{"_id":"6990c6f047a843f50d0deac8","slug":"water-filled-in-sultantheer-causing-problems-for-20-villages-jpnagar-news-c-284-1-smbd1015-157474-2026-02-15","type":"story","status":"publish","title_hn":"Amroha News: सुल्तानठेर में भरा पानी, 20 गांवों के लिए बना परेशानी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Amroha News: सुल्तानठेर में भरा पानी, 20 गांवों के लिए बना परेशानी
विज्ञापन
गजरौला के सुल्तानठेर गांव में सड़क पर भरे पानी से गुजरते बाइक सवार। संवाद
गजरौला। सुल्तानठेर गांव में तिगरिया खादर वाला चौराहा पर दूर तक भरा पानी 20 गांवों के ग्रामीणों की परेशानी का सबब बना है। हालात इस कदर बदहाल हैं कि गांव में कोई शादी-ब्याह होने पर पंपसेट लगाकर पानी निकालना पड़ता है।
ब्लॉक मुख्यालय से करीब 10 किमी और हाईवे से दो किमी दूर सुल्तानठेर ग्राम पंचायत नौगावां सादात विधान सभा क्षेत्र में आती हैै। जनप्रतिनिधियों की उपेक्षा का दंश गांव ही नहीं बल्कि इस गांव से गुजरने वाले 20 गांवों के ग्रामीण झेल रहे हैं। गांव निवासी सतवीर, तुलसी, किशन पाल, रोहताश, नेपाल, राकेश, होशियार सिंह आदि ग्रामीणों का कहना है कि जल भराव उनकी सबसे बड़ी समस्या है। गांव में किसी युवती की बरात आती है तो कई दिन पूर्व पंपसेट लगाकर पानी खींचना पड़ता है।
इसी तरह गांव से किसी युवक की बरात की निकासी होने पर भी पानी निकालना पड़ता है, जबकि यह मार्ग मोहम्मदपुर, ख्यालीपुर ढाल, फत्तेहपुर, बाटुपुरा, भीमा ठीकरी, अगरौला कलां, तिगरिया, सादुल्लेपुर समेत 20 गांवों को जोड़ता है। बरसात हो जाने पर गांव का यह चौराहा तालाब में परिवर्तित हो जाता है। इससे लोगों का निकलना मुश्किल हो जाता है। सबसे अधिक परेशानी स्कूली बच्चों को उठानी पड़ रही हैै। वह बड़ी मुश्किल से निकल पाते हैं।
विज्ञापन
ग्राम प्रधान चंद्रपाल सिंह का कहना है कि जल निकासी का इंतजाम नहीं होने के कारण पानी भर रहा है। हालांकि उन्होंने निकलवा दिया था। नाला बन गया है। जल्द ही जलभराव से निजात मिल जाएगी।
विज्ञापन
ब्लॉक मुख्यालय से करीब 10 किमी और हाईवे से दो किमी दूर सुल्तानठेर ग्राम पंचायत नौगावां सादात विधान सभा क्षेत्र में आती हैै। जनप्रतिनिधियों की उपेक्षा का दंश गांव ही नहीं बल्कि इस गांव से गुजरने वाले 20 गांवों के ग्रामीण झेल रहे हैं। गांव निवासी सतवीर, तुलसी, किशन पाल, रोहताश, नेपाल, राकेश, होशियार सिंह आदि ग्रामीणों का कहना है कि जल भराव उनकी सबसे बड़ी समस्या है। गांव में किसी युवती की बरात आती है तो कई दिन पूर्व पंपसेट लगाकर पानी खींचना पड़ता है।
विज्ञापन
इसी तरह गांव से किसी युवक की बरात की निकासी होने पर भी पानी निकालना पड़ता है, जबकि यह मार्ग मोहम्मदपुर, ख्यालीपुर ढाल, फत्तेहपुर, बाटुपुरा, भीमा ठीकरी, अगरौला कलां, तिगरिया, सादुल्लेपुर समेत 20 गांवों को जोड़ता है। बरसात हो जाने पर गांव का यह चौराहा तालाब में परिवर्तित हो जाता है। इससे लोगों का निकलना मुश्किल हो जाता है। सबसे अधिक परेशानी स्कूली बच्चों को उठानी पड़ रही हैै। वह बड़ी मुश्किल से निकल पाते हैं।
विज्ञापन
ग्राम प्रधान चंद्रपाल सिंह का कहना है कि जल निकासी का इंतजाम नहीं होने के कारण पानी भर रहा है। हालांकि उन्होंने निकलवा दिया था। नाला बन गया है। जल्द ही जलभराव से निजात मिल जाएगी।