फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   Sold jewelry and land to buy BAMS degree investigation revealed it was fake and he became an accused

डॉक्टर बनने का सपना पड़ा महंगा: जेवर-जमीन बेचकर खरीदी डिग्री; जांच में निकली फर्जी, बन गए मुल्जिम

Sun, 30 Aug 2026 11:47 AM IST
Bhupendra Singh चंद्रभान यादव, अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
चंद्रभान यादव, अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ Published by: Bhupendra Singh Updated Sun, 30 Aug 2026 11:47 AM IST
सार

यूपी में कुछ लोगों को डॉक्टर बनने का सपना महंगा पड़ गया। बीएएमएस की फर्जी डिग्री ने इन्हें मुल्जिम बना दिया। डिग्री देने वाले रैकेट ने लाखों रुपये वसूले थे। आगे पढ़ें पूरी खबर...

विज्ञापन
Sold jewelry and land to buy BAMS degree investigation revealed it was fake and he became an accused
डॉक्टर बनने का सपना पड़ा महंगा - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

डॉक्टर बनने का सपना पूरा करने के लिए किसी ने अपने और सास के जेवर बेचे तो किसी ने मां के गहने व पैतृक जमीन। जहां बुलाया गया, वहां पहुंचे और जालसाजों की हर मांग पूरी करते गए। लाखों रुपये खर्च करने के बाद पता चला कि जिन डिग्रियों के सहारे डॉक्टर बनकर काम कर रहे थे...सब फर्जी थीं। ऐसे डिग्रीधारक अब मुकदमे और कार्रवाई के दायरे में हैं। 

विज्ञापन


बीएएमएस की फर्जी डिग्री हासिल करने वाले 41 लोगों का यूपी में पंजीयन रद्द किया गया है। इनमें अवध और पूर्वांचल क्षेत्र के कई लोग शामिल हैं। इनमें से कुछ ने अमर उजाला को आपबीती सुनाई।

विज्ञापन

जेवर बेचे, फिर भी नहीं बन सकीं डॉक्टर

अवध क्षेत्र की एक महिला ने बताया कि कोचिंग के लिए कानपुर गई थीं। वहां माल रोड निवासी विनोद गौड़ से मुलाकात हुई। हरियाणा के एक कॉलेज में बीएएमएस में दाखिले के लिए 15 लाख रुपये में बात तय हुई। इसके लिए अपने और सास के जेवर बेचे। हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की मार्कशीट भी दी।

विज्ञापन
विज्ञापन

सालभर बाद हाजिरी पूरी कराने के नाम पर आठ लाख रुपये और मांगे। कर्ज लेकर पांच लाख दिए। हालत इतनी खराब हुई कि बच्चों का दूध और स्कूल जाना बंद हो गया। 

वर्ष 2021 में विनोद ने उन्हें लखनऊ बुलाकर नगर निगम कार्यालय के पास आयुर्वेदिक, यूनानी तिब्बी चिकित्सा पद्धति बोर्ड के पंजीयन समेत प्रमाणपत्र सौंप दिए। अप्रैल 2025 में फर्जीवाड़े का नोटिस मिला तो सच सामने आया। कानपुर पहुंचने पर पता चला कि विनोद की मौत हो चुकी है। महिला ने डिस्पेंसरी बंद कर सभी दस्तावेज क्षेत्रीय आयुर्वेदिक यूनानी कार्यालय में जमा कर दिए।

जमीन बेचकर इकट्ठे किए 15 लाख रुपये

पूर्वांचल के एक युवक ने बताया कि मुंबई से हाईस्कूल व इंटर करने के बाद अहमदनगर निवासी डॉ. नीलकंठ मिश्रा से संपर्क हुआ। वह कर्नाटक और हरियाणा समेत कई राज्यों में बीएएमएस में दाखिला कराते थे। करीब 300 से ज्यादा युवाओं का दाखिला करा चुके थे। पैसे जुटाने के लिए मां के जेवर और गांव की पांच बिस्वा जमीन बिकवा दी। वर्ष 2014 में 15 लाख रुपये दिए। कुरुक्षेत्र के श्री कृष्णा आयुर्वेदिक कॉलेज में दाखिला हो गया।



पढ़ाई व परीक्षा अहमदनगर में हुई। पांच साल बाद डिग्री मिली तो यूपी के आयुर्वेदिक, यूनानी तिब्बी बोर्ड में पंजीयन करा अस्पताल खोला। अप्रैल 2025 के नोटिस के बाद अहमदनगर पहुंचा तो संस्थान बंद मिला। पुलिस में शिकायत करने पर पता चला कि डॉ. मिश्रा जेल में हैं। अब उनके सामने डिग्री, पेशे और भविष्य तीनों को लेकर संकट खड़ा है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed