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Amroha News: पिपलौती खुर्द में सांड़ के हमले में तीन किसान घायल
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हसनपुर (अमरोहा)। क्षेत्र में सांड़ के हमले में एक ही गांव के तीन किसान घायल हो गए। घायलों ने अपना उपचार निजी चिकित्सक से करवाया है। ग्रामीणों ने सांड़ों को पकड़वाने की मांग की है।
बताते हैं कि गांव पिपलौती खुर्द में किसान तौकीर अहमद, कामिल और बाबू रोजाना की तरह जंगल में खेत की रखवाली करने गए थे। शाम के वक्त वापस लौट रहे थे। इस दौरान अलग-अलग स्थानों पर तीनों पर सांड़ ने हमला कर दिया। जैसे ही सांड़ हमला करने के लिए पीछे दौड़े किसान भी दौड़ने लगे। सांड़ के हमले में तीनों घायल हो गए। शोर शराबा सुनकर आसपास काम कर रहे किसान मौके पर पहुंचे। उन्होंने लाठी डंडों से सांड़ों को दौड़ाया। घायल किसानों ने अपना निजी चिकित्सक के यहां उपचार करवाया है। ग्रामीणों का कहना है कि मांग करने के बावजूद भी सांड़ों को नहीं पकड़वाया जा रहा है। सांड़ों को लेकर ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। अबतक सांड़ों के हमले में क्षेत्र में सात किसानों की मौत हो चुकी है। 29 मई को अतरासी मार्ग पर सांड़ के हमले में फौजी अंकित निवासी गांव नबावपुरा की मौत हो गई थी। इसके आठ दिन बाद ही गांव रूखालू में छात्र दुष्यंत की सांड़ के हमले में मौत हो गई थी।
टीम ने अभियान चलाकर रूखालू से पांच हिंसक सांड़ पकड़े
हिंसक सांड़ों को पकड़ने के लिए अभियान चलाया जा रहा है। सोमवार को टीम ने अलग-अलग जगहों से पांच हिंसक सांड़ पकड़े। उप पशु चिकित्साधिकारी हसनपुर डॉक्टर नरेंद्र सिंह ने बताया कि टीम ने सोमवार को गांव रूखालू से पांच हिंसक सांड़ों को पकड़ा है। पकड़े गए सांड़ों का गोशाला ले जाया गया है। उन्हें अन्य गोवंशीय पशुओं से दूर रखा जाएगा।
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बताते हैं कि गांव पिपलौती खुर्द में किसान तौकीर अहमद, कामिल और बाबू रोजाना की तरह जंगल में खेत की रखवाली करने गए थे। शाम के वक्त वापस लौट रहे थे। इस दौरान अलग-अलग स्थानों पर तीनों पर सांड़ ने हमला कर दिया। जैसे ही सांड़ हमला करने के लिए पीछे दौड़े किसान भी दौड़ने लगे। सांड़ के हमले में तीनों घायल हो गए। शोर शराबा सुनकर आसपास काम कर रहे किसान मौके पर पहुंचे। उन्होंने लाठी डंडों से सांड़ों को दौड़ाया। घायल किसानों ने अपना निजी चिकित्सक के यहां उपचार करवाया है। ग्रामीणों का कहना है कि मांग करने के बावजूद भी सांड़ों को नहीं पकड़वाया जा रहा है। सांड़ों को लेकर ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। अबतक सांड़ों के हमले में क्षेत्र में सात किसानों की मौत हो चुकी है। 29 मई को अतरासी मार्ग पर सांड़ के हमले में फौजी अंकित निवासी गांव नबावपुरा की मौत हो गई थी। इसके आठ दिन बाद ही गांव रूखालू में छात्र दुष्यंत की सांड़ के हमले में मौत हो गई थी।
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टीम ने अभियान चलाकर रूखालू से पांच हिंसक सांड़ पकड़े
हिंसक सांड़ों को पकड़ने के लिए अभियान चलाया जा रहा है। सोमवार को टीम ने अलग-अलग जगहों से पांच हिंसक सांड़ पकड़े। उप पशु चिकित्साधिकारी हसनपुर डॉक्टर नरेंद्र सिंह ने बताया कि टीम ने सोमवार को गांव रूखालू से पांच हिंसक सांड़ों को पकड़ा है। पकड़े गए सांड़ों का गोशाला ले जाया गया है। उन्हें अन्य गोवंशीय पशुओं से दूर रखा जाएगा।
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