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हरिद्वार से पानी छोड़े जाने के कारण बढ़ा गंगा का जलस्तर
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गजरौला के दारानगर गांव में भरा गंगा में आई बाढ़ का पानी।
- फोटो : JPNAGAR
गजरौला। पहाड़ों पर हो रही बरसात और हरिद्वार से 87007 क्यूसेक पानी छोड़े जाने के कारण गंगा का जल स्तर बढ़ गया है। बाढ़ का पानी खेतों में भरने लगा है। खादर के इलाकों और टापू में बसे ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ गई हैं।
पहाड़ों पर कई दिन से हुई बारिश के चलते रविवार को हरिद्वार से गंगा में 87007 हजार और बिजनौर बैराज से 84074
पानी छोड़ा गया। जिसके चलते तिगरी में गंगा का जल स्तर सुबह आठ बजे 200.15 मीटर हो गया, जबकि एक दिन पूर्व शनिवार को 200.00 मीटर था। गंगा का जल स्तर बढ़ने से खादर के इलाकों और गंगा व रामगंगा पोषक नहर के टापू में बसे ग्रामीणों की परेशानी बढ़ गई है। बाढ़ का पानी खेतों के अलावा गांवों में भी भरने लगा है। पहले से ही बाढ़ के कारण परेशानी झेल रहे दारानगर, शीशों वाली, भुड्डी वाली, ओसीता जगदेवपुर के लोगों की बढ़ते जल स्तर ने मुश्किलें और बढ़ा दी हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि बाढ़ की वजह से चारे, मक्का और सब्जियों की फसल पहले ही नष्ट हो चुकी हैं। बाढ़ का पानी यदि कई दिन तक खेतों में भरा रहा तो गन्ने की फसल भी खासी प्रभावित होगी। पानी भरे खेत में गन्ने में जड़ हो जाती हैं। कोल्हू वाले मनमाने दामों पर खरीदते हैं। मिलों में भी किसानों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ता है।
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हरिद्वार से गंगा में पानी छोड़े जाने के कारण जनपद में जल स्तर बढ़ गया है। तिगरी में रविवार की सुबह गंगा का जल स्तर 200.15 मीटर दर्ज किया गया है। बारिश होती रही तो जल स्तर और भी बढ़ सकता है-अनवर बहादुर खान जेई बाढ़ खंड तिगरी अमरोहा।
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पहाड़ों पर कई दिन से हुई बारिश के चलते रविवार को हरिद्वार से गंगा में 87007 हजार और बिजनौर बैराज से 84074
पानी छोड़ा गया। जिसके चलते तिगरी में गंगा का जल स्तर सुबह आठ बजे 200.15 मीटर हो गया, जबकि एक दिन पूर्व शनिवार को 200.00 मीटर था। गंगा का जल स्तर बढ़ने से खादर के इलाकों और गंगा व रामगंगा पोषक नहर के टापू में बसे ग्रामीणों की परेशानी बढ़ गई है। बाढ़ का पानी खेतों के अलावा गांवों में भी भरने लगा है। पहले से ही बाढ़ के कारण परेशानी झेल रहे दारानगर, शीशों वाली, भुड्डी वाली, ओसीता जगदेवपुर के लोगों की बढ़ते जल स्तर ने मुश्किलें और बढ़ा दी हैं।
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ग्रामीणों का कहना है कि बाढ़ की वजह से चारे, मक्का और सब्जियों की फसल पहले ही नष्ट हो चुकी हैं। बाढ़ का पानी यदि कई दिन तक खेतों में भरा रहा तो गन्ने की फसल भी खासी प्रभावित होगी। पानी भरे खेत में गन्ने में जड़ हो जाती हैं। कोल्हू वाले मनमाने दामों पर खरीदते हैं। मिलों में भी किसानों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ता है।
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हरिद्वार से गंगा में पानी छोड़े जाने के कारण जनपद में जल स्तर बढ़ गया है। तिगरी में रविवार की सुबह गंगा का जल स्तर 200.15 मीटर दर्ज किया गया है। बारिश होती रही तो जल स्तर और भी बढ़ सकता है-अनवर बहादुर खान जेई बाढ़ खंड तिगरी अमरोहा।