फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Amroha News ›   Water from houses will be filtered through natural method into old Babu's pondWater from houses will be filtered through natural method into old Babu's pond

Amroha News: प्राकृतिक विधि से छनकर जाएगा बूढ़े बाबू के तालाब में घरों का पानी

Mon, 23 Jun 2025 01:58 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा
संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा Updated Mon, 23 Jun 2025 01:58 AM IST
विज्ञापन
Water from houses will be filtered through natural method into old Babu's pondWater from houses will be filtered through natural method into old Babu's pond
गजरौला (अमरोहा)।
विज्ञापन

बूढ़े बाबू के तालाब के सौंदर्यीकरण पर 4.42 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इसके कुछ कार्यों में बदलाव किया गया है। अब हर्बल विधि के बजाय प्राकृतिक विधि से घरों के पानी को साफ कर तालाब में भेजा जाएगा। पानी के साथ आने वाले कचरे को रोकने के लिए लोहे की स्क्रीनिंग या जाली लगाई जाएगी। पानी छानने के लिए पत्थर और मोटे बालू का इस्तेमाल किया जाएगा।
मायापुरी मोहल्ले में रेलवे लाइन के पास करीब 32 बीघे में फैले बूढ़े बाबू के तालाब का 2023 में अमृत सरोवर के रूप में विकसित करने के लिए चयन हुआ था। जनवरी 2024 में कंस्ट्रक्शन एवं डिजाइन सर्विसेज यूपी जल निगम को तालाब के सौंदर्यीकरण के लिए कार्यदायी संस्था बनाया गया था। इसके लिए 4.42 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित कर दिया गया। हालांकि, कामों की धीमी गति व मानकों की अनदेखी पर डीएम निधि गुप्ता वत्स ने कार्यदायी संस्था को दोबारा प्रस्ताव बनाने के निर्देश दिए थे।
विज्ञापन

इस पर कार्यदायी संस्था ने दोबारा प्रस्ताव तैयार कर डीएम के सामने पेश किया थे, जिसे मंजूरी मिल गई थी। हालांकि, इसमें सौंदर्यीकरण में खर्च होने वाली रकम 4.42 करोड़ रुपये ही बताई गई थी, लेकिन तालाब को हर्बल तरीके से नहीं बल्कि प्राकृतिक विधि से साफ करने के निर्देश दिए थे। अब कार्यदायी संस्था सौंदर्यीकरण से पहले तालाब को प्राकृतिक विधि से साफ करेगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

घरों से निकलने वाले पानी को तालाब में गिरने से पहले लोहे की स्क्रीनिंग या जाली साफ किया जाएगा। इसके बाद पत्थर की लेयर के साथ ही मोटा रेत इस्तेमाल किया जाएगा, जिसमें छनकर पानी तालाब तक पहुंचे। कार्यदायी संस्था के इंजीनियर संदीप उपाध्याय का कहना है कि तालाब में एवीआर तकनीकी से काम किया जाएगा, जिसके लिए अब तक 80 लाख रुपये मिले थे, जो खर्च हो गए है। बाकी धनराशि के लिए भी मांग की गई है।

--

बंदा बनाकर की जा रही तार फेंसिंग
तालाब को सौंदर्यीकरण से पहले उसकी सफाई की गई। इसमें भरी गंदगी को बाहर निकालकर किनारे पर लगाया गया। अब तालाब के चारों तरफ बंदा बना दिया गया है। उसकी तार फेंसिंग की जा रही है। साथ ही चारों तरफ पत्थर लगाए जा रहे हैं। जिससे तालाब के पानी से किनारे का कटान न हो सके।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed