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किसान की गैर इरादतन हत्या में दो सगे भाईयों को उम्रकैद
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अमरोहा। एडीजी प्रथम की अदालन ने गैरइरादतन हत्या के मामले में दो सगे भाइयों के उम्रकैद की सजा सुनाई है। साथ ही दोनों पर बीस हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। दोनों जमानत पर बाहर थे, कस्टडी में लेकर जेल भेज दिया है।
यह घटना आदमपुर थानाक्षेत्र के दढ़ियाल गांव की है। यहां पर किसान टीकाराम सिंह का परिवार रहता है। उनके बेटे नेमवीर सिंह और मनवीर सिंह का विवाद इंजन खड़ा करने को लेकर गांव के ही रहने वाले सगे भाई महेंद्र सिंह और राजेंद्र सिंह से हो गया था। 18 मार्च 2016 को नेमवीर सिंह खेत में फसल की सिंचाई कर घर लौट रहा था। जबकि थोड़ी दूर पीछे उसकी पत्नी मंजू देवी, बेटा शिवम और भाई मनवीर सिंह आ रहे थे। रास्ते में आरोपी महेंद्र सिंह और राजेंद्र सिंह ने नेमवीर सिंह को घेर कर लाठी-डंडों और सरिये से पीटा था। इस हमले में नेमवीर सिंह गंभीर रूप से घायल हो गए थे। पीछे से आ रहे परिजनों को देखकर आरोपी फरार हो गए थे। परिजन घायल नेमवीर को उपचार को ले जा रहे थे, तभी उसकी मौत हो गई थी। पुलिस ने दोनों भाइयों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई थी। जिसके बाद पुलिस ने दोनों भाइयों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। फिलहाल दोनों आरोपी जमानत पर जेल से बाहर थे। यह मुकदमा एडीजे प्रथम उमेश कुमार द्वितीय की अदालत में विचाराधीन चल रहा था। सोमवार को अदालत ने मामले में सुनवाई की। अभियोजन पक्ष की तरफ से शासकीय अधिवक्ता बसंत सिंह सैनी ने जोरदार पैरवी कर दोषियों को सख्त सजा देने की मांग की। साक्ष्य और सबूतों के आधार पर अदालत ने दोनों भाइयों को दोषी करार दिया था। लिहाजा मंगलवार को सुनवाई के दौरान न्यायालय ने सगे भाई महेंद्र सिंह और राजेंद्र सिंह को उम्रकैद की सजा सुनाई। साथ ही दोनों पर 10-10 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है।
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यह घटना आदमपुर थानाक्षेत्र के दढ़ियाल गांव की है। यहां पर किसान टीकाराम सिंह का परिवार रहता है। उनके बेटे नेमवीर सिंह और मनवीर सिंह का विवाद इंजन खड़ा करने को लेकर गांव के ही रहने वाले सगे भाई महेंद्र सिंह और राजेंद्र सिंह से हो गया था। 18 मार्च 2016 को नेमवीर सिंह खेत में फसल की सिंचाई कर घर लौट रहा था। जबकि थोड़ी दूर पीछे उसकी पत्नी मंजू देवी, बेटा शिवम और भाई मनवीर सिंह आ रहे थे। रास्ते में आरोपी महेंद्र सिंह और राजेंद्र सिंह ने नेमवीर सिंह को घेर कर लाठी-डंडों और सरिये से पीटा था। इस हमले में नेमवीर सिंह गंभीर रूप से घायल हो गए थे। पीछे से आ रहे परिजनों को देखकर आरोपी फरार हो गए थे। परिजन घायल नेमवीर को उपचार को ले जा रहे थे, तभी उसकी मौत हो गई थी। पुलिस ने दोनों भाइयों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई थी। जिसके बाद पुलिस ने दोनों भाइयों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। फिलहाल दोनों आरोपी जमानत पर जेल से बाहर थे। यह मुकदमा एडीजे प्रथम उमेश कुमार द्वितीय की अदालत में विचाराधीन चल रहा था। सोमवार को अदालत ने मामले में सुनवाई की। अभियोजन पक्ष की तरफ से शासकीय अधिवक्ता बसंत सिंह सैनी ने जोरदार पैरवी कर दोषियों को सख्त सजा देने की मांग की। साक्ष्य और सबूतों के आधार पर अदालत ने दोनों भाइयों को दोषी करार दिया था। लिहाजा मंगलवार को सुनवाई के दौरान न्यायालय ने सगे भाई महेंद्र सिंह और राजेंद्र सिंह को उम्रकैद की सजा सुनाई। साथ ही दोनों पर 10-10 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है।
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