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आंधी-बारिश में गिरे मकान, बुजुर्ग की मौत, फसलें बर्बाद
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सैदनगली क्षेत्र में सरसों की फसल बर्बाद होने पर खेत में माथे पर हाथ रखकर बैठा किसान
- फोटो : JPNAGAR
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अमरोहा। गुरुवार को दिन भर आसमान में छाए बादल आखिरकार रात में बरस पड़े। आंधी के साथ आफत की बारिश और ओलावृष्टि हुई। आंधी और बारिश में कई छप्पर और मिट्टी के मकान गिर गए। हसनपुर कोतवाली क्षेत्र के गांव भैंसरोली में छप्पर की नीचे दबकर बुजुर्ग किसान की मौत हो गई। वहीं, गंगोचोली में आंधी और बारिश ने कहर बरपाया। यहां दो कच्चे मकान गिर गए। हादसे में दो महिलाएं दबकर घायल हो गई। वहीं, एक मकान का टीनशेड उखड़ गया। इन घटनाओं को घर में रखा सारा सामान नष्ट हो गया। उधर, आंधी और बारिश में जगह-जगह सड़कों पर पेड़ गिर गए। इससे सड़कों पर आवागमन प्रभावित रहा। इसके अलावा बिजली के खंभे भी क्षतिग्रस्त हो गए। दूसरी ओर आंधी, बारिश और ओलावृष्टि की तिकड़ी ने आलू, सरसों, गेहूं की फसलों पर कहर बरपाया है।
सुबह छप्पर के नीचे दबा मिला किसान का शव
रूखालू। हसनपुर कोतवाली क्षेत्र के गांव भैंसरोली निवासी किसान लाला जाटव (55) पुत्र हरी सिंह गुरुवार की रात घर के बाहर छप्पर के नीचे सोए हुए थे। रात करीब बारह बजे अचानक आई आंधी और बारिश में छप्पर गिर गया। बुजुर्ग किसान उसके नीचे दब गए। किसान की मौके पर ही मौत हो गई। सुबह होने पर परिजनों को किसान का छप्पर के नीचे दबा मिला। आननफानन में परिजनों ने उसे छप्पर के नीचे से निकाला। किसान की मौत से परिजनों में कोहराम मच गया। किसान की पत्नी बिशनिया का रो-रोकर बुरा हाल है। किसान के चार बेटे हैं।
भरभराकर गिरे कच्चे मकान, उखड़े टीनशेड
रूखालू। हसनपुर कोतवाली क्षेत्र के गांव गंगाचोली में गुरुवार की रात आंधी और बारिश के साथ हुए ओलावृष्टि में विधवा गुलाबिया देवी का कच्चा मकान भरभराकर गिर गया। इस दौरान घर में सो रही गुलाबिया देवी दब गई। आननफानन में परिजनों ने उसे बाहर निकाला। तब तक कच्चे मकान में रखा इंजन, बाइक, नल, रजाई गद्दे, अनाज और अन्य जरूरी सामान दबकर नष्ट हो गए। घायल अवस्था में गुलबिया को निजी चिकित्सक के यहां भर्ती कराया गया है। वहीं, आंधी बारिश में गांव के बलबीर के दो कमरों और बरामदे का टीनशेड उड़कर दूर जा गिरा। घर में रखा जरूरी सामान अनाज, रजाई गद्दे, कपड़े, चारपाई आदि भीगकर बर्बाद हो गए। इसके अलावा गांव जसवंत, समरपाल, सतवीर, कल्लू का टीनशेड उड़कर दूर जा गिरा, जिससे सारा जरूरी सामान बर्बाद हो गया। गांव की विधवा मंसूरी का भी कच्चा मकान भरभराकर गिर गया। मकान के मलबे के नीचे दबकर मंसूरी गंभीर रूप से घायल हो गई। उसे एक निजी चिकित्सक के यहां भर्ती कराया गया है। घर में रखे कपड़े रजाई, गद्दे, अनाज समेत अन्य सामान खराब हो गए।
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50 से अधिक खंभे टूटे, बिजली आपूर्ति ठप
हसनपुर। गुरुवार रात आई आंधी और बारिश से जगह-जगह विद्युत पोल टूटकर गिर गए। जिससे आपूर्ति गड़बड़ा गई। गुरुवार रात भर आपूर्ति नहीं मिल पाई।
