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तिगरी गंगा मेले में टिन फेंसिंग का काम पूर्ण नहीं
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Tin fencing work not complete in Tigri Ganga fair
- फोटो : GAJRAULA
तिगरी गंगा मेले की तैयारियां करा रहे लोक निर्माण विभाग और जिला पंचायत ने जिलाधिकारी के निर्देशों को भी हवा में उड़ा दिया। मेले में बिजली का काम पूरा नहीं हो सका। टिन फेंसिंग का काम भी अधूरा है। स्नान घाट तो एक भी नहीं बनाया गया। गंगा जल में बैरिकेडिंग लगाने का काम शुरू भी नहीं किया गया। दो हजार शौचालय बनाए जाने हैं लेकिन अभी तक 70 ही बनाए जा सके हैं।
नोडल अधिकारी रणवीर प्रसाद ने बीते शनिवार को तिगरी में गंगा मेले की तैयारियों को लेकर समीक्षा बैठक ली थी। तब डीएम ने लोक निर्माण विभाग के एक्सईन को 25 अक्तूबर तक मेले में समस्त मार्ग बनाए जाने, टिन फेसिंग का काम पूर्ण करने, गंगा जल में बैरिकेडिंग करने के निर्देश दिए थे। बिजली विभाग के एक्सईन को मेला परिसर में रोशनी व्यवस्था मुकम्मल करने की हिदायत दी थी। जल निगम को पेयजल आपूर्ति के लिए 1250 हैंडपंप लगाने के निर्देश दिए थे। मगर चार दिन बाद भी मेले में व्यवस्था दुरुस्त नहीं हो सकी। 20 से 25 लाख श्रद्धालुओं के स्नान को मेले में एक भी स्नान घाट नहीं बनाया गया। दो हजार शौचालयों में महज 70 ही बनाए जा सके हैं। बिजली की एक ही लाइन खींची जा सकी है। जिस कारण रात को काम करने में दिक्कत सामने आ रही है। मेले में मार्ग बनाए जाने का काम भी पूर्ण नहीं हुआ है। सेक्टर भी नहीं बसे हैं। खास बात यह है कि मेले के प्रमुख मार्गों से 14 सेक्टर में किसी भी सेक्टर का मार्ग नहीं बना है।
मंगलवार को एडीएम माया शंकर व एसडीएम राजीव राज ने मेले में तैयारियां अधूरी पाई जाने पर लोक निर्माण विभाग और बिजली विभाग के अधिकारी व कर्मचारियों को कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए।
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नोडल अधिकारी रणवीर प्रसाद ने बीते शनिवार को तिगरी में गंगा मेले की तैयारियों को लेकर समीक्षा बैठक ली थी। तब डीएम ने लोक निर्माण विभाग के एक्सईन को 25 अक्तूबर तक मेले में समस्त मार्ग बनाए जाने, टिन फेसिंग का काम पूर्ण करने, गंगा जल में बैरिकेडिंग करने के निर्देश दिए थे। बिजली विभाग के एक्सईन को मेला परिसर में रोशनी व्यवस्था मुकम्मल करने की हिदायत दी थी। जल निगम को पेयजल आपूर्ति के लिए 1250 हैंडपंप लगाने के निर्देश दिए थे। मगर चार दिन बाद भी मेले में व्यवस्था दुरुस्त नहीं हो सकी। 20 से 25 लाख श्रद्धालुओं के स्नान को मेले में एक भी स्नान घाट नहीं बनाया गया। दो हजार शौचालयों में महज 70 ही बनाए जा सके हैं। बिजली की एक ही लाइन खींची जा सकी है। जिस कारण रात को काम करने में दिक्कत सामने आ रही है। मेले में मार्ग बनाए जाने का काम भी पूर्ण नहीं हुआ है। सेक्टर भी नहीं बसे हैं। खास बात यह है कि मेले के प्रमुख मार्गों से 14 सेक्टर में किसी भी सेक्टर का मार्ग नहीं बना है।
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मंगलवार को एडीएम माया शंकर व एसडीएम राजीव राज ने मेले में तैयारियां अधूरी पाई जाने पर लोक निर्माण विभाग और बिजली विभाग के अधिकारी व कर्मचारियों को कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए।
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