूची से बाहर कर दिया। उक्त खरीफ सत्र में अपनी फसलों का बीमा कराने वाले कुल 25605 किसानों के सापेक्ष 15668 किसानों को मुआवजा वितरण की लाभार्थी सूची से बाहर करते हुए अनुबंधित बीमा कंपनी की ओर से 9937 किसानों को ही पात्र करार देते हुए उनकी फसल नुकसान भरपाई को छह करोड़ एक लाख 54 हजार 741 रुपये की मुआवजा राशि जिले को उपलब्ध कराई गई है।
विज्ञापन
सबसे कम 1743 रुपये का मुआवजा
औरैया। फसल बीमा योजना के तहत खरीफ सत्र 2015-16 में नष्ट हुई बीमित फसलों के मुआवजे के क्रम में ओरिएंटल बैंक आफ कामर्स में पंजीकृत एकमात्र प्रीमियम धारक बीमित किसान को सबसे कम 1743 रुपये मुआवजे का निर्धारित किया गया है। वहीं जिले की सर्वाधिक शाखाओं वाली पूर्वांचल बैंक से संबद्ध सर्वाधिक 5273 किसानों को बतौर मुआवजे के तीन करोड़ 73 लाख 3112 रुपये के मुआवजे का निर्धारण किया गया है।
बैंकवार मुआवजा राशि पर एक नजर ---
बैंक बीमित किसान धनराशि
पूर्वाचंल बैंक 5273 30733112
सेंट्रल बैंक 1686 8598312
को-ऑपरेटिव बैंक 1302 3795234
एसबीआई 0837 3800302
पीएनबी 538 4095077
सिंडीकेट 124 916873
बैंक ऑफ इंडिया 082 509064
बैंक ऑफ बड़ौदा 14 29345
इलाहाबाद बैंक 09 69363
कैनरा बैंक 07 52868
कार्पोरेशन बैंक 29 29492
यूनियन बैंक 21 210655
यूको बैंक 12 46903
पंजाब एंड सिंध बैंक 01 18316
आईडीबीआई 01 28046
ओबीसी बैंक 01 1743
खरीफ सत्र 2015-16 में कमजोर मानसून के कारण बर्बाद हुई फसलों के मुआवजे का निर्धारण राजस्व विभाग, कृषि विभाग व बीमा कंपनी ने संयुक्त रूप से गांव में जाकर सर्वे रिपोर्ट के आधार पर किया है। इसी के आधार पर पीड़ित किसानों का चयन किया गया है।
- दीपक गुप्ता (जनसंपर्क अधिकारी, आईसीआईसीआई लोम्बार्ड)
फसली बीमा योजना की अनुबंधित बीमा कंपनी की ओर से खरीफ सीजन 2015-16 में कमजोर मानसून से बर्बाद हुई 9937 किसानों फसलों के मुआवजे की धनराशि प्राप्त कराई गई है। लाभार्थी किसानों की संख्या के आधार पर संबंधित बैंकों को धनराशि जारी की जा रही है।
दूधनाथ
अग्रणी जिला प्रबंधक
विज्ञापन
खरीफ सीजन 2015-16 में जिले में किसान क्रेडिट कार्ड लेने वाले 59914 किसानों में से 25605 किसानों ने अपनी फसलों को नुकसान से बचाने के लिए बीमा कराया था। इन बीमित किसानों की ओर से फसलों का बीमा कराने के एवज में अनुबंधित बीमा कंपनी आईसीआईसीआई-लोम्बार्ड को दो करोड़ 74 लाख रुपये की भारी-भरकम धनराशि प्रीमियम राशि के रूप में बैंकों के माध्यम से प्रदान की गई थी।
विज्ञापन
खरीफ सीजन 2015-16 में कमजोर मानसून के चलते ज्यादातर बीमित किसानों की फसलें सूखे की भेंट चढ़ गई थीं। फसलों बर्बादी से उजड़े बीमित किसान जहां बर्बाद बीमित फसलों के मुआवजे का बेसब्री से इंतजार कर रहे थे। फसली बीमा योजना के तहत जिले के बड़ी संख्या में बीमित किसानों को मुआवजे के बजाय उन्हें लाभार्थी सूची से बाहर कर दिया। उक्त खरीफ सत्र में अपनी फसलों का बीमा कराने वाले कुल 25605 किसानों के सापेक्ष 15668 किसानों को मुआवजा वितरण की लाभार्थी सूची से बाहर करते हुए अनुबंधित बीमा कंपनी की ओर से 9937 किसानों को ही पात्र करार देते हुए उनकी फसल नुकसान भरपाई को छह करोड़ एक लाख 54 हजार 741 रुपये की मुआवजा राशि जिले को उपलब्ध कराई गई है।
विज्ञापन
सबसे कम 1743 रुपये का मुआवजा
औरैया। फसल बीमा योजना के तहत खरीफ सत्र 2015-16 में नष्ट हुई बीमित फसलों के मुआवजे के क्रम में ओरिएंटल बैंक आफ कामर्स में पंजीकृत एकमात्र प्रीमियम धारक बीमित किसान को सबसे कम 1743 रुपये मुआवजे का निर्धारित किया गया है। वहीं जिले की सर्वाधिक शाखाओं वाली पूर्वांचल बैंक से संबद्ध सर्वाधिक 5273 किसानों को बतौर मुआवजे के तीन करोड़ 73 लाख 3112 रुपये के मुआवजे का निर्धारण किया गया है।
बैंकवार मुआवजा राशि पर एक नजर ---
बैंक बीमित किसान धनराशि
पूर्वाचंल बैंक 5273 30733112
सेंट्रल बैंक 1686 8598312
को-ऑपरेटिव बैंक 1302 3795234
एसबीआई 0837 3800302
पीएनबी 538 4095077
सिंडीकेट 124 916873
बैंक ऑफ इंडिया 082 509064
बैंक ऑफ बड़ौदा 14 29345
इलाहाबाद बैंक 09 69363
कैनरा बैंक 07 52868
कार्पोरेशन बैंक 29 29492
यूनियन बैंक 21 210655
यूको बैंक 12 46903
पंजाब एंड सिंध बैंक 01 18316
आईडीबीआई 01 28046
ओबीसी बैंक 01 1743
खरीफ सत्र 2015-16 में कमजोर मानसून के कारण बर्बाद हुई फसलों के मुआवजे का निर्धारण राजस्व विभाग, कृषि विभाग व बीमा कंपनी ने संयुक्त रूप से गांव में जाकर सर्वे रिपोर्ट के आधार पर किया है। इसी के आधार पर पीड़ित किसानों का चयन किया गया है।
- दीपक गुप्ता (जनसंपर्क अधिकारी, आईसीआईसीआई लोम्बार्ड)
फसली बीमा योजना की अनुबंधित बीमा कंपनी की ओर से खरीफ सीजन 2015-16 में कमजोर मानसून से बर्बाद हुई 9937 किसानों फसलों के मुआवजे की धनराशि प्राप्त कराई गई है। लाभार्थी किसानों की संख्या के आधार पर संबंधित बैंकों को धनराशि जारी की जा रही है।
दूधनाथ
अग्रणी जिला प्रबंधक