तेज आंधी से गन्ने की फसल पूरी तरह से बिछ गई है। सरसों की फसल भी चौपट हुई है। उधर, आंधी की वजह से नगर में दस बिजली के पोल अलग-अलग स्थानों पर टूट गए। इसके अलावा ग्रामीण क्षेत्र मिलाकर कुल पचास से अधिक बिजली के पोल टूटने की बात बिजली अफसर बता रहे हैं। जिनके नुकसान करीब दस लाख रुपये का अनुमान लगाया जा रहा है। गुरुवार शाम बारिश शुरू हो गई थी, तभी से बिजली आपूर्ति बंद हो गई थी। इसके बाद शुक्रवार शाम करीब साढ़े पांच बजे तक भी बिजली आपूर्ति नहीं मिल पाई। जिससे लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ा।
घरों पर गिरे पेड़, रास्तों पर भी यातायात प्रभावित
हसनपुर। आंधी-बारिश से गुरुवार रात शहर से लेकर ग्रामीण इलाके तक में पेड़ टूटकर गिरे। नगर की ब्लॉक कॉलोनी में दो घरों पर पेड़ गिर पड़ा। ब्लॉक कॉलोनी में तहसीलदार के ड्राइवर राकेश और धर्मवीर आवासीय कॉलोनी में रहते हैं। गुरुवार मध्यरात्रि आंधी में यूकेलिप्टिस का पेड़ घर के ऊपर गिर गया। जिससे मकान पूरी क्षतिग्रस्त हो गया। गनीमत रही कि कोई चपेट में नहीं आया। अन्यथा हादसा बड़ा भी हो सकता था। उधर, रहरा रोड पर भी पेड़ टूटकर गिरे। अतरासी मार्ग पर गांव करनपुर माफी में मंदिर के पास पेड़ टूटकर मार्ग पर गिर गया। जिससे कई घंटे मार्ग पर यातायात प्रभावित रहा। जिसकी वजह से लोगों को भारी परेशानियों को सामना करना पड़ा है। बारिश से जगह-जगह जलभराव की स्थिति बनी हुई है। जिससे आवागमन में परेशानी हो रही है।
आंधी और बारिश की वजह से क्षेत्र के किसानों की फसलों को काफी नुकसान हुआ है। शीघ्र ही मुख्यमंत्री से मिलकर फसलों के लिए मुआवजे की मांग की जाएगी। राजस्व विभाग के अफसरों से फसलों के नुकसान का अनुमान लगवाया जाएगा। - महेंद्र सिंह खड़गवंशी, विधायक हसनपुर
झड़ गए सरसों के फूल
सैदनगली/उझारी। गुरुवार शाम आसमान में काली घटा छा गई और तेज बारिश शुरू हो गई। रात करीब बारह बजे भारी मात्रा में क्षेत्र में ओले गिरे, जिससे क्षेत्र में शीतलहर का एहसास हुआ। वहीं शुक्रवार की सुबह बारिश शुरू हो गई। उधर मुख्य बाजार में तेज बारिश होने के कारण अधिकांश दुकानों में पानी भर गया जिससे दुकानदार भारी परेशानी महसूस कर रहे हैं। उधर तेज बारिश और ओलों से जहां गेहूं की फसल अधिकांश खेतों में जमीन पर बिछ गई है। वहीं सरसों के फूल झड़ गए। आलू और सरसों की फसल बर्बाद हो गए। जिससे किसानों के माथे पर लकीरें खिंच गई हैं।
...तो खेत में ही गल जाएगा आलू
रजबपुर। क्षेत्र में गुरुवार की रात से हो रही लगातार बारिश ने किसानों को बर्बाद कर दिया है। सबसे ज्यादा किसान की तैयार आलू की फसल बर्बाद हुई है। आलू की फसल पूर्ण रूप से तैयार है। भारी बारिश होने से खेतों में पानी भर गया, जिससे आलू खेत में ही गल जाएगा। वहीं किसानों ने गेहूं की फसल बोने को खेत तैयार किए थे, उन खेतों में बारिश का पानी इतना भर गया कि 20-25 दिन तक गेहूं की बुवाई संभव ही नहीं है।
खेता में भरा पानी, मुश्किल में किसान
बुरावली। गुरुवार की रात तेज हवाओं के साथ ही बारिश से खेतों में पानी भर गया। जिससे किसान मुश्किल में आ गए हैं। न्याय पंचायत बुरावली क्षेत्र में गुरुवार की देर रात आठ बजे से बारिश का सिलसिला शुरू हुआ। तेज हवाओं के साथ झमाझम बारिश के पड़ते ही ओलावृष्टि भी शुरू हो गई। इससे गेहूं, सरसों, गन्ना आदि फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है। खेतों में एक फिट तक पानी भर गया, जिससे पछेती गेहूं की बोई फसल खराब हो गई। वहीं आंधी बारिश से बाजारों में भी सन्नाटा पसरा रहा।
