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Amroha News: उद्योगों की राह में रोड़े ही रोड़े
Fri, 29 Sep 2023 01:50 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा
संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा
Updated Fri, 29 Sep 2023 01:50 AM IST
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अमरोहा। जिले में नए उद्योगों की राह में रोड़े ही रोड़े हैं। उद्यमियों की समस्याएं दूर नहीं हो पा रही हैं। कहीं प्रशासन उद्योगों के लिए जमीन नहीं उपलब्ध करा पा रहा तो कहीं निवेशकों को तहसील से सहयोग नहीं मिल रहा। ऐसे में उद्यमी परेशान हैं और उनके समक्ष नए उद्योग लगाने की चुनौती है। प्रशासन निवेशकों को उद्योग लगाने के लिए जमीन मुहैया नहीं करा पा रहा है।
जिले के औद्योगिक क्षेत्र में जमीन नहीं है। जिस क्षेत्र में जमीन है, वह विकसित नहीं है। इंवेस्टर समिट में दिए गए प्रस्तावों में उद्यमियों को जमीन के संबंध में तहसीलों से सहयोग नहीं मिल पा रहा है। भूमि नामांतरण की कई फाइलें अटकी पड़ी हैं। आपत्तियों का निस्तारण तय समय सीमा के अंदर नहीं हो पा रहा है। माना जा रहा था कि जल्द ही जिले में नए कारखानों की स्थापना होगी। लेकिन जमीन की समस्या से जिले में रोजगार उद्योग स्थापित होने की रफ्तार धीमी पड़ गई है। जिसके चलते औद्योगिक इकाइयों धरातल पर नहीं उतर सकीं।
जिले में 108 उद्यमियों ने 5070 करोड़ निवेश के प्रस्ताव प्रशासन को सौंपे थे। बड़ी बात ये है कि उद्यमियों की पहली पसंद गजरौला और चौधरपुर रहा है। अधिकांश उद्यमियों ने इन्हीं दोनों क्षेत्रों में अपना उद्योग स्थापित करने हामी भरी। दूध उत्पादन और पशुपालन में अमरोहा आगे बढ़ेगा। समिट में पहुंचे निवेशकों और उद्यमियों ने खाद्य, ऑटोमोबाइल, कारपेट, इलेक्ट्रानिक्स, डेयरी प्लांट, डेयरी प्रोडेक्ट, टैक्सटाइल, शीतल पेय, दवा पेस्टिसाइड, केमिकल इलेक्ट्रॉनिक, पोल उपकरण मैन्युफैक्चरिंग, आयुर्वेदिक दवाओं का निर्माण और गोट फार्म, पोल्ट्री फार्म, कंप्रेसिव बायोगैस सहित विभिन्न क्षेत्रों में निवेश करने की इच्छा जाहिर की थी। वहीं बड़ी संख्या में उद्योग स्थापित करने के लिए भूमि की भी आवश्यकता पड़ रही है।
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जरूरत के हिसाब से जिला प्रशासन ने हाईवे किनारे ग्राम पंचायत, ग्राम समाज व अन्य सरकारी भूमि को चिह्नित करना शुरू कर दिया था। प्रशासन की ओर से जरूरत पड़ने पर उद्यमियों को भूमि उपलब्ध कराई जाने का दावा किया जा रहा था। लेकिन हकीकत बिल्कुल उलट हैं। प्रशासन निवेशकों को पर्याप्त जमीन उपलब्ध नहीं करा पा रहा है। इतना नहीं उद्यमियों की कई और समस्या का समाधान नहीं हो पा रहा है। स्थिति ये हैं तहसील स्तर पर भूमि नामांतरण की कई फाइलें अटकी पड़ी हैं। प्रदूषण एनओसी के लिए उद्यमियों व उनके कर्मचारियों को दफ्तरों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं।
प्रशासन को इनके मिले प्रस्ताव
कंपनी-- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -रुपये
पैरामाउंट होम्स कलेक्शन-- -- -- -- -- -- -- -- -1.5 करोड़
एसी ब्रदर्स-- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- 50 करोड़
