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सड़ांध युक्त पानी से निजात दिलाने के नाम पर सैनिकों को गुमराह कर रही पालिका
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औरैया। शहर में यमुना रोड पर स्थित सैनिक कालोनी में रह रहे सैनिकों व उनके परिवारीजनों को लंबे समय से कांशीराम कालोनी से निकलने वाले बदबूदार पानी के बीच रहने को मजबूर होना पड़ रहा है। कालोनी के लोगों को कई बार पालिका के चक्कर लगाए लेकिन आज तक समस्या निदान के नाम पर सिर्फ आश्वासन ही हाथ लगा है। ऐसे में पालिका प्रशासन सैनिकों व उनके परिवारीजनों को समस्या से छुटकारा देने के नाम पर गुमराह कर रहा है।
सैनिक कालोनी के पास बनी कांशीराम कालोनी से प्रतिदिन सैकड़ों लीटर सीवर व घरों का गंदा पानी परिसर में भरता रहा है। इस पानी से उठती बदबू के बीच सैनिक कालोनी में रह रहे पूर्व सैनिकों व सैनिकों के परिवारीजनों को जीवनयापन करने को मजबूर होना पड़ रहा है। इस संबंध में पूर्व में सैनिकों व उनके परिजनों के अलावा कालोनी के लोगों ने तत्कालीन जेई राधा तिवारी के नाम एक प्रार्थना पत्र पालिका कर्मियों को देकर समस्या से निजात दिलाने की मांग की थी। ईओ की ओर से 18 लाख रुपये से नाला स्वीकृत होने व जल्द ही उसका निर्माण कार्य कराए जाने का आश्वासन दिया गया था।
उनके स्थानांतरण हो जाने के बाद तत्कालीन ईओ सुधीर सिंह ने बताया कि अभी उक्त नाला बनाए जाने के लिए इस्टीमेट ही बनाया गया है। इसके उपरांत बोर्ड बैठक में उक्त नाले का प्रस्ताव रखा जाएगा। बोर्ड से स्वीकृति मिलने के बाद ही उसके निर्माण की दिशा में कदम आगे बढ़ाए जाएंगे। पालिका प्रशासन की ओर से सैनिकों से यह सिर्फ एक ही हवाई वायदा नहीं किया गया है। बल्कि तीन दिन पहले पालिका पहुंचे पीड़ितों को शुक्रवार से उक्त समस्या वाले स्थान पर मिट्टी डलवाकर ऊंचा कराए जाने का आश्वासन दिया गया था लेकिन जब मौके पर जाकर हकीकत परखी तो इसमें भी पालिका प्रशासन फेल साबित हुआ। सैनिकों के घरों के बाहर गंदा पानी अभी भी पूर्व की भांति ही भरा हुआ है। ऐसे में पालिका प्रशासन की ओर से सैनिकों व उनके परिवार के साथ किए जा रहे छलावों से उनमें आक्रोश दिखाई दे रहा है।
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क्या कहते हैं जिम्मेदार---
ठेकेदार को दो दिन पहले ही उक्त स्थान पर मिट्टी डालने के निर्देश दे दिए गए थे। अगर वहां पर अभी तक मिट्टी डालने का काम शुरू नहीं किया गया है तो इसकी जांच कराई जाएगी। --- सुधीर सिंह
ईओ नगर पालिका परिषद
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सैनिक कालोनी के पास बनी कांशीराम कालोनी से प्रतिदिन सैकड़ों लीटर सीवर व घरों का गंदा पानी परिसर में भरता रहा है। इस पानी से उठती बदबू के बीच सैनिक कालोनी में रह रहे पूर्व सैनिकों व सैनिकों के परिवारीजनों को जीवनयापन करने को मजबूर होना पड़ रहा है। इस संबंध में पूर्व में सैनिकों व उनके परिजनों के अलावा कालोनी के लोगों ने तत्कालीन जेई राधा तिवारी के नाम एक प्रार्थना पत्र पालिका कर्मियों को देकर समस्या से निजात दिलाने की मांग की थी। ईओ की ओर से 18 लाख रुपये से नाला स्वीकृत होने व जल्द ही उसका निर्माण कार्य कराए जाने का आश्वासन दिया गया था।
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उनके स्थानांतरण हो जाने के बाद तत्कालीन ईओ सुधीर सिंह ने बताया कि अभी उक्त नाला बनाए जाने के लिए इस्टीमेट ही बनाया गया है। इसके उपरांत बोर्ड बैठक में उक्त नाले का प्रस्ताव रखा जाएगा। बोर्ड से स्वीकृति मिलने के बाद ही उसके निर्माण की दिशा में कदम आगे बढ़ाए जाएंगे। पालिका प्रशासन की ओर से सैनिकों से यह सिर्फ एक ही हवाई वायदा नहीं किया गया है। बल्कि तीन दिन पहले पालिका पहुंचे पीड़ितों को शुक्रवार से उक्त समस्या वाले स्थान पर मिट्टी डलवाकर ऊंचा कराए जाने का आश्वासन दिया गया था लेकिन जब मौके पर जाकर हकीकत परखी तो इसमें भी पालिका प्रशासन फेल साबित हुआ। सैनिकों के घरों के बाहर गंदा पानी अभी भी पूर्व की भांति ही भरा हुआ है। ऐसे में पालिका प्रशासन की ओर से सैनिकों व उनके परिवार के साथ किए जा रहे छलावों से उनमें आक्रोश दिखाई दे रहा है।
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क्या कहते हैं जिम्मेदार---
ठेकेदार को दो दिन पहले ही उक्त स्थान पर मिट्टी डालने के निर्देश दे दिए गए थे। अगर वहां पर अभी तक मिट्टी डालने का काम शुरू नहीं किया गया है तो इसकी जांच कराई जाएगी। --- सुधीर सिंह
ईओ नगर पालिका परिषद