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Amroha News: अतरासी-गजरौला के बीच बनेगा ट्राॅमा सेंटर, शासन को भेजा प्रस्ताव
Sat, 22 Mar 2025 02:01 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा
संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा
Updated Sat, 22 Mar 2025 02:01 AM IST
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अमरोहा।
लंबे समय से जिले में चल रही ट्राॅमा सेंटर की मांग जल्द पूरी होने की उम्मीद है। इसके निर्माण के लिए स्वास्थ्य विभाग ने अतरासी-गजरौला के बीच हाईवे किनारे एक एकड़ सरकारी जमीन चिह्नित की है। साथ ही ट्रामा सेंटर बनाने के लिए शासन को प्रस्ताव बनाकर भेजा है।
ट्रॉमा सेंटर बनने से हाईवे पर होने वाले हादसों में घायलों की जान बचाई जा सकेगी। मंडी धनौरा विधायक राजीव तरारा ने विधानसभा में ट्रामा सेंटर बनाने का मुद्दा उठाया था।
जिले में ब्रजघाट से लेकर चौधरपुर तक करीब 62 किलोमीटर लंबा हाईवे है। ट्रैफिक अधिक होने के कारण हाईवे पर अक्सर हादसे होते रहते हैं। उपचार के बेहतर साधन नहीं होने के कारण अधिकांश गंभीर हालत वाले मरीज मेरठ व दिल्ली के लिए रेफर किए जाते है, लेकिन इनमें से कुछ रास्ते में ही दम तोड़ देते हैं। इसे देखते हुए दिल्ली हाईवे पर लंबे समय से ट्राॅमा सेंटर की दरकार है। इसके बनने से दिल्ली और मेरठ ले जाते समय होने वाली गंभीर रोगियों और घायलों की मौतों पर विराम लग सकेगा।
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उधर, जिले की आबादी के हिसाब से सरकारी अस्पतालों पर न तो दवा है और न ही चिकित्सक हैं। यह हाल शहर का ही नहीं बल्कि गांवों का भी है। जिलों के अस्पतालों में आधुनिक संसाधन मुहैया नहीं हैं, जिससे लोगों को बचाया जा सके। मगर तमाम कोशिशों के बावजूद सरकारी भूमि नहीं मिलने से जिले में ट्राॅमा सेंटर नहीं बन सका था। बीते दिनों सीएमओ डॉ. एसपी सिंह को एसडीएम मंडी धनौरा के नाम पत्र लिखा। कहा, गजरौला क्षेत्र में हाईवे पर ट्राॅमा सेंटर बेहद जरूरी है। हाईवे और उसके आसपास अन्य मार्गों पर आए दिन हादसे हो रहे हैं। इसी तरह कई बार आग में झुलसने के मामले सामने आए।
हादसों में घायलों और आग में झुलसे लोगों को नगर स्थित सीएचसी में भर्ती कराया जाता है, लेकिन घायलों और झुलसे लोगों के लिए जरूरी सुविधाएं नहीं होने के कारण उनको जिला अस्पताल या हायर सेंटर रेफर कर दिया जाता है। समय पर उपचार नहीं मिलने के कारण लोगों की माैत हो जाती है। ट्राॅमा सेंटर बनने से हादसे में घायल लोगों की जान बचाई जा सकती है। इसके बाद प्रशासन ने स्वास्थ्य विभाग को अतरासी-गजरौला के बीच हाईवे से 60 मीटर अंदर दौलतपुर गांव में ग्राम समाज की एक एकड़ भूमि चिह्नित कराई है। विभाग ने भूमि चिह्नित कर ट्रामा सेंटर बनाने के लिए शासन को प्रस्ताव भेजा है।
स्वास्थ्य विभाग के अफसरों ने सीएमओ को दिए निर्देश
18 सितंबर 2024 को मंडी धनौरा विधायक राजीव तरारा ने विधानसभा में ट्राॅमा सेंटर के निर्माण की मांग उठाई थी। विधायक की मांग को प्रदेश के स्वास्थ्य विभाग ने गंभीरता से लिया है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने सीएमओ को हाईवे पर ट्राॅमा सेंटर की स्थापना के निर्देश दिए हैं।
ट्राॅमा सेंटर में यह मिलेंगी सुविधाएं :
सीएमओ डॉ. एसपी सिंह ने बताया कि अगर ट्राॅमा सेंटर बनता है तो उसमें गंभीर मरीजों का इलाज के लिए विशेषज्ञ चिकित्सकों की तैनाती की जाएगी। जिसमें आपरेशन थिएटर, क्रिटिकल केयर एक्सपर्ट, ट्रांसपोर्टबल वेंटीलेटर, सीटी स्केन, ब्लड स्टोरेज यूनिट, पोर्टेबल डिजिटल एक्सरे मशीन, पैथोलाजी, ईको कार्डियोग्राफी, ईसीजी आदि सुविधाएं मिलेंगी।
