{"_id":"62571bb5fa893b61a755eba2","slug":"10-years-rigorous-imprisonment-for-molestation-auraiya-news-knp6910682102","type":"story","status":"publish","title_hn":"छेडख़ानी के दोषी को 10 साल का कठोर कारावास","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
छेडख़ानी के दोषी को 10 साल का कठोर कारावास
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
औरैया। विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट मनराज सिंह ने नाबालिग से घर में घुसकर छेड़छाड़ करने वाले उल्लन उर्फ रामकुमार निवासी बेल्हूपुर को 10 साल के कठोर कारावास और 60 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड न देने पर अतिरिक्त सजा भुगतनी पड़ेगी।
अभियोजन की ओर से मामले की पैरवी कर रहे शासकीय अधिवक्ता अभिषेक मिश्रा, विशेष लोक अभियोजक जितेंद्र सिंह तोमर और मृदुल मिश्रा ने बताया कि पीड़िता के पिता ने लिखाई रिपोर्ट में बताया कि 17 जनवरी 2014 को दिन के 12 बजे वह पत्नी के साथ खेतों पर दवाई छिड़कने गए थे।
इसी बीच उल्लन उर्फ रामकुमार और प्रदीप कुमार घर में घुस आए और उसकी 17 वर्षीय पुत्री को पीटकर चारपाई पर धकेल दिया। यह भी आरोप लगाया कि बारी-बारी से दुष्कर्म किया। छोटी लड़की अचानक घर पर आ गई और उसने शोर मचाया। शोर सुनकर आए लोगों ने ललकारा तो दोनों धमकी देते हुए भाग गए।
विज्ञापन
पुलिस ने विवेचना कर दोनों नामजदों के खिलाफ चार्जशीट कोर्ट में प्रस्तुत की। आरोपी प्रदीप कुमार की पत्रावली पृथक कर दी गई थी, जिसमें 28 मई 2019 को कोर्ट से निर्णय पारित हो चुका है।
उल्लन उर्फ रामकुमार निवासी बेल्हूपुर के खिलाफ विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट मनराज सिंह की कोर्ट में मुकदमा चला। अभियोजन व बचाव पक्ष की बहस सुनने के बाद कोर्ट ने दुष्कर्म का मामला नहीं माना।
छेड़छाड़ में पॉक्सो एक्ट के अभियुक्त उल्लन उर्फ रामकुमार को 10 साल के कठोर कारावास व 60 हजार रुपये अर्थदंड की सजा से दंडित किया। अन्य धाराओं में अलग-अलग सजा सुनाई गई। अर्थदंड अदा न करने पर दोषी को अतिरिक्त सजा काटनी होगी।
विज्ञापन
अभियोजन की ओर से मामले की पैरवी कर रहे शासकीय अधिवक्ता अभिषेक मिश्रा, विशेष लोक अभियोजक जितेंद्र सिंह तोमर और मृदुल मिश्रा ने बताया कि पीड़िता के पिता ने लिखाई रिपोर्ट में बताया कि 17 जनवरी 2014 को दिन के 12 बजे वह पत्नी के साथ खेतों पर दवाई छिड़कने गए थे।
विज्ञापन
इसी बीच उल्लन उर्फ रामकुमार और प्रदीप कुमार घर में घुस आए और उसकी 17 वर्षीय पुत्री को पीटकर चारपाई पर धकेल दिया। यह भी आरोप लगाया कि बारी-बारी से दुष्कर्म किया। छोटी लड़की अचानक घर पर आ गई और उसने शोर मचाया। शोर सुनकर आए लोगों ने ललकारा तो दोनों धमकी देते हुए भाग गए।
विज्ञापन
पुलिस ने विवेचना कर दोनों नामजदों के खिलाफ चार्जशीट कोर्ट में प्रस्तुत की। आरोपी प्रदीप कुमार की पत्रावली पृथक कर दी गई थी, जिसमें 28 मई 2019 को कोर्ट से निर्णय पारित हो चुका है।
उल्लन उर्फ रामकुमार निवासी बेल्हूपुर के खिलाफ विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट मनराज सिंह की कोर्ट में मुकदमा चला। अभियोजन व बचाव पक्ष की बहस सुनने के बाद कोर्ट ने दुष्कर्म का मामला नहीं माना।
छेड़छाड़ में पॉक्सो एक्ट के अभियुक्त उल्लन उर्फ रामकुमार को 10 साल के कठोर कारावास व 60 हजार रुपये अर्थदंड की सजा से दंडित किया। अन्य धाराओं में अलग-अलग सजा सुनाई गई। अर्थदंड अदा न करने पर दोषी को अतिरिक्त सजा काटनी होगी।