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Amroha News: नातिया कलाम से गूंज उठा हुसैनी हॉल, दुआ के साथ महफिल-ए-नूर का समापन
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अमरोहा। शहर के मोहल्ला शफाअत पोता स्थित हुसैनी हॉल में आयोजित दो दिवसीय महफिल-ए-नूर का समापन बुधवार को अकीदत और एहतराम के साथ दुआ के बाद हुआ। पैगंबर-ए-इस्लाम की विलादत के अवसर पर आयोजित नातिया मुशायरे में देश के विभिन्न हिस्सों से पहुंचे नामचीन शायरों ने अपने नातिया कलाम पेश किए। कलाम सुनकर लोगों ने जमकर दाद दी और पूरा हॉल दरूदो-सलाम की सदाओं से गूंज उठा।
मंगलवार रात कार्यक्रम की शुरुआत कारी मोहम्मद अब्बास ने कलाम-ए-पाक की तिलावत से की। इसके बाद मुख्य वक्ता मौलाना डॉ. शहवार हुसैन नकवी ने पैगंबर-ए-इस्लाम की जिंदगी और उनकी तालीमात पर तकरीर की। उन्होंने कहा कि समाज में भाईचारा, इन्सानियत, मोहब्बत और आपसी सौहार्द कायम रखना जरूरी है।
इसके बाद मौलाना मंजूर अली नकवी ने कलाम पेश किया। मुल्क की सलामती, अमन-चैन, खुशहाली और तरक्की के लिए दुआ कराई गई। मुख्य अतिथि शकील हसन शम्सी रहे, जबकि संचालन डॉ. नय्यर जलालपुरी ने अपने अंदाज में किया।
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मुशायरे में शहजादा गुलरेज रामपुरी, मीर नजीर बाकरी, मुजाहिद मकसूदपुरी, वारिस वारसी, खादिम शब्बीर नसीराबादी, शमीम इलाहाबादी, कामरान आबिद, कलीम असगर, वकार सुल्तानपुरी, फखरी मेरठी, सागर बनारसी, मौलाना साद अमरोहवी, हसन इमाम हसन, शादाब अमरोहवी, वसीम अमरोहवी, कैसर मुज्तबा, अमजद आतिश और अली इमाम ने नातिया कलाम पेश कर महफिल में समां बांध दिया। समापन पर अख्तर अब्बास नकवी ने सभी मेहमानों, शायरों और लोगों का आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर मौलाना शादाब हैदर, मौलाना सफदर रजा, प्रोफेसर नाशिर नकवी, हाजी खुर्शीद अनवर, उवैस मुस्तफा रिजवी, इकबाल अहमद खां, वाहिद अमरोहवी, सैयद रामिश वली, कैप्टन अशर रजा तकवी व हुमायूं अमरोहवी आदि रहे।
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मंगलवार रात कार्यक्रम की शुरुआत कारी मोहम्मद अब्बास ने कलाम-ए-पाक की तिलावत से की। इसके बाद मुख्य वक्ता मौलाना डॉ. शहवार हुसैन नकवी ने पैगंबर-ए-इस्लाम की जिंदगी और उनकी तालीमात पर तकरीर की। उन्होंने कहा कि समाज में भाईचारा, इन्सानियत, मोहब्बत और आपसी सौहार्द कायम रखना जरूरी है।
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इसके बाद मौलाना मंजूर अली नकवी ने कलाम पेश किया। मुल्क की सलामती, अमन-चैन, खुशहाली और तरक्की के लिए दुआ कराई गई। मुख्य अतिथि शकील हसन शम्सी रहे, जबकि संचालन डॉ. नय्यर जलालपुरी ने अपने अंदाज में किया।
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मुशायरे में शहजादा गुलरेज रामपुरी, मीर नजीर बाकरी, मुजाहिद मकसूदपुरी, वारिस वारसी, खादिम शब्बीर नसीराबादी, शमीम इलाहाबादी, कामरान आबिद, कलीम असगर, वकार सुल्तानपुरी, फखरी मेरठी, सागर बनारसी, मौलाना साद अमरोहवी, हसन इमाम हसन, शादाब अमरोहवी, वसीम अमरोहवी, कैसर मुज्तबा, अमजद आतिश और अली इमाम ने नातिया कलाम पेश कर महफिल में समां बांध दिया। समापन पर अख्तर अब्बास नकवी ने सभी मेहमानों, शायरों और लोगों का आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर मौलाना शादाब हैदर, मौलाना सफदर रजा, प्रोफेसर नाशिर नकवी, हाजी खुर्शीद अनवर, उवैस मुस्तफा रिजवी, इकबाल अहमद खां, वाहिद अमरोहवी, सैयद रामिश वली, कैप्टन अशर रजा तकवी व हुमायूं अमरोहवी आदि रहे।