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गंगा में बाढ़ से खादर में दिक्कत, दारानगर के ग्रामीणों को आफत
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गजरौला के तिगरी धाम में उफनाई गंगा। संवाद
- फोटो : JPNAGAR
गंगा में बाढ़ से खादर में दिक्कत, दारानगर के ग्रामीणों को आफत
संवाद न्यूज एजेंसी
गजरौला। गंगा में बढ़ रहे जलस्तर से निचले इलाकों और खादर के ग्रामीणों की दुश्वारियां बढ़ती जा रही हैं। गंगा का जल खेतों में पहुंचने लगा है। वहीं सबसे अधिक आफत दारानगर सहित उन गांवों की शुरू हो गई है, जो टापू में बसे हैं। जिनको आने जाने के लिए नाव के अलावा कोई रास्ता नहीं है।
बिजनौर बैराज से छोड़े जा रहे जल और मैदानी व पहाड़ी इलाकों में हो रही बारिश गंगा को प्रभावित कर रही है। शनिवार को बिजनौर बैराज से 44 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया, जो एक दिन पूर्व छोड़े गए जल से 19 हजार कम है। इस कारण गंगा का जल स्तर कुछ कम हो गया। मगर इसके बाद भी निचले इलाकों और गंगा किनारे खादर के खेतों में गंगा का जल भर गया। जिससे खादर के ग्रामीणों की बेचैनी बढ़ गई है। सबसे अधिक आफत गंगा और बाह नाले के टापू में बसे ग्रामीणों को झेलनी पड़ रही है। दारानगर, मंदिर वाली, भुड्डी वाली, जहांगीर वाली आदि गांवों के लोगों के लिए नाव के अलावा और कोई रास्ता नहीं है। वह जान जोखिम में डाल कर नाव से पार हो रहे हैं। बाढ़ खंड के जेई अनवर बहादुर खान का कहना है कि शनिवार को गंगा का जलस्तर कुछ कम हो गया है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
गजरौला। गंगा में बढ़ रहे जलस्तर से निचले इलाकों और खादर के ग्रामीणों की दुश्वारियां बढ़ती जा रही हैं। गंगा का जल खेतों में पहुंचने लगा है। वहीं सबसे अधिक आफत दारानगर सहित उन गांवों की शुरू हो गई है, जो टापू में बसे हैं। जिनको आने जाने के लिए नाव के अलावा कोई रास्ता नहीं है।
बिजनौर बैराज से छोड़े जा रहे जल और मैदानी व पहाड़ी इलाकों में हो रही बारिश गंगा को प्रभावित कर रही है। शनिवार को बिजनौर बैराज से 44 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया, जो एक दिन पूर्व छोड़े गए जल से 19 हजार कम है। इस कारण गंगा का जल स्तर कुछ कम हो गया। मगर इसके बाद भी निचले इलाकों और गंगा किनारे खादर के खेतों में गंगा का जल भर गया। जिससे खादर के ग्रामीणों की बेचैनी बढ़ गई है। सबसे अधिक आफत गंगा और बाह नाले के टापू में बसे ग्रामीणों को झेलनी पड़ रही है। दारानगर, मंदिर वाली, भुड्डी वाली, जहांगीर वाली आदि गांवों के लोगों के लिए नाव के अलावा और कोई रास्ता नहीं है। वह जान जोखिम में डाल कर नाव से पार हो रहे हैं। बाढ़ खंड के जेई अनवर बहादुर खान का कहना है कि शनिवार को गंगा का जलस्तर कुछ कम हो गया है।
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