{"_id":"63601a5daa771d29aa060134","slug":"two-convicts-of-gang-rape-of-woman-sentenced-to-20-years-jpnagar-news-mbd4458929200","type":"story","status":"publish","title_hn":"महिला से सामूहिक दुष्कर्म के दो दोषियों को 20 साल की सजा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
महिला से सामूहिक दुष्कर्म के दो दोषियों को 20 साल की सजा
विज्ञापन
महिला से सामूहिक दुष्कर्म के दो दोषियों को न्यायालय ने बीस साल की सजा सुनाई है। दोनों पर 1.05 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माने की राशि पीड़िता को देनी होगी। दोनों जमानत पर बाहर थे। न्यायालय का फैसला आने के बाद उन्हें कस्टडी में लेकर जेल भेज दिया गया है।
ये घटना 18 जनवरी 2015 को बछरायूं थानाक्षेत्र के एक गांव में हुई थी। यहां पर किसान का परिवार रहता है। घटना वाले दिन किसान की पत्नी खेत पर काम कर रही थी। तभी गांव के ही रहने वाली राजवीर सिंह, पीतम, कुंवर सिंह और उदल ने महिला से सामूहिक दुष्कर्म किया था। इस मामले में पीड़िता की शिकायत पर पुलिस ने कार्रवाई नहीं की थी। पीड़िता ने न्यायालय की शरण ली थी जिसके बाद पुलिस ने चारों के खिलाफ केस दर्ज किया था।
विवेचना के दौरान पुलिस ने राजवीर को निर्दोष माना। जबकि प्रीतम, कुंवर सिंह और उदल के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया था। बाद में पुलिस ने तीनों दोषियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। जिसके बाद से सभी जमानत पर बाहर आ गए थे। मुकदमे की सुनवाई के दौरान दोषी उदल सिंह की मौत हो चुकी है। ये मुकदमा फास्ट ट्रैक कोर्ट प्रथम निशांत शैव्य की अदालत में विचाराधीन था। 28 अक्तूबर को न्यायालय ने मुकदमे की सुनवाई की। अभियोजन पक्ष की तरफ से सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता संजीव चौधरी ने पैरवी की। साक्ष्य और सबूतों के आधार पर न्यायालय ने पीतम और कुंवर सिंह को दोषी करार दिया। तभी दोनों दोषियों को कस्टडी में लेकर जेल भेज दिया गया था। इस मामले में सोमवार को न्यायालय ने सुनवाई की और दोनों दोषियों को 20-20 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई। साथ ही दोनों पर 1 लाख 5 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। शासकीय अधिवक्ता संजीव चौधरी ने बताया कि न्यायालय ने जुर्माने की राशि पीड़िता को देने के आदेश दिए हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
ये घटना 18 जनवरी 2015 को बछरायूं थानाक्षेत्र के एक गांव में हुई थी। यहां पर किसान का परिवार रहता है। घटना वाले दिन किसान की पत्नी खेत पर काम कर रही थी। तभी गांव के ही रहने वाली राजवीर सिंह, पीतम, कुंवर सिंह और उदल ने महिला से सामूहिक दुष्कर्म किया था। इस मामले में पीड़िता की शिकायत पर पुलिस ने कार्रवाई नहीं की थी। पीड़िता ने न्यायालय की शरण ली थी जिसके बाद पुलिस ने चारों के खिलाफ केस दर्ज किया था।
विज्ञापन
विवेचना के दौरान पुलिस ने राजवीर को निर्दोष माना। जबकि प्रीतम, कुंवर सिंह और उदल के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया था। बाद में पुलिस ने तीनों दोषियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। जिसके बाद से सभी जमानत पर बाहर आ गए थे। मुकदमे की सुनवाई के दौरान दोषी उदल सिंह की मौत हो चुकी है। ये मुकदमा फास्ट ट्रैक कोर्ट प्रथम निशांत शैव्य की अदालत में विचाराधीन था। 28 अक्तूबर को न्यायालय ने मुकदमे की सुनवाई की। अभियोजन पक्ष की तरफ से सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता संजीव चौधरी ने पैरवी की। साक्ष्य और सबूतों के आधार पर न्यायालय ने पीतम और कुंवर सिंह को दोषी करार दिया। तभी दोनों दोषियों को कस्टडी में लेकर जेल भेज दिया गया था। इस मामले में सोमवार को न्यायालय ने सुनवाई की और दोनों दोषियों को 20-20 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई। साथ ही दोनों पर 1 लाख 5 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। शासकीय अधिवक्ता संजीव चौधरी ने बताया कि न्यायालय ने जुर्माने की राशि पीड़िता को देने के आदेश दिए हैं।
विज्ञापन