{"_id":"578fd4954f1c1bd722c4b8f1","slug":"water-increases-of-ramganga-canal","type":"story","status":"publish","title_hn":"रामगंगा पोषक नहर में उफान खतरे की जद में खादर के गांव","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
रामगंगा पोषक नहर में उफान खतरे की जद में खादर के गांव
अमर उजाला/ ब्यूरोअमरोहा
Updated Thu, 21 Jul 2016 01:14 AM IST
विज्ञापन
गजरौला के गांव चकनवाला की उफान पर राम गंगा पोषक नहर का जलस्तर मार्ग तक पहुंच गया।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
पहाड़ों पर लगातार हो रही बारिश से पिछले एक सप्ताह से लगातार बढ़ते ब्रजघाट और तिगरी के जलस्तर में बुधवार को मामूूली गिरावट जरूर आई है। लेकिन गंगा तेज बहाव के साथ बह रही है। वहीं चकनवाला गांव से सटकर जा रही रामगंगा पोषक नहर उफान पर आने से दूसरी पार के करीब 16 खादर गांव खतरे की जद में हैं। कई गांव में नहर के पानी ने दस्तक दे दी है। जिससे ग्रामीण परेशान हैं।
बता दें कि चकनवाला राम गंगा पोषक नहर को पार करने के लिए पांटून पुल लगा हुआ है। हर साल की तरह बरसात के मद्देेनजर पांटून पुल को मई माह में हटा दिया गया था। जिससे नहर पार के जाटोवाली, शीशोवाली, ढाकोवाली, मीरापुर, बिसावली, टीकोवाली, मुड्डियावाली मढैय्या, दारानगर, मीरापुर, रम्पुरा, देववाली समेत करीब 16 गांव का संपर्क गजरौला से टूट गया था। चकनवाला गांव से होकर गजरौला आने जाने वाले दूसरी पार के गांव के लोगों को नाव से नहर पार करनी पड़ रही थी।
नहर पार कराने के लिए ग्रामीणों ने पांच किलोग्राम अनाज प्रति घर के हिसाब से देकर दो नावों की व्यवस्था की थी। सोमवार की रात से नहर में जलस्तर बढ़ गया। नहर का पानी पांटून पुल को जोड़ने वाली सड़क पर आ गया है। मंगलवार रात एक नाव नहर में बह गई। भयवश दूसरा नाविक नाव लेकर लापता हो गया।
बता दें कि चकनवाला राम गंगा पोषक नहर को पार करने के लिए पांटून पुल लगा हुआ है। हर साल की तरह बरसात के मद्देेनजर पांटून पुल को मई माह में हटा दिया गया था। जिससे नहर पार के जाटोवाली, शीशोवाली, ढाकोवाली, मीरापुर, बिसावली, टीकोवाली, मुड्डियावाली मढैय्या, दारानगर, मीरापुर, रम्पुरा, देववाली समेत करीब 16 गांव का संपर्क गजरौला से टूट गया था। चकनवाला गांव से होकर गजरौला आने जाने वाले दूसरी पार के गांव के लोगों को नाव से नहर पार करनी पड़ रही थी।
विज्ञापन
नहर पार कराने के लिए ग्रामीणों ने पांच किलोग्राम अनाज प्रति घर के हिसाब से देकर दो नावों की व्यवस्था की थी। सोमवार की रात से नहर में जलस्तर बढ़ गया। नहर का पानी पांटून पुल को जोड़ने वाली सड़क पर आ गया है। मंगलवार रात एक नाव नहर में बह गई। भयवश दूसरा नाविक नाव लेकर लापता हो गया।
विज्ञापन