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Amroha News: सरकारी अस्पतालों में 12 दिन से एंटी रैबीज सीरम नहीं, मरीज परेशान

Fri, 27 Jun 2025 01:55 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा
संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा Updated Fri, 27 Jun 2025 01:55 AM IST
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There is no anti-rabies serum in government hospitals for 12 days, patients are worried
अमरोहा। जिले के सरकारी अस्पतालों में एंटी रैबीज सीरम पिछले 12 दिन से खत्म है। ऐसे में कुत्ते, बंदर व अन्य जानवराें के काटे मरीजों को इलाज नहीं मिल पा रहा है।
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सीएचसी से एंटी रैबीज सीरम लगवाने के लिए जिला अस्पताल भेजा जा रहा है और यहां इंजेक्शन खत्म होने की बात कहकर मरीज को लौटाया जा रहा है। बीते दिन बुधवार सुबह भी छह मरीजों दिल्ली में एंटी रैबीज सिरम लगवाने की बात कहकर वापस किया गया।
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अमरोहा जिले में जिला अस्पताल के अलावा सात सीएचसी हैं। शहरी-ग्रामीण इलाकों में कुत्तों के अलावा बंदरों का भी आतंक कम नहीं है। बंदर छोटे बच्चों महिलाओं और रास्ते पर आते जाते लोगों पर आए दिन हमला कर रहे हैं। वहीं, सरकारी अस्पतालों में कुत्ता काटने पर लगाई जाने वाली एंटी रैबीज सीरम उपलब्ध नहीं होने से गंभीर घायल मरीजों को एंटी रैबीज वैक्सीन लगाने के बाद सीधे ट्रॉमा सेंटर के लिए रेफर किया जा रहा है।
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हालांकि, मरीजों के इलाज के लिए सात फरवरी 2025 को शासन स्तर से जिले को पहली बार एंटी रैबीज सीरम उपलब्ध कराया गया था, जिससे मरीजों को समय पर सही इलाज मिल सके। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग को एंटी रैबीज सीरम की 150 बाइल्स मिले थे, जो खत्म हो गए। अब फिर कुत्ता काटने के घायल और गंभीर मरीजों को अब मुरादाबाद, मेरठ, दिल्ली के लिए रेफर नहीं करना पड़ रहा है।
हाइड्रो फोबिया से बचाव के लिए जरूरी है एआरएस

डॉ. चरन सिंह ने बताया कि रैबीज संक्रमित कुत्ता, बिल्ली, बंदर आदि जानवरों के काटने या खरोंचने से हाइड्रोफोबिया हो सकता है। मरीज में बुखार, सिरदर्द, और मांसपेशियों में दर्द जैसे लक्षण दिखाई देते हैं। मरीज को पानी से डर लगता है। जानवर के हमले में गंभीर रूप से घायल होने पर मरीज को एंटी रैबीज सीरम दिया जाना जरूरी है।
एंटी रैबीज वैक्सीन :
एंटी रैबीज वैक्सीन रैबीज नामक बीमारी को रोकने के लिए इस्तेमाल किया जाने वाला टीका है। यह एक जानलेवा बीमारी है, जो संक्रमित जानवरों के काटने या खरोंचने से फैलती है। रैबीज का टीका, रैबीज वायरस के खिलाफ प्रतिरक्षा प्रणाली को सक्रिय करता है, जिससे शरीर में एंटीबॉडी बनते हैं और रैबीज संक्रमण से बचाव होता है।

एंटी रैबीज सीरम :
एंटी रैबीज सीरम रैबीज वायरस के संपर्क में आने वाले लोगों को रैबीज से बचाने के लिए इस्तेमाल किया जाने वाला एक इंजेक्शन है। इसमें रैबीज वायरस के खिलाफ एंटीबॉडी होते हैं, यह सीरम रैबीज के टीके के साथ मिलकर, शरीर को रैबीज वायरस से लड़ने में मदद करता है।
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