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मुंबई यस बैंक से हैकिंग कर एक करोड़ की ठगी में वांछित सहित दो गिरफ्तार
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अमरोहा। मुंबई यस बैंक से हैकिंग कर एक करोड़ रुपये की ठगी करने में आठ वर्षों से वांछित सहित दो युवकों को डिडौली पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। वर्तमान में दोनों आरोपी ग्रामीणों को भ्रमित कर बायोमीट्रिक मशीन में अंगुली की छाप लेकर ठगी की वारदातों को अंजाम देते थे। चार दिन पहले भी उन्होंने बैंक में समूह चलाने के नाम पर महिला के खाते से दस हजार रुपये की धनराशि ठग ली थी। फिलहाल, पुलिस ने दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया है। वहीं, महाराष्ट्र पुलिस को आरोपियों की गिरफ्तारी की जानकारी दे दी है।
गुरुवार को इंस्पेक्टर अजय कुमार सिंह ने आरोपियों की गिरफ्तारी का खुलासा किया। उन्होंने बताया कि एसपी सुनीति के नेतृत्व और एएसपी अजय प्रताप सिंह के निर्देशन में डिडौली पुलिस, एसओजी और साइबर टीम ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया। तलाशी के दौरान उनके कब्जे से बायोमीट्रिक मशीन मंत्रा डिवाइस और मोबाइल फोन बरामद हुए।
पूछताछ के दौरान आरोपियों ने अपना नाम विजेंद्र निवासी मौजमपुर जैतरा थाना धामपुर और युवराज सिंह निवासी हिसामपुर थाना नौगावां सादात बताया। पुलिस के मुताबिक दोनों आरोपियों ने 26 दिसंबर को डिडौली के औरंगाबाद गांव निवासी सोमवती देवी से बायोमीट्रिक मशीन पर अंगूठे लगवाकर धोखाधड़ी करके उसके खाते से 10 हजार रुपये निकाले की घटना स्वीकार की है। इंस्पेक्टर ने बताया कि गिरफ्तार युवराज शातिर किस्म का अपराधी है। उसने वर्ष 2012 में अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर यस बैंक महाराष्ट्र में हैकिंग करके एक करोड़ रुपये की ठगी कर 12 खातों में जमाराशि को ट्रांसफर कर लिया था। इसमें से 9 लाख रुपये युवराज के खाते में भी आए थे। इस संबंध में थाना मुलुंड महाराष्ट्र में मुकदमा दर्ज है। युवराज पिछले आठ वर्षों से वांछित चल रहा था। वर्तमान में युवराज और विजेंद्र बायोमीट्रिक मशीन मंत्रा डिवाइस के माध्यम से गांवों के घरों में जाकर लोगों को भ्रमित कर अंगूठा लगवाकर उनके बैक खातों से पैसे निकाल अपने वॉलेट में ट्रांसफर कर लेते थे।
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गुरुवार को इंस्पेक्टर अजय कुमार सिंह ने आरोपियों की गिरफ्तारी का खुलासा किया। उन्होंने बताया कि एसपी सुनीति के नेतृत्व और एएसपी अजय प्रताप सिंह के निर्देशन में डिडौली पुलिस, एसओजी और साइबर टीम ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया। तलाशी के दौरान उनके कब्जे से बायोमीट्रिक मशीन मंत्रा डिवाइस और मोबाइल फोन बरामद हुए।
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पूछताछ के दौरान आरोपियों ने अपना नाम विजेंद्र निवासी मौजमपुर जैतरा थाना धामपुर और युवराज सिंह निवासी हिसामपुर थाना नौगावां सादात बताया। पुलिस के मुताबिक दोनों आरोपियों ने 26 दिसंबर को डिडौली के औरंगाबाद गांव निवासी सोमवती देवी से बायोमीट्रिक मशीन पर अंगूठे लगवाकर धोखाधड़ी करके उसके खाते से 10 हजार रुपये निकाले की घटना स्वीकार की है। इंस्पेक्टर ने बताया कि गिरफ्तार युवराज शातिर किस्म का अपराधी है। उसने वर्ष 2012 में अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर यस बैंक महाराष्ट्र में हैकिंग करके एक करोड़ रुपये की ठगी कर 12 खातों में जमाराशि को ट्रांसफर कर लिया था। इसमें से 9 लाख रुपये युवराज के खाते में भी आए थे। इस संबंध में थाना मुलुंड महाराष्ट्र में मुकदमा दर्ज है। युवराज पिछले आठ वर्षों से वांछित चल रहा था। वर्तमान में युवराज और विजेंद्र बायोमीट्रिक मशीन मंत्रा डिवाइस के माध्यम से गांवों के घरों में जाकर लोगों को भ्रमित कर अंगूठा लगवाकर उनके बैक खातों से पैसे निकाल अपने वॉलेट में ट्रांसफर कर लेते थे।
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