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अमरोहा: दहेज हत्या में सिपाही पति को 10 साल की सजा, पचास हजार रुपये का लगाया जुर्माना, सास-ससुर बरी
Thu, 26 Aug 2021 08:31 PM IST
सुशील कुमार कुमार
अमर उजाला ब्यूरो, अमरोहा
अमर उजाला ब्यूरो, अमरोहा
Published by: सुशील कुमार कुमार
Updated Thu, 26 Aug 2021 08:31 PM IST
सार
शादी के बाद आदिल हुसैन का परिवार भी मोहल्ला दरबारे कलां में आकर रहने लगा था। आदिल हुसैन उत्तर प्रदेश पुलिस में सिपाही था। वर्तमान में उसकी तैनाती रामपुर जनपद के कैमरी थाने में थी।
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अदालत ने सुनाई सजा
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
दहेज हत्या के मामले में न्यायालय ने सिपाही पति को दस साल की सजा सुनाई है। साथ ही पचास हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। साक्ष्यों के अभाव में न्यायालय ने विवाहिता के सास-ससुर को बरी कर दिया गया है। कांस्टेबल जमानत पर बाहर था, फैसला आने के बाद उसे कस्टडी में लेकर जेल भेज दिया गया।
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यह घटना अमरोहा के कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला दरबारे कलां कैलसा रोड पर 20 नवंबर 2018 की रात को हुई थी। यहां रहने वाले शिक्षक अय्यूब अहमद ने अपनी बेटी अंजुम फात्मा की शादी अप्रैल 2013 में सैदनगली थानाक्षेत्र के गांव दमगढ़ी निवासी शमीम अहमद के बेटे आदिल हुसैन के साथ की थी।
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शादी के बाद आदिल हुसैन का परिवार भी मोहल्ला दरबारे कलां में आकर रहने लगा था। आदिल हुसैन उत्तर प्रदेश पुलिस में सिपाही था। वर्तमान में उसकी तैनाती रामपुर जनपद के कैमरी थाने में थी। 20 नवंबर 2018 की रात विवाहिता अंजुम फात्मा की मौत हो गई थी। उसका शव घर में ही फंदे पर लटका मिला था। घटना वाले दिन आदिल भी घर आया हुआ था।
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विवाहिता के पिता अय्यूब अहमद ने पुलिस ने सिपाही पति आदिल हुसैन, ससुर शमीम अहमद और सास मोमीना खातून के खिलाफ दहेज हत्या की एफआईआर दर्ज कराई थी। इसके बाद पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। बाद में तीनों जमानत पर बाहर आ गए थे। फिलहाल आरोपी आदिल ड्यूटी कर रहा था।
यह मामला फास्ट ट्रैक कोर्ट प्रथम निशांक शैव्य की अदालत में विचाराधीन था। गुरुवार को कोर्ट ने मुकदमे में सुनवाई की। अभियोजन पक्ष की तरफ से शासकीय अधिवक्ता संजीव कुमार ने जोरदार पैरवी करते हुए सख्त सजा दिए जाने की मांग की। न्यायालय ने साक्ष्य के अभाव में ससुर शमीम अहमद और सास मोमीना खातून को बरी कर दिया। जबकि दहेज हत्या के मामले में सिपाही आदिल हुसैन को दोषी करार दिया और 10 साल की सजा सुनाई। साथ ही 50 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। साथ ही सिपाही को कस्टडी में लेकर जेल भेज दिया है।