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Amroha News: दुरुस्त की जाएंगी तिगरी और महरपुर गुर्जर बाढ़ चौकी
Mon, 23 Jun 2025 01:54 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा
संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा
Updated Mon, 23 Jun 2025 01:54 AM IST
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गजरौला (अमरोहा)।
बाढ़ आने से पहले ही बाढ़ खंड विभाग ने बचाव की तैयारियां शुरू कर दी हैं। तिगरी और महरपुर गुर्जर बाढ़ राहत चौकी के जर्जर हो चुके भवनों को दुरुस्त किया जाएगा। दोनों पर पांच-पांच लाख रुपये खर्च आने का अनुमान है।
अमराेहा जिले में करीब 86 किमी की लंबाई में गंगा प्रवाहित होती है। गंगा किनारे बसे हसनपुर व मंडी धनौरा तहसील के करीब 100 गांव गंगा में हर साल आने वाली बाढ़ से प्रभावित होते हैं। इससे बचाव के लिए बाढ़ खंड विभाग की बाढ़ राहत चौकी बनी हैं। जिन पर बाढ़ सीजन में स्टाफ तैनात कर दिया जाता है, जो सुबह और शाम गेज की रिपोर्ट विभाग के आला अफसरों के साथ ही जिला प्रशासन को भी भेजता है।
गजरौला क्षेत्र के तिगरी और उसके आसपास बाढ़ हर साल कहर बरपाती है। बाढ़ से बचाव के लिए गांव में चौकी बनी है। इसका भवन जर्जर हो गया है। यही हाल हसनपुर तहसील क्षेत्र के गांव महरपुर गुर्जर में बनी बाढ़ राहत चौकी का है। उसका भी भवन जर्जर होने के कारण इस लायक नहीं रह गया कि उसमें स्टाफ ठहर सके। जबकि बाढ़ सीजन में स्टाफ की तैनाती की जाती है। स्टाफ को परेशानी न हो और बाढ़ की सही से निगरानी हो सके, इसके लिए दोनों चौकी के भवन दुरुस्त किए जाएंगे। बाढ़ खंड विभाग के अधिशासी अभियंता राजेश कुमार गंगवार ने बताया कि दोनों चौकी के भवनों को सही कराया जाएगा। जिन पर पांच लाख से अधिक का खर्चा आने का अनुमान है।
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बाढ़ आने से पहले ही बाढ़ खंड विभाग ने बचाव की तैयारियां शुरू कर दी हैं। तिगरी और महरपुर गुर्जर बाढ़ राहत चौकी के जर्जर हो चुके भवनों को दुरुस्त किया जाएगा। दोनों पर पांच-पांच लाख रुपये खर्च आने का अनुमान है।
अमराेहा जिले में करीब 86 किमी की लंबाई में गंगा प्रवाहित होती है। गंगा किनारे बसे हसनपुर व मंडी धनौरा तहसील के करीब 100 गांव गंगा में हर साल आने वाली बाढ़ से प्रभावित होते हैं। इससे बचाव के लिए बाढ़ खंड विभाग की बाढ़ राहत चौकी बनी हैं। जिन पर बाढ़ सीजन में स्टाफ तैनात कर दिया जाता है, जो सुबह और शाम गेज की रिपोर्ट विभाग के आला अफसरों के साथ ही जिला प्रशासन को भी भेजता है।
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गजरौला क्षेत्र के तिगरी और उसके आसपास बाढ़ हर साल कहर बरपाती है। बाढ़ से बचाव के लिए गांव में चौकी बनी है। इसका भवन जर्जर हो गया है। यही हाल हसनपुर तहसील क्षेत्र के गांव महरपुर गुर्जर में बनी बाढ़ राहत चौकी का है। उसका भी भवन जर्जर होने के कारण इस लायक नहीं रह गया कि उसमें स्टाफ ठहर सके। जबकि बाढ़ सीजन में स्टाफ की तैनाती की जाती है। स्टाफ को परेशानी न हो और बाढ़ की सही से निगरानी हो सके, इसके लिए दोनों चौकी के भवन दुरुस्त किए जाएंगे। बाढ़ खंड विभाग के अधिशासी अभियंता राजेश कुमार गंगवार ने बताया कि दोनों चौकी के भवनों को सही कराया जाएगा। जिन पर पांच लाख से अधिक का खर्चा आने का अनुमान है।
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