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आंधी-बारिश से बर्बादी के कगार पर गेहूं की फसल
ब्यूरो अमर उजाला/अमरोहा/गजरौला।
Updated Thu, 12 Apr 2018 01:54 AM IST
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पिछले तीन दिनों से हो रही बारिश और आंधी से गेहूं की फसल बर्बादी के कगार पर पहुंच गई है। किसानों के लिए यह बारिश आफत बन रही है। जिसने किसानों की नींद उड़ा कर रख दी। खेतों में खड़ी गेहूं की फसल अधिकांश जगहों पर गिर गई है।
बुधवार की सुबह लोगों की आंख खुली तो बादल बरस कर थम गए थे। दिनभर बादल छाए रहे और शाम को फिर से बूंदाबादी शुरू हो गई। पिछले तीन दिनों से बारिश के साथ तेज हवाओं के चलने का दौर जारी है। अचानक मौसम का मिजाज बदलने से किसानों की परेशानी बढ़ रही है। बारिश के साथ आई तेज हवा ने गेहूं को गिरा दिया है। गनीमत रही कि ओले नहीं पड़े वरना किसानों का ज्यादा नुकसान हो सकता था। उधर बारिश से गन्ने की छिलाई पर भी असर पड़ेगा। एक दो दिन गन्ने की छिलाई भी बाधित हो रही है। किसानों ने बताया कि इस बारिश से गेहूं का उत्पादन कम होगा। पैदावार के लिए लागत तो उतनी ही लगी है लेकिन, गेहूं अब कम निकलेगा। बारिश ने किसानों का काफी नुकसान कर दिया है। बैसाख की इस बारिश ने किसानों के सामने संकट खड़ा कर दिया है। अन्नदाता फसल पकने के बाद उसे घर में लाने के लिए परेशान है। उधर गन्ना खत्म करने की चिंता सता रही है, इधर गेहूं को खेतों से समेटने की।
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बुधवार की सुबह लोगों की आंख खुली तो बादल बरस कर थम गए थे। दिनभर बादल छाए रहे और शाम को फिर से बूंदाबादी शुरू हो गई। पिछले तीन दिनों से बारिश के साथ तेज हवाओं के चलने का दौर जारी है। अचानक मौसम का मिजाज बदलने से किसानों की परेशानी बढ़ रही है। बारिश के साथ आई तेज हवा ने गेहूं को गिरा दिया है। गनीमत रही कि ओले नहीं पड़े वरना किसानों का ज्यादा नुकसान हो सकता था। उधर बारिश से गन्ने की छिलाई पर भी असर पड़ेगा। एक दो दिन गन्ने की छिलाई भी बाधित हो रही है। किसानों ने बताया कि इस बारिश से गेहूं का उत्पादन कम होगा। पैदावार के लिए लागत तो उतनी ही लगी है लेकिन, गेहूं अब कम निकलेगा। बारिश ने किसानों का काफी नुकसान कर दिया है। बैसाख की इस बारिश ने किसानों के सामने संकट खड़ा कर दिया है। अन्नदाता फसल पकने के बाद उसे घर में लाने के लिए परेशान है। उधर गन्ना खत्म करने की चिंता सता रही है, इधर गेहूं को खेतों से समेटने की।
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