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बीघों गेहूं लील गया कालागढ़ डैम का पानी
ब्यूरो/अमर उजाला अमरोहा
Updated Sat, 10 Dec 2016 11:50 PM IST
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अमरोहा के अकबरपुर सकैनिया गांव में नहर टूटने से भरा पानी।
- फोटो : amar ujala
शुक्रवार रात रामगंगा पोषक नहर के पानी ने किसानों के अरमानों पर पानी फेर दिया। बंधा टूटने से एक ओर जहां सौ बीघा से अधिक गेहूं की फसल बर्बाद हो गई वहीं दूसरी तरफ गांव की गलियों से लेकर घरों तक में घुटनों-घुटनों तक पानी भर गया। बिन बरसात हुए जलभराव ने ग्रामीणों की नींद उड़ा दी। जबरदस्त ठंड में हर कोई पानी से सामान बचाने में जुट गया।
सुबह जंगल भी पानी से लबालब दिखा। गेहूं की फसल पानी के आगोश में समा चुकी थी। सूचना मिलते ही सिंचाई विभाग के अफसरों में हड़कंप मच गया। आननफानन में उन्होंने नहर बंद कराई। पानी की रफ्तार ठहरने के बाद ही लोगों की जान में जान आई।
देहात थाना क्षेत्र में रामगंगा पोषक छोटी नहर निकल रही है, जिसके पानी से किसान अपनी फसलों की सिंचाई करते हैं। कई महीने से यह सूखी थी, जिसकी सफाई का काम कुछ दिन पहले सिंचाई विभाग ने कराया था, लेकिन शुक्रवार की रात अचानक नहर में काला डैम से पानी छोड़ दिया गया। 42 किलोमीटर प्वाइंट पर बंधा टूट गया, जिसका पानी अकबरपुर सकैनियां गांव के जंगल में दाखिल हो गया। गेहूं की बुवाई वाले खेतों में पानी ही पानी हो गया। धीरे धीरे उसने ने गांव का रुख कर दिया। गली से लेकर घरों तक में जलभराव हो गया।
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एकाएक बढ़ते जा रहे पानी को देखते ही ग्रामीणों में खलबली मच गई। प्रत्येक की नींद उड़ गई। कोई आंख मलते तो कोई बगैर चप्पल ही घर के सामान को बचाने में जुट गया। पूरी रात ग्रामीणों ने जागकर गुजारी। सुबह तक नहर का पानी गांव व जंगल में फैल चुका था, जिसकी चपेट में पड़ोसी गांव भटपुरा व देवीपुरा का जंगल भी आ गया।
किसानों की बोई हुई गेहूं की फसल बर्बाद हो गई। हर तरफ पानी देख घबराए लोगों ने सिंचाई विभाग के अफसरों को मामले की गंभीरता से अवगत कराया। अधिकारियों ने फौरन नहर बंद कराकर पानी की रफ्तार पर ब्रेक लगा दिए, जिसके पश्चात किसानों ने सुकून महसूस किया, मगर फसल की बर्बादी देख हर कोई बेचैन नजर आया।
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सुबह जंगल भी पानी से लबालब दिखा। गेहूं की फसल पानी के आगोश में समा चुकी थी। सूचना मिलते ही सिंचाई विभाग के अफसरों में हड़कंप मच गया। आननफानन में उन्होंने नहर बंद कराई। पानी की रफ्तार ठहरने के बाद ही लोगों की जान में जान आई।
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देहात थाना क्षेत्र में रामगंगा पोषक छोटी नहर निकल रही है, जिसके पानी से किसान अपनी फसलों की सिंचाई करते हैं। कई महीने से यह सूखी थी, जिसकी सफाई का काम कुछ दिन पहले सिंचाई विभाग ने कराया था, लेकिन शुक्रवार की रात अचानक नहर में काला डैम से पानी छोड़ दिया गया। 42 किलोमीटर प्वाइंट पर बंधा टूट गया, जिसका पानी अकबरपुर सकैनियां गांव के जंगल में दाखिल हो गया। गेहूं की बुवाई वाले खेतों में पानी ही पानी हो गया। धीरे धीरे उसने ने गांव का रुख कर दिया। गली से लेकर घरों तक में जलभराव हो गया।
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एकाएक बढ़ते जा रहे पानी को देखते ही ग्रामीणों में खलबली मच गई। प्रत्येक की नींद उड़ गई। कोई आंख मलते तो कोई बगैर चप्पल ही घर के सामान को बचाने में जुट गया। पूरी रात ग्रामीणों ने जागकर गुजारी। सुबह तक नहर का पानी गांव व जंगल में फैल चुका था, जिसकी चपेट में पड़ोसी गांव भटपुरा व देवीपुरा का जंगल भी आ गया।
किसानों की बोई हुई गेहूं की फसल बर्बाद हो गई। हर तरफ पानी देख घबराए लोगों ने सिंचाई विभाग के अफसरों को मामले की गंभीरता से अवगत कराया। अधिकारियों ने फौरन नहर बंद कराकर पानी की रफ्तार पर ब्रेक लगा दिए, जिसके पश्चात किसानों ने सुकून महसूस किया, मगर फसल की बर्बादी देख हर कोई बेचैन नजर आया।