अतीक के परिवार का काला चिट्ठा: बेटा असद एनकाउंटर में ढेर, पत्नी शाइस्ता की खोज में पुलिस, दो बेटे जेल में
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माफिया अतीक अहमद और अशरफ की गोली मारकर हत्या कर दी गई है। दोनों को पांच दिनों की रिमांड पर लाया गया था। पुलिस उनसे पूछताछ कर रही थी। इसी बीच मेडिकल कॉलेज के पास दोनों की हत्या कर दी गई। गत दिनों उमेश पाल हत्याकांड में अतीक अहमद को उम्रकैद की सजा सुनाई गई थी। बताया जा रहा है कि हमलावर पकड़े गए हैं।
अतीक अहमद पर 101 मुकदमे दर्ज थे जबकि अशरफ पर 65 से अधिक मुकदमे दर्ज थे। मौके से दो पिस्टल और छह खोखे बरामद किए गए हैं। दोनों को कॉल्विन अस्पताल ले जाया गया था। इसी दौरान घटना को अंजाम दिया गया। दोनों के सिर में गोली मारी गई और मौके पर ही दोनों की मौत हो गई। शवों को मेडिकल कॉलेज ले जाया गया है।
बेटों का भी आपराधिक रिकॉर्ड
अतीक अहमद ने 1996 में शाइस्ता परवीन से निकाह किया था। इन दोनों के पांच बेटे हैं- मोहम्मद उमर, मोहम्मद अली, असद अहमद और दो नाबालिग बेटे। इसके पांच में से चार बेटों का भी आपराधिक रिकॉर्ड है। दो बेटे- मोहम्मद उमर और मोहम्मद अली जेल में बंद हैं जबकि, दो बेटे- मोहम्मद अहजम और मोहम्मद आबान के बारे में पता नहीं चल पाया कि ये अभी कहां है।
वहीं अतीक का बेटा असद अहमद उमेश पाल हत्याकांड का आरोपी था और 24 फरवरी को हुए हत्याकांड के बाद से पुलिस उसे ढूंढ रही थी। 13 अप्रैल को यूपी एसटीएफ ने झांसी में असद का एनकाउंटर कर दिया है। असद पर पांच लाख का इनाम घोषित था।
दो लाख के इनामी मोहम्मद उमर पर रंगदारी का आरोप है। पिछले साल अगस्त में उसने सीबीआई के सामने सरेंडर कर दिया था। वहीं, मोहम्मद अली पर हत्या के प्रयास का मामला दर्ज है जबकि, दो बेटों को उमेश पाल हत्याकांड के मामले में पुलिस ने हिरासत में लिया है। रोचक बात यह है कि पुलिस इससे साफ इनकार कर रही है लेकिन इनकी मां शाइस्ता परवीन का कहना है कि दोनों को पुलिस अपने साथ लेकर गई थी और तब से ही दोनों का कोई सुराग नहीं है।
AIMIM छोड़ बसपा में शामिल हुई शाइस्ता परवीन
साल की शुरुआत में ही अतीक अहमद की पत्नी शाइस्ता परवीन बहुजन समाज पार्टी में शामिल हुई है। उनके अलावा बेटे अहजम अहमद ने भी बसपा की सदस्यता ली है। चर्चा थी कि बसपा उन्हें प्रयागराज मेयर पद का प्रत्याशी बना सकती हैं लेकिन उमेश पाल की हत्या के बाद मायावती ने अपनी प्रेस कॉन्फ्रेंस में इससे इनकार कर दिया।
बता दें कि यूपी विधानसभा चुनाव से पहले शाइस्ता परवीन ने असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी एआईएमआईएम ज्वाइन किया था। खुद ओवैसी ने लखनऊ में उन्हें पार्टी की सदस्यता दिलाई थी। इसके बाद उन्हें चुनाव में उम्मीदवार भी बनाया गया लेकिन उन्होंने चुनाव लड़ने से इनकार कर दिया था। शाइस्ता भी उमेश पाल हत्याकांड में फरार चल रही है और उस पर पुलिस ने हाल ही में इनाम दोगुना करते हुए 50 हजार रुपये कर दिया है।