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मानसिक रूप से बीमार नवोदय के छात्र ने फांसी लगाकर दी जान

Wed, 21 Mar 2018 10:52 PM IST
Updated Wed, 21 Mar 2018 10:52 PM IST
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मानसिक रूप से बीमार नवोदय के छात्र ने फांसी लगाकर दी जान
अमर उजाला ब्यूरो
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सहार (औरैया)। सहायल थाना क्षेत्र के तैयापुर गांव स्थित जवाहर नवोदय विद्यालय के छात्र ने बुधवार को सुबह फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। विद्यालय परिसर में हुई इस घटना से हड़कंप मच गया। विद्यालय स्टाफ ने आनन-फानन छात्र को फंदे से उतार कर सीएचसी में भर्ती कराया। वहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। एसडीएम बिधूना और सीओ बिधूना भी अस्पताल पहुंच गए। विद्यालय के प्रधानाचार्य ने बताया छात्र मानसिक रूप से बीमार रहता था। उसका 2017 से इलाज चल रहा था। इस बात की पुष्टि छात्र के बड़े भाई ने भी की है।
औरैया के जरहुलिया गांव निवासी सीताराम परमार का बेटा मनीष कुमार परमार (15) जवाहर नवोदय विद्यालय तैयापुर में कक्षा 10 में पढ़ता था। बुधवार सुबह 9:30 बजे के आसपास उसने विद्यालय की सीढ़ियों से लटककर आत्महत्या कर ली। विद्यालय के सफाई कर्मी ने जब विद्यालय की सीढ़ियों से छात्र को लटकते देखा तो जानकारी प्रधानाचार्य को दी। इस पर प्रधानाचार्य समेत विद्यालय स्टाफ मौके पर पहुंचा और छात्र को उतारकर 108 एबुंलेंस से छात्र को ले जाकर सीएचसी सहार में भर्ती कराया। वहां देखने के बाद डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। सीएचसी में छात्रों और स्थानीय लोगों की भीड़ लगी रही। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। घटना की जानकारी मिलने पर एसडीएम बिधूना प्रवेंद्र प्रताप, सीओ बिधूना भास्कर वर्मा समेत बेला, सहायल, और दिबियापुर के एसओ मौके पर पहुंच गए। सीओ ने बताया कि मामले की जांच की जाएगी। अब तक परिजनों ने तहरीर नहीं दी है।
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इनसेट
झांसी मेडिकल कॉलेज में चल रहा था इलाज
विद्यालय के प्रधानाचार्य मुरलीधर सक्सेना ने बताया कि मनीष 2017 से मानसिक रूप से बीमार चल रहा था। उसका इलाज महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज झांसी के पूर्व मानसिक रोग विभागाध्यक्ष डॉ.गणेश दत्त शुक्ल से चल रहा था। इस बात की जानकारी छात्र के पिता ने लिखित रूप से विद्यालय प्रशासन को दी थी।
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फफक पड़ा बड़ा भाई
सीएचसी में पहुंचे छात्र मनीष के बड़े भाई लोकेंद्र परमार शव देखते ही फफक पड़े। उन्होंने बताया कि पिता सीताराम परमार दिल्ली में रहकर प्राइवेट नौकरी करते हैं। सोमवार को वह मनीष को लेकर विद्यालय आया था और छोड़कर गया था। उसने बताया कि छात्र की मानसिक स्थिति ठीक नहीं रहती थी। उसका इलाज झांसी में करा रहे थे। अब वह कुछ ठीक था। उसने फांसी क्यों लगा ली। यह स्पष्ट नहीं है।
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साथी छात्र क्लास में कर रहे थे सेल्फ स्टडी
दिबियापुर। बुधवार सुबह जवाहर नवोदय विद्यालय के कक्षा 12 के छात्र सीबीएसई बोर्ड का एग्जाम होने के कारण दिबियापुर परीक्षा देने गए थे। जबकि कक्षा 10 के सभी छात्र छात्राएं गुुरुवार को होने वाले सोशल साइंस के बोर्ड एग्जाम की तैयारी के लिए लॉन एवं कक्षाओं में बैठकर तैयारी कर रहे थे। छात्र छात्राओं के न होने के कारण हॉस्टल में ताला लगा था। इसी बीच करीब 11 बजे स्कूल का स्वीपर विजय कुमार सफाई के लिए नीलगिरी जूनियर हाउस हॉस्टल के पास बने शौचालय में सफाई करने गया। यहां देखा कि पास में सीढ़ियों की रेलिंग से एक छात्र फांसी लगाकर लटका हुआ है। स्वीपर ने तत्काल घटना की सूचना प्राचार्य मुरलीधर सक्सेना को दी।

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एनडीए में अफसर बनना चाहता था
मनीष के साथी छात्र बताते हैं कि बुधवार सुबह असेंबली में मनीष ने साथी छात्रों से गुड मॉर्निंग की थी। सुबह ही वह अपने साथियों से कह रहा था कि वह एनडीए में जाकर सेना का अफसर बनना चाहता है। जैसे ही साथी छात्रों ने मनीष की मौत की खबर सुनी तो वे स्तब्ध रह गए।


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छात्र ने एकांत चुन उठाया आत्महत्या जैसा कदम
कक्षा 10 के छात्र सेल्फ स्टडी के लिए हॉस्टल से दूर अपनी कक्षाओं में थे। जबकि कक्षा 12 के छात्र बोर्ड परीक्षा के लिए दिबियापुर गए थे। इसलिए हॉस्टल खाली था। हॉस्टल में छात्र का रूम उदयगिरी सीनियर हाउस में। लेकिन मनीष ने एकांत में जूनियर कक्षाओं के लिए बने नीलगिरी जूनियर हाउस के हॉस्टल को चुना।

- मानसिक रूप से बीमार नवोदय के छात्र ने फांसी लगाकर दी जान
- जवाहर नवोदय विद्यालय तैयापुर का मामला, विद्यालय में मचा हड़कंप
- एसडीएम और सीओ मौके पर पहुंचे, बोले, जांच की जाएगी
- प्रधानाचार्य और बड़े भाई ने बताया मानसिक रूप से बीमार था छात्र








































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































21 एयूआरपी03--सीएचसी पहुंचे बड़े भाई शव देखकर फफक पड़े।
21 एयूआरपी04--सीएचसी के बाहर खड़े अफसर।
21 एयूआरपी05--छात्र मनीष की फाइल फोटो।
21 एयूआरपी06--घटना के संबंध में बातचीत करते अफसर।
21 एयूआरपी07--विद्यालय की ओर से जारी किया गया बीमारी का पत्र।
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