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आईएमए ने की दो घंटे की सांकेतिक हड़ताल, प्रदर्शन
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अमरोहा। मांगों को लेकर आईएमए चिकित्सकों ने शुक्रवार को सुबह नौ से 11 बजे तक दो घंटे की सांकेतिक हड़ताल की। एक बैंक्वेट हाल में एकत्र होकर विरोध-प्रदर्शन किया। कलक्ट्रेट पहुंचकर डीएम को ज्ञापन सौंपा। जल्द समस्याओं का समाधान नहीं होने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी दी। चिकित्सकों के मुताबिक इस दौरान मरीजों को दिक्कत नहीं हुई।
शुक्रवार की सुबह करीब नौ बजे इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ जीके त्यागी और सचिव डॉ. आशीष त्रिवेदी के नेतृत्व में तमाम निजी चिकित्सक जोया रोड स्थित एक बैंक्वेट हॉल पर एकत्र हुए। यहां पर हाथों में पोस्टर लेकर विरोध प्रदर्शन किया। चिकित्सकों ने कहा कि चिकित्सा पैसे जुड़े डॉक्टरों और कर्मियों पर लगातार हमले हो रहे हैं। पिछले दो सप्ताह के अंदर असम, बिहार, पश्चिम बंगाल, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, कर्नाटक समेत कई अन्य जगहों पर डॉक्टर्स पर हिंसक घटनाएं हुईं हैं। हमलों में कई डॉक्टर गंभीर रूप से घायल भी हुए हैं। महिला डॉक्टरों के साथ गाली-गलौच की गई है। कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर में 724 योद्धाओं (डॉक्टरों) ने अपनी शहादत दी है। मांग करते हुए कहा कि स्वास्थ्य सेवा प्रदाताओं को तत्काल सुरक्षा मुहैया कराई जाए। केंद्रीय अस्पताल और हेल्थकेयर प्रोफेशनल सुरक्षा अधिनियम में आईपीसी और आपराधिक गतिविधि संहिता शामिल कराई जाए। प्रत्येक अस्पताल की सुरक्षा के मानक बढ़ाए जाएं। अस्पतालों को सुरक्षित क्षेत्र घोषित किया जाए। दोषियों के खिलाफ फास्ट ट्रैक अदालत सुनवाई और सख्त से सख्त सजा दिलाने के प्रावधान हो। इस दौरान डॉ. बीआर गर्ग, डॉ. विवेक अग्रवाल, डॉ. बीएस देओल, डॉ. एसके सैनी आदि मौजूद रहे।
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शुक्रवार की सुबह करीब नौ बजे इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ जीके त्यागी और सचिव डॉ. आशीष त्रिवेदी के नेतृत्व में तमाम निजी चिकित्सक जोया रोड स्थित एक बैंक्वेट हॉल पर एकत्र हुए। यहां पर हाथों में पोस्टर लेकर विरोध प्रदर्शन किया। चिकित्सकों ने कहा कि चिकित्सा पैसे जुड़े डॉक्टरों और कर्मियों पर लगातार हमले हो रहे हैं। पिछले दो सप्ताह के अंदर असम, बिहार, पश्चिम बंगाल, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, कर्नाटक समेत कई अन्य जगहों पर डॉक्टर्स पर हिंसक घटनाएं हुईं हैं। हमलों में कई डॉक्टर गंभीर रूप से घायल भी हुए हैं। महिला डॉक्टरों के साथ गाली-गलौच की गई है। कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर में 724 योद्धाओं (डॉक्टरों) ने अपनी शहादत दी है। मांग करते हुए कहा कि स्वास्थ्य सेवा प्रदाताओं को तत्काल सुरक्षा मुहैया कराई जाए। केंद्रीय अस्पताल और हेल्थकेयर प्रोफेशनल सुरक्षा अधिनियम में आईपीसी और आपराधिक गतिविधि संहिता शामिल कराई जाए। प्रत्येक अस्पताल की सुरक्षा के मानक बढ़ाए जाएं। अस्पतालों को सुरक्षित क्षेत्र घोषित किया जाए। दोषियों के खिलाफ फास्ट ट्रैक अदालत सुनवाई और सख्त से सख्त सजा दिलाने के प्रावधान हो। इस दौरान डॉ. बीआर गर्ग, डॉ. विवेक अग्रवाल, डॉ. बीएस देओल, डॉ. एसके सैनी आदि मौजूद रहे।
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