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Amroha News: उठीं चार अर्थियां तो हर ओर गूंजीं सिसकियां

Wed, 05 Mar 2025 12:52 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा
संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा Updated Wed, 05 Mar 2025 12:52 AM IST
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When the four corpses were lifted, sobs echoed everywhere
गांव नसीर नगला में शव पहुंचने के बाद विलाप करतीं महिलाएं। संवाद - फोटो : संवाद
नौगांवा सादात (अमरोहा)। बुलंदशहर में हुए हादसे में जान गंवाने वाले नौगांवा सादात के गांव नसीर नगला निवासी निपेंद्र यादव, उनके बेटे वंश उर्फ कन्हैया, भतीजे हर्ष और भतीजी वंशिका के शव मंगलवार को गांव पहुंचे तो मातम पसर गया। घर से एक साथ चार अर्थियां उठीं तो हर किसी की आंख से आंसू छलक आए। गमगीन माहौल के साथ अपने ही खेत में चारों का अंतिम संस्कार किया गया।
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नौगांवा सादात थानाक्षेत्र के नसीर नगला गांव निवासी निपेंद्र सोमवार को पत्नी कौशल, बेटे वंश उर्फ कन्हैया और छोटे भाई के बेटे हर्ष और बेटी वंशिका के साथ खुशी-खुशी बुलंदशहर के गांव नगला काला में शादी समारोह में शामिल होने के लिए गए थे। मंगलवार की तड़के जैसे ही परिवार को हादसे में चारों की मौत की खबर मिली तो कोहराम मच गया। आनन-फानन में नितेंद्र का छोटा भाई पवन अन्य परिजनों के साथ बुलंदशहर के लिए निकल गए। मंगलवार की शाम करीब चार बजे निपेंद्र, हर्ष, वंशिका और वंश के शव घर पहुंचे तो गांव में मातम पसर गया। हर ओर चींख पुकार सुनाई दी।
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पवन और उसकी पत्नी मंजू का तो मानों सबकुछ ही उजड़ गया। पवन भाई, भतीजे और बेटे व बेटी के शवों का सिर्फ निहारते रहे। जबकि पवन की पत्नी मंजू तो सुधबुध खो बैठी। वह बार-बार अपने दोनों बच्चों को याद कर फफकती रही। हादसे की जानकारी मिलने के बाद एसडीएम और तहसीलदार भी मौके पर पहुंचे।
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पांच घंटे तक मंजू को नहीं दी हादसे की जानकारी
हादसा होने के बाद पवन यादव तुरंत ही बुलंदशहर के लिए रवाना हो गए। करीब पांच घंटे तक उनकी पत्नी मंजू से हादसे की बात छिपाकर रखी। लेकिन, जैसे-जैसे दिन चढ़ता गया, वैसे ही हादसे में एक ही परिवार के चार लोगों की मौत की खबर फैलती गई। घर पर अचानक रिश्तेदार और परिचितों की भीड़ जमा होने लगी। यह देखकर मंजू सकते में पड़ गईं। उन्होंने लोगों से वजह पूछने की कोशिश भी की तो हर कोई असलियत छिपता रहा। लेकिन, जैसे ही चार शव घर पहुंचे तो मंजू सुधबुध को बैठीं।

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एक ही स्कूल में पढ़ते थे तीनों भाई बहन
परिजनों के मुताबिक मृतक वंश सीबीएससी 10वीं का छात्र था और उसकी परीक्षा चल रही थीं। जबकि वंशिका कक्षा 11वीं में पढ़ती थी। वहीं हर्ष भी कक्षा 6 की पढ़ाई कर रहा था। तीनों भाई बहन एक ही सीबीएसई स्कूल में पढ़ते थे।
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पवन ने दी चारों शवों को मुखाग्नि
मंगलवार की देर शाम निपेंद्र, वंश, वंशिका और हर्ष के शव का अंतिम संस्कार किया गया। इस दौरान पवन ने चारों शवों को मुखाग्नि दी।
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