जम गई ओले की परत
उझारी। नगर में गुरुवार की रात तेज हवा के साथ बारिश हुई। भारी मात्रा में ओले भी पड़े। सड़कों पर ओले की मोटी परत जम गई। तेज बारिश और ओलों से गेहूं की फसल अधिकांश खेतों में जमीन पर बिछ गई है। वहीं आलू और सरसों की फसल पर असर पड़ा है।
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सुबह छप्पर के नीचे दबा मिला किसान का शव
रूखालू। हसनपुर कोतवाली क्षेत्र के गांव भैंसरोली निवासी किसान लाला जाटव (55) पुत्र हरी सिंह गुरुवार की रात घर के बाहर छप्पर के नीचे सोए हुए थे। रात करीब बारह बजे अचानक आई आंधी और बारिश में छप्पर गिर गया। बुजुर्ग किसान उसके नीचे दब गए। किसान की मौके पर ही मौत हो गई। सुबह होने पर परिजनों को किसान का छप्पर के नीचे दबा मिला। आननफानन में परिजनों ने उसे छप्पर के नीचे से निकाला। किसान की मौत से परिजनों में कोहराम मच गया। किसान की पत्नी बिशनिया का रो-रोकर बुरा हाल है। किसान के चार बेटे हैं।
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भरभराकर गिरे कच्चे मकान, उखड़े टीनशेड
रूखालू। हसनपुर कोतवाली क्षेत्र के गांव गंगाचोली में गुरुवार की रात आंधी और बारिश के साथ हुए ओलावृष्टि में विधवा गुलाबिया देवी का कच्चा मकान भरभराकर गिर गया। इस दौरान घर में सो रही गुलाबिया देवी दब गई। आननफानन में परिजनों ने उसे बाहर निकाला। तब तक कच्चे मकान में रखा इंजन, बाइक, नल, रजाई गद्दे, अनाज और अन्य जरूरी सामान दबकर नष्ट हो गए। घायल अवस्था में गुलबिया को निजी चिकित्सक के यहां भर्ती कराया गया है। वहीं, आंधी बारिश में गांव के बलबीर के दो कमरों और बरामदे का टीनशेड उड़कर दूर जा गिरा। घर में रखा जरूरी सामान अनाज, रजाई गद्दे, कपड़े, चारपाई आदि भीगकर बर्बाद हो गए। इसके अलावा गांव जसवंत, समरपाल, सतवीर, कल्लू का टीनशेड उड़कर दूर जा गिरा, जिससे सारा जरूरी सामान बर्बाद हो गया। गांव की विधवा मंसूरी का भी कच्चा मकान भरभराकर गिर गया। मकान के मलबे के नीचे दबकर मंसूरी गंभीर रूप से घायल हो गई। उसे एक निजी चिकित्सक के यहां भर्ती कराया गया है। घर में रखे कपड़े रजाई, गद्दे, अनाज समेत अन्य सामान खराब हो गए।
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50 से अधिक खंभे टूटे, बिजली आपूर्ति ठप
हसनपुर। गुरुवार रात आई आंधी और बारिश से जगह-जगह विद्युत पोल टूटकर गिर गए। जिससे आपूर्ति गड़बड़ा गई। गुरुवार रात भर आपूर्ति नहीं मिल पाई।
तेज आंधी से गन्ने की फसल पूरी तरह से बिछ गई है। सरसों की फसल भी चौपट हुई है। उधर, आंधी की वजह से नगर में दस बिजली के पोल अलग-अलग स्थानों पर टूट गए। इसके अलावा ग्रामीण क्षेत्र मिलाकर कुल पचास से अधिक बिजली के पोल टूटने की बात बिजली अफसर बता रहे हैं। जिनके नुकसान करीब दस लाख रुपये का अनुमान लगाया जा रहा है। गुरुवार शाम बारिश शुरू हो गई थी, तभी से बिजली आपूर्ति बंद हो गई थी। इसके बाद शुक्रवार शाम करीब साढ़े पांच बजे तक भी बिजली आपूर्ति नहीं मिल पाई। जिससे लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ा।
घरों पर गिरे पेड़, रास्तों पर भी यातायात प्रभावित
हसनपुर। आंधी-बारिश से गुरुवार रात शहर से लेकर ग्रामीण इलाके तक में पेड़ टूटकर गिरे। नगर की ब्लॉक कॉलोनी में दो घरों पर पेड़ गिर पड़ा। ब्लॉक कॉलोनी में तहसीलदार के ड्राइवर राकेश और धर्मवीर आवासीय कॉलोनी में रहते हैं। गुरुवार मध्यरात्रि आंधी में यूकेलिप्टिस का पेड़ घर के ऊपर गिर गया। जिससे मकान पूरी क्षतिग्रस्त हो गया। गनीमत रही कि कोई चपेट में नहीं आया। अन्यथा हादसा बड़ा भी हो सकता था। उधर, रहरा रोड पर भी पेड़ टूटकर गिरे। अतरासी मार्ग पर गांव करनपुर माफी में मंदिर के पास पेड़ टूटकर मार्ग पर गिर गया। जिससे कई घंटे मार्ग पर यातायात प्रभावित रहा। जिसकी वजह से लोगों को भारी परेशानियों को सामना करना पड़ा है। बारिश से जगह-जगह जलभराव की स्थिति बनी हुई है। जिससे आवागमन में परेशानी हो रही है।
आंधी और बारिश की वजह से क्षेत्र के किसानों की फसलों को काफी नुकसान हुआ है। शीघ्र ही मुख्यमंत्री से मिलकर फसलों के लिए मुआवजे की मांग की जाएगी। राजस्व विभाग के अफसरों से फसलों के नुकसान का अनुमान लगवाया जाएगा। - महेंद्र सिंह खड़गवंशी, विधायक हसनपुर
झड़ गए सरसों के फूल
सैदनगली/उझारी। गुरुवार शाम आसमान में काली घटा छा गई और तेज बारिश शुरू हो गई। रात करीब बारह बजे भारी मात्रा में क्षेत्र में ओले गिरे, जिससे क्षेत्र में शीतलहर का एहसास हुआ। वहीं शुक्रवार की सुबह बारिश शुरू हो गई। उधर मुख्य बाजार में तेज बारिश होने के कारण अधिकांश दुकानों में पानी भर गया जिससे दुकानदार भारी परेशानी महसूस कर रहे हैं। उधर तेज बारिश और ओलों से जहां गेहूं की फसल अधिकांश खेतों में जमीन पर बिछ गई है। वहीं सरसों के फूल झड़ गए। आलू और सरसों की फसल बर्बाद हो गए। जिससे किसानों के माथे पर लकीरें खिंच गई हैं।
...तो खेत में ही गल जाएगा आलू
रजबपुर। क्षेत्र में गुरुवार की रात से हो रही लगातार बारिश ने किसानों को बर्बाद कर दिया है। सबसे ज्यादा किसान की तैयार आलू की फसल बर्बाद हुई है। आलू की फसल पूर्ण रूप से तैयार है। भारी बारिश होने से खेतों में पानी भर गया, जिससे आलू खेत में ही गल जाएगा। वहीं किसानों ने गेहूं की फसल बोने को खेत तैयार किए थे, उन खेतों में बारिश का पानी इतना भर गया कि 20-25 दिन तक गेहूं की बुवाई संभव ही नहीं है।
खेता में भरा पानी, मुश्किल में किसान
बुरावली। गुरुवार की रात तेज हवाओं के साथ ही बारिश से खेतों में पानी भर गया। जिससे किसान मुश्किल में आ गए हैं। न्याय पंचायत बुरावली क्षेत्र में गुरुवार की देर रात आठ बजे से बारिश का सिलसिला शुरू हुआ। तेज हवाओं के साथ झमाझम बारिश के पड़ते ही ओलावृष्टि भी शुरू हो गई। इससे गेहूं, सरसों, गन्ना आदि फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है। खेतों में एक फिट तक पानी भर गया, जिससे पछेती गेहूं की बोई फसल खराब हो गई। वहीं आंधी बारिश से बाजारों में भी सन्नाटा पसरा रहा।
जम गई ओले की परत
उझारी। नगर में गुरुवार की रात तेज हवा के साथ बारिश हुई। भारी मात्रा में ओले भी पड़े। सड़कों पर ओले की मोटी परत जम गई। तेज बारिश और ओलों से गेहूं की फसल अधिकांश खेतों में जमीन पर बिछ गई है। वहीं आलू और सरसों की फसल पर असर पड़ा है।