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लंबे समय से जिले में चल रही ट्राॅमा सेंटर की मांग जल्द पूरी होने की उम्मीद है। इसके निर्माण के लिए स्वास्थ्य विभाग ने अतरासी-गजरौला के बीच हाईवे किनारे एक एकड़ सरकारी जमीन चिह्नित की है। साथ ही ट्रामा सेंटर बनाने के लिए शासन को प्रस्ताव बनाकर भेजा है।
ट्रॉमा सेंटर बनने से हाईवे पर होने वाले हादसों में घायलों की जान बचाई जा सकेगी। मंडी धनौरा विधायक राजीव तरारा ने विधानसभा में ट्रामा सेंटर बनाने का मुद्दा उठाया था।
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जिले में ब्रजघाट से लेकर चौधरपुर तक करीब 62 किलोमीटर लंबा हाईवे है। ट्रैफिक अधिक होने के कारण हाईवे पर अक्सर हादसे होते रहते हैं। उपचार के बेहतर साधन नहीं होने के कारण अधिकांश गंभीर हालत वाले मरीज मेरठ व दिल्ली के लिए रेफर किए जाते है, लेकिन इनमें से कुछ रास्ते में ही दम तोड़ देते हैं। इसे देखते हुए दिल्ली हाईवे पर लंबे समय से ट्राॅमा सेंटर की दरकार है। इसके बनने से दिल्ली और मेरठ ले जाते समय होने वाली गंभीर रोगियों और घायलों की मौतों पर विराम लग सकेगा।
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उधर, जिले की आबादी के हिसाब से सरकारी अस्पतालों पर न तो दवा है और न ही चिकित्सक हैं। यह हाल शहर का ही नहीं बल्कि गांवों का भी है। जिलों के अस्पतालों में आधुनिक संसाधन मुहैया नहीं हैं, जिससे लोगों को बचाया जा सके। मगर तमाम कोशिशों के बावजूद सरकारी भूमि नहीं मिलने से जिले में ट्राॅमा सेंटर नहीं बन सका था। बीते दिनों सीएमओ डॉ. एसपी सिंह को एसडीएम मंडी धनौरा के नाम पत्र लिखा। कहा, गजरौला क्षेत्र में हाईवे पर ट्राॅमा सेंटर बेहद जरूरी है। हाईवे और उसके आसपास अन्य मार्गों पर आए दिन हादसे हो रहे हैं। इसी तरह कई बार आग में झुलसने के मामले सामने आए।
हादसों में घायलों और आग में झुलसे लोगों को नगर स्थित सीएचसी में भर्ती कराया जाता है, लेकिन घायलों और झुलसे लोगों के लिए जरूरी सुविधाएं नहीं होने के कारण उनको जिला अस्पताल या हायर सेंटर रेफर कर दिया जाता है। समय पर उपचार नहीं मिलने के कारण लोगों की माैत हो जाती है। ट्राॅमा सेंटर बनने से हादसे में घायल लोगों की जान बचाई जा सकती है। इसके बाद प्रशासन ने स्वास्थ्य विभाग को अतरासी-गजरौला के बीच हाईवे से 60 मीटर अंदर दौलतपुर गांव में ग्राम समाज की एक एकड़ भूमि चिह्नित कराई है। विभाग ने भूमि चिह्नित कर ट्रामा सेंटर बनाने के लिए शासन को प्रस्ताव भेजा है।
स्वास्थ्य विभाग के अफसरों ने सीएमओ को दिए निर्देश
18 सितंबर 2024 को मंडी धनौरा विधायक राजीव तरारा ने विधानसभा में ट्राॅमा सेंटर के निर्माण की मांग उठाई थी। विधायक की मांग को प्रदेश के स्वास्थ्य विभाग ने गंभीरता से लिया है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने सीएमओ को हाईवे पर ट्राॅमा सेंटर की स्थापना के निर्देश दिए हैं।
ट्राॅमा सेंटर में यह मिलेंगी सुविधाएं :
सीएमओ डॉ. एसपी सिंह ने बताया कि अगर ट्राॅमा सेंटर बनता है तो उसमें गंभीर मरीजों का इलाज के लिए विशेषज्ञ चिकित्सकों की तैनाती की जाएगी। जिसमें आपरेशन थिएटर, क्रिटिकल केयर एक्सपर्ट, ट्रांसपोर्टबल वेंटीलेटर, सीटी स्केन, ब्लड स्टोरेज यूनिट, पोर्टेबल डिजिटल एक्सरे मशीन, पैथोलाजी, ईको कार्डियोग्राफी, ईसीजी आदि सुविधाएं मिलेंगी।