कमलेश पेपर मिल-- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- 50 करोड़
प्रकाश वूलन-- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- 5 करोड़
रेलियबल बायो एनर्जी इंडस्ट्री-- -- -- -- -- -- -- -- 4.7 करोड़
सीएल गुप्ता एक्सपोर्ट लिमिटेड-- -- -- -- -- -- -- 50 करोड़
जुबिलेंट इंग्रेविया लिमिटेड-- -- -- -- -- -- -- -- -- 50 करोड़
बेस्ट क्रॉप साइंस प्राइवेट लिमिटेड-- -- -- -- -- -- 40 करोड़
अपेक्स क्रॉप प्राइवेट लिमिटेड-- -- -- -- -- -- -- -2 करोड़
स्टोनमैन क्राफ्ट इंडिया प्राइवेट लिमिटेड-- -- -- -50 करोड़
लोपन मेटल ट्रीटमेंट प्राइवेट लिमिटेड-- -- -- -- 7 करोड़
राज स्नेह एग्रो फूड्स प्राइवेट लिमिटेड-- -- -- -- 1 करोड़
तेवा एपीआई लिमिटेड-- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -33 करोड़
एसकेजी न्यू लुक-- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -5 करोड़
राजपाल इंजीनियरिंग वर्क्स-- -- -- -- -- -- -- -- -- 12 करोड़
आरएसीएल-- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- 250 करोड़
रियलटाइम बायोमैट्रिक्स इंडिया प्राइवेट लिमिटेड-- 80 करोड़
-
उद्यमियों के लिए ये हैं चुनौतियां
- उद्योगों की स्थापना के लिए महंगी जमीनें हैं, उद्योग के रास्ते में रोड़ा
- परिवहन सेवाओं की कमी के कारण शहर के बाहर उद्योग स्थापित करने में होती है दिक्कतें
- बैंकों से ऋण समय से नहीं उपलब्ध नहीं हो पाता, जिससे तमाम प्रस्ताव फाइलों में दबकर ही रह जाते हैं
- महंगी बिजली और कुशल श्रम की कमी भी आती है आड़े
- उद्यमियों को अधिकारियों के चक्कर लगाने से मिले छूट
- जिले में परिवहन सुविधाओं को बढ़ाया जाए
- ट्रेनों की संख्या बढ़े और सड़कों की हो मरम्मत हो
अफसरों के साथ बैठक में ये समस्याएं आईं सामने
- बुनकरों की अटकी सब्सिडी दिलाने की मांग
- कैलसा बिजलीघर को जीर्णोंद्धार व कैलसा बिजली घर की विद्युत लाइन को गुलड़िया से शिफ्ट करने की मांग
- ढोलक कारोबारियों को वन विभाग से एनओसी मिलने में आ रही दिक्कत
- सीएल गुप्ता एक्सपोर्ट लिमिटेड के पास जिवाई से अमहेड़ा व करनपुर को जाने वाले लिंक मार्ग का निर्माण कराने की मांग
- राम म्यूजिकल हैंडीक्राफ्ट कैलसा बाईपास रोड जयओम नगर के आगे नाले के निर्माण कराने की मांग
उद्योग बंधु की जो समस्याएं सामने आती हैं उन्हें गंभीरता से लेकर संबंधित अधिकारी को आवश्यक दिशा निर्देश दिए गए हैं। उद्यमियों की किसी भी समस्या को लेकर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। प्राथमिकता के साथ उनकी समस्याओं का निस्तारण कराया जा रहा है। उद्यमियों को एक अच्छा माहौल दिया जा रहा है। जिससे वह भयमुक्त होकर अपना उद्यम लगा सकें। उनकी हर समस्या का समाधान प्राथमिकता के साथ किया जा रहा है। जमीनें भी उपलब्ध कराई जा रही हैं। कुछ जगह अड़चन आ रही हैं, उनका भी समाधान कराया जा रहा है।
-विकास यादव, उपायुक्त, उद्योग
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जिले के औद्योगिक क्षेत्र में जमीन नहीं है। जिस क्षेत्र में जमीन है, वह विकसित नहीं है। इंवेस्टर समिट में दिए गए प्रस्तावों में उद्यमियों को जमीन के संबंध में तहसीलों से सहयोग नहीं मिल पा रहा है। भूमि नामांतरण की कई फाइलें अटकी पड़