Auraiya Crime: नाबालिग के अपहरण और दुष्कर्म का मामला, दोषी को 10 साल की कैद, अर्थदंड भी ठोका
दोनों पक्षकारों को सुनने के बाद एडीजे मनराज सिंह ने आजम को नाबालिग के अपहरण व दुष्कर्म का दोषी माना। उसे कुल 10 साल के कठोर कारावास व 50 हजार रुपये अर्थदंड की सजा से दंडित किया।
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औरैया जिले में विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट मनराज सिंह ने दिबियापुर थाना क्षेत्र के नाबालिग के अपहरण व दुष्कर्म के मामले के दोषी को 10 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। 50 हजार रुपये अर्थदंड की सजा से दंडित भी किया है। इस मामले में पैरवी कर रहे डीजीसी अभिषेक मिश्रा ने बताया कि दिबियापुर थाना क्षेत्र के गांव गढ़े का पुर्वा में एक ईटों का प्लांट लगा है।
इस प्लांट में ठेकेदार इसरार ने लगभग 10 श्रमिकों से काम करता था। उनमें से एक श्रमिक जिला सहारनपुर के थाना रामगढ़ नकुड़ के तिगड़ी गांव निवासी आजम भी काम करता है। 28 फरवरी 2018 को आजम वादी की 15 वर्षीय नाबालिग पुत्री को बहला-फुसलाकर ले गया। जिसकी नामजद रिपोर्ट थाना दिबियापुर में दर्ज की गई।
पुलिस ने दोनों की बरामदगी के बाद नाबालिग के अपहरण व दुष्कर्म की चार्जशीट आजम के खिलाफ कोर्ट में प्रस्तुत की। यह मुकदमा विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट मनराज सिंह की कोर्ट में चला। अभियोजन की ओर से विशेष लोक अभियोजक पॉक्सो जितेंद्र सिंह तोमर व मृदुल मिश्रा ने नाबालिग के साथ किए गए।
इस अपराध पर कठोर दंड देने की बहस की। दोनों पक्षकारों को सुनने के बाद एडीजे मनराज सिंह ने आजम को नाबालिग के अपहरण व दुष्कर्म का दोषी माना। तथा उसे कुल 10 साल के कठोर कारावास व 50 हजार रुपये अर्थदंड की सजा से दंडित किया। अर्थदंड अदा न करने पर एक साल अतिरिक्त सजा भुगतनी पड़ेगी। कोर्ट ने प्रस्तुत मामले की जमा कराई गयी अर्थदंड की धनराशि में से आधी धनराशि पीड़िता को अदा करने का भी आदेश दिया।