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फंदे पर लटकता मिला युवक का शव
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अमरोहा। नगर कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला छेबड़ा में युवक का शव कमरे में फंदे पर लटकता मिला। युवक अपने परिवार से अलग किराये के मकान में रहता था। वह काफी दिनों से बीमार चल रहा था। पुलिस ने मामले की जांच पड़ताल की। उसके परिजनों ने घटनास्थल पर आने से इनकार कर दिया है। पुलिस ने शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
नगर कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला बेगम सराय कला में स्व. वैदनाथ का परिवार रहता है। उनके परिवार में पत्नी रूबी के अलावा बेटा धीरज (28) था। वैदनाथ की मौत के बाद रूबी अपने देवर रमेश के साथ रहने लगी। तीन साल से वह मोहल्ला छेबड़ा में नंदराम प्रजापति के घर किराये के कमरे में रहता था। धीरज यहीं रहकर छोले-भटूरे के ठेले पर मजदूरी करता था। पिछले कुछ दिनों से वह बीमार चल रहा था। उसका दिल्ली के एक निजी अस्पताल में इलाज चल रहा था। नौ मार्च को वह ठेले पर काम करने गया था। इसके बाद वह काम पर नहीं पहुंचा। शनिवार को छोले भटूरे का ठेला लगाने वाले भूरे उर्फ ईश्वर चंद उसके पास पहुंचे। यहां देखा तो कमरे का गेट अंदर से बंद था। उन्होंने मकान मालिक के साथ मिलकर कमरे का दरवाजा खोला तो उनके होश उड़ गए। धीरज का शव फंदे पर लटका हुआ था। उसके दोनों पैर जमीन से भिड़े हुए थे। जबकि फर्श और चप्पलों पर खून पड़ा था। खून देखकर हत्या या आत्महत्या का अंदाजा लगाना मुश्किल था। घटना के बाद स्थानीय लोगों की भीड़ जमा हो गई। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंच गई। शव को कब्जे में लेकर जांच पड़ताल की। इंस्पेक्टर रविंद्र सिंह ने बताया कि धीरज लंबे समय से बीमार चल रहा था। जिससे तंग आकर उसने आत्महत्या कर ली है। उसके परिजनों ने भी आने से इंकार कर दिया है। फिलहाल शव का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है। इसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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नगर कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला बेगम सराय कला में स्व. वैदनाथ का परिवार रहता है। उनके परिवार में पत्नी रूबी के अलावा बेटा धीरज (28) था। वैदनाथ की मौत के बाद रूबी अपने देवर रमेश के साथ रहने लगी। तीन साल से वह मोहल्ला छेबड़ा में नंदराम प्रजापति के घर किराये के कमरे में रहता था। धीरज यहीं रहकर छोले-भटूरे के ठेले पर मजदूरी करता था। पिछले कुछ दिनों से वह बीमार चल रहा था। उसका दिल्ली के एक निजी अस्पताल में इलाज चल रहा था। नौ मार्च को वह ठेले पर काम करने गया था। इसके बाद वह काम पर नहीं पहुंचा। शनिवार को छोले भटूरे का ठेला लगाने वाले भूरे उर्फ ईश्वर चंद उसके पास पहुंचे। यहां देखा तो कमरे का गेट अंदर से बंद था। उन्होंने मकान मालिक के साथ मिलकर कमरे का दरवाजा खोला तो उनके होश उड़ गए। धीरज का शव फंदे पर लटका हुआ था। उसके दोनों पैर जमीन से भिड़े हुए थे। जबकि फर्श और चप्पलों पर खून पड़ा था। खून देखकर हत्या या आत्महत्या का अंदाजा लगाना मुश्किल था। घटना के बाद स्थानीय लोगों की भीड़ जमा हो गई। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंच गई। शव को कब्जे में लेकर जांच पड़ताल की। इंस्पेक्टर रविंद्र सिंह ने बताया कि धीरज लंबे समय से बीमार चल रहा था। जिससे तंग आकर उसने आत्महत्या कर ली है। उसके परिजनों ने भी आने से इंकार कर दिया है। फिलहाल शव का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है। इसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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