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Amroha News: गोकशी में दो को तीन साल की सजा
Wed, 14 May 2025 02:50 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा
संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा
Updated Wed, 14 May 2025 02:50 AM IST
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अमरोहा। 18 साल पुराने गोकशी के मामले में कोर्ट ने दो दोषियाें को तीन साल के कारावास की सजा सुनाई। साथ ही दोनाें दोषियों पर 4100 रुपये का अर्थदंड भी लगाया।
मामला थाना मंडी धनौरा क्षेत्र से जुड़ा है। 2007 में थाना पुलिस ने क्षेत्र में गोवंशीय पशु का वध करते समय बिजनौर जिले के चांदपुर निवासी वसीम तथा शहजाद को गिरफ्तार किया था।
पूछताछ में बताया था कि दोनों गोवंशीय पशु का वध करने के बाद मांस दुकानों पर बेच देते थे। पुलिस ने मामले में गौवध व पशु क्रूरता अधिनियम के तहत रिपोर्ट दर्ज कर चालान कर दिया था। दोनों जमानत पर थे। केस की सुनवाई न्यायिक मजिस्ट्रेट त्वरित प्रथम नसीम अहमद के न्यायालय में चल रही थी।
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मंगलवार को केस की आखिरी सुनवाई हुई। शासकीय अधिवक्ता ने दोनों को कड़ी से कड़ी सजा देने के लिए पैरवी की। जबकि, बचाव पक्ष के अधिवक्ता ने कहा कि यह केवल पशुओं को ले जाने का मामला है। न्यायालय ने दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद पत्रावली का अवलोकन किया।
साक्ष्य के आधार पर वसीम और शहजाद को दोषी करार दिया। दोनों को तीन-तीन साल के कारावास व 4100 रुपए का जुर्माना लगाया। एसपी अमित कुमार आनंद के अनुसार अमरोहा पुलिस की प्रभावी पैरवी के चलते यह सजा हुई है।
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मामला थाना मंडी धनौरा क्षेत्र से जुड़ा है। 2007 में थाना पुलिस ने क्षेत्र में गोवंशीय पशु का वध करते समय बिजनौर जिले के चांदपुर निवासी वसीम तथा शहजाद को गिरफ्तार किया था।
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पूछताछ में बताया था कि दोनों गोवंशीय पशु का वध करने के बाद मांस दुकानों पर बेच देते थे। पुलिस ने मामले में गौवध व पशु क्रूरता अधिनियम के तहत रिपोर्ट दर्ज कर चालान कर दिया था। दोनों जमानत पर थे। केस की सुनवाई न्यायिक मजिस्ट्रेट त्वरित प्रथम नसीम अहमद के न्यायालय में चल रही थी।
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मंगलवार को केस की आखिरी सुनवाई हुई। शासकीय अधिवक्ता ने दोनों को कड़ी से कड़ी सजा देने के लिए पैरवी की। जबकि, बचाव पक्ष के अधिवक्ता ने कहा कि यह केवल पशुओं को ले जाने का मामला है। न्यायालय ने दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद पत्रावली का अवलोकन किया।
साक्ष्य के आधार पर वसीम और शहजाद को दोषी करार दिया। दोनों को तीन-तीन साल के कारावास व 4100 रुपए का जुर्माना लगाया। एसपी अमित कुमार आनंद के अनुसार अमरोहा पुलिस की प्रभावी पैरवी के चलते यह सजा हुई है।