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Amroha News: गर्मी का पारा चढ़ा... नौ साल में सबसे गर्म रही 17 मई
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अमरोहा। गर्मी हर रोज अपना ही रिकॉर्ड तोड़ने में लगी है। मई में ही जून जैसी गर्मी से लोग बेहाल हैं। एक सप्ताह से लगातार तापमान में उतार-चढ़ाव दिख रहा है। इस साल 17 मई ने पिछले नौ साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। यानी इस सीजन में भी शुक्रवार का दिन सबसे गर्म दिन रहा। अधिकतम तापमान 43 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। जबकि गर्म हवा भी 38 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चली। सूरज की तपिश, गर्मी और लू से हर कोई बेहाल है। आने वाले दिनों में तापमान 45 डिग्री के पार पहुंचने की संभावना है।
शुक्रवार की सुबह नौ बजे से ही तीखी धूप ने लोगों को परेशान कर दिया। दोपहर को वही लोग बाहर निकल रहे हैं, जिन्हें जरूरी काम है। गर्मी के कारण अभी से ही सड़कों पर सन्नाटा दिखने लगा है। राहगीरों को तीखी धूप से बचने के लिए गमछे का सहारा लेना पड़ रहा है। जो लोग बाहर निकल रहे हैं वो तीखी धूप से बचने के लिए छांव ढूंढते फिर रहे थे। ज्यादातर लोग घरों में दुबके रहे। बिना एसी दफ्तरों में भी आग बरसती रही। लोग पंखे की हवा छोड़ कर पेड़ों के नीचे ठंडी हवा लेते दिखाई दिए।
शहर और कस्बों के मुख्य बाजार में दोपहर में सन्नाटा पसरा रहा। जबकि उमस भरी गर्मी के कारण देरशाम बाजार में खरीदारी के लिए लोग निकले। अधिकतर राहगीर चेहरे पर कपड़ा लपेटकर वाहनों की सवारी की।
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जिला कृषि अधिकारी बबलू सिंह ने बताया कि शुक्रवार को अधिकतम तापमान 43 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। ये इस सीजन में अब तक सबसे अधिक तापमान है। जबकि पिछले नौ साले में 17 मई सबसे अधिक गरम हैं। आने वाले दिनों में यह और बढ़ने की संभावना है। ऐसे में लोगों को विशेष सतर्क रहने की जरूरत है।
आयुर्वेदिक चिकित्सा अधिकारी डॉ. फाइक अली ने बताया कि धूप की तपिश से लोग बचने की कोशिश करें। चेहरे पर कपड़ा ढककर निकले। पानी अधिक पीएं। अगर अभी यह हाल है तो जून के महीने में गर्मी के तेवर और तीखे होंगे।
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वर्ष-- -- -अधिकतम तापमान-- -- न्यूनतम तापमान
2015-- -- 35.2 डिग्री-- -- -- -- -22.5 डिग्री
2016-- -- 42 .2 डिग्री-- -- -- -- 25.3 डिग्री
2017-- -- 40 डिग्री-- -- -- -- -- 27 डिग्री
2018-- -- 37.8 डिग्री-- -- -- -- 24 डिग्री
2019-- -- 35.2 डिग्री-- -- -- -- 24.8 डिग्री
2020-- -- 36 डिग्री-- -- -- -- -22 डिग्री
2021-- -- 39 डिग्री-- -- -- -- -25 डिग्री
2022-- -- 41 डिग्री-- -- -- -- -28 डिग्री
2023-- -- 41 डिग्री -- -- -- -- 29 डिग्री
2024-- -- 43 डिग्री-- -- -- -- -27 डिग्री
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गर्मी से बचाव के लिए क्या करें
शरीर को हाइड्रेट रखने के लिए खूब पानी पीते रहें।
सूती और ढीले कपड़े पहनें। ये शरीर को ठंडा रखने में मददगार है।
पूरे कपड़े पहनें, हाथों को अच्छे से कवर करके रखें।
दोपहर के समय घर से अनावश्यक रूप से बाहर जानें से बचें।
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क्या न करें
गर्मी से बचाव के लिए बच्चों को गाड़ी में न छोड़ें।
दोपहर के समय बाहर किसी भी प्रकार की गतिविधियों से बचें।
शराब- कार्बोनेट ड्रिंक्स के सेवन से बचा जाना चाहिए।
धूप के सीधे संपर्क में आने से बचा जाना चाहिए।
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गर्मी से फसलों की भी नुकसान का अनुमान
जिला कृषि अधिकारी बबलू सिंह ने बताया कि गर्मी में गन्ना की फसल जल्द सूखने, पौधों का विकास कम होने, शूट, टॉप बोरर और रूट बोरर कीट प्रकोप बढ़ने की आशंका बन जाती है। सब्जियों में अदरक, खीरा, हल्दी, मिर्च, टमाटर, बैंगन, लौकी, कद्दू, भिंडी, सेम आदि के फूल की कली और अपरिपक्व फल गिरने और गुणवत्ता प्रभावित होने होती है। इतना ही नहीं आम, अमरूद, केला के पूरे पौधे को नुकसान, फसल ज्यादा गिरने की आशंका बन जाती है। उन्होंने बताया कि भीषण गर्मी में दिन में फसलों की सिंचाई से उनके तने प्रभावित हो सकता है। लिहाजा, शाम चार बजे के बाद ही सिंचाई करनी चाहिए। इससे नमी लंबे समय तक बरकरार रहती है। बोआई भी शाम को हल्की नमी में करें। कीट या रोग का प्रकोप दिखने पर कीटनाशक का प्रयोग करें।
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शुक्रवार की सुबह नौ बजे से ही तीखी धूप ने लोगों को परेशान कर दिया। दोपहर को वही लोग बाहर निकल रहे हैं, जिन्हें जरूरी काम है। गर्मी के कारण अभी से ही सड़कों पर सन्नाटा दिखने लगा है। राहगीरों को तीखी धूप से बचने के लिए गमछे का सहारा लेना पड़ रहा है। जो लोग बाहर निकल रहे हैं वो तीखी धूप से बचने के लिए छांव ढूंढते फिर रहे थे। ज्यादातर लोग घरों में दुबके रहे। बिना एसी दफ्तरों में भी आग बरसती रही। लोग पंखे की हवा छोड़ कर पेड़ों के नीचे ठंडी हवा लेते दिखाई दिए।
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शहर और कस्बों के मुख्य बाजार में दोपहर में सन्नाटा पसरा रहा। जबकि उमस भरी गर्मी के कारण देरशाम बाजार में खरीदारी के लिए लोग निकले। अधिकतर राहगीर चेहरे पर कपड़ा लपेटकर वाहनों की सवारी की।
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जिला कृषि अधिकारी बबलू सिंह ने बताया कि शुक्रवार को अधिकतम तापमान 43 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। ये इस सीजन में अब तक सबसे अधिक तापमान है। जबकि पिछले नौ साले में 17 मई सबसे अधिक गरम हैं। आने वाले दिनों में यह और बढ़ने की संभावना है। ऐसे में लोगों को विशेष सतर्क रहने की जरूरत है।
आयुर्वेदिक चिकित्सा अधिकारी डॉ. फाइक अली ने बताया कि धूप की तपिश से लोग बचने की कोशिश करें। चेहरे पर कपड़ा ढककर निकले। पानी अधिक पीएं। अगर अभी यह हाल है तो जून के महीने में गर्मी के तेवर और तीखे होंगे।
वर्ष
2015
2016
2017
2018
2019
2020
2021
2022
2023
2024
गर्मी से बचाव के लिए क्या करें
शरीर को हाइड्रेट रखने के लिए खूब पानी पीते रहें।
सूती और ढीले कपड़े पहनें। ये शरीर को ठंडा रखने में मददगार है।
पूरे कपड़े पहनें, हाथों को अच्छे से कवर करके रखें।
दोपहर के समय घर से अनावश्यक रूप से बाहर जानें से बचें।
क्या न करें
गर्मी से बचाव के लिए बच्चों को गाड़ी में न छोड़ें।
दोपहर के समय बाहर किसी भी प्रकार की गतिविधियों से बचें।
शराब- कार्बोनेट ड्रिंक्स के सेवन से बचा जाना चाहिए।
धूप के सीधे संपर्क में आने से बचा जाना चाहिए।
गर्मी से फसलों की भी नुकसान का अनुमान
जिला कृषि अधिकारी बबलू सिंह ने बताया कि गर्मी में गन्ना की फसल जल्द सूखने, पौधों का विकास कम होने, शूट, टॉप बोरर और रूट बोरर कीट प्रकोप बढ़ने की आशंका बन जाती है। सब्जियों में अदरक, खीरा, हल्दी, मिर्च, टमाटर, बैंगन, लौकी, कद्दू, भिंडी, सेम आदि के फूल की कली और अपरिपक्व फल गिरने और गुणवत्ता प्रभावित होने होती है। इतना ही नहीं आम, अमरूद, केला के पूरे पौधे को नुकसान, फसल ज्यादा गिरने की आशंका बन जाती है। उन्होंने बताया कि भीषण गर्मी में दिन में फसलों की सिंचाई से उनके तने प्रभावित हो सकता है। लिहाजा, शाम चार बजे के बाद ही सिंचाई करनी चाहिए। इससे नमी लंबे समय तक बरकरार रहती है। बोआई भी शाम को हल्की नमी में करें। कीट या रोग का प्रकोप दिखने पर कीटनाशक का प्रयोग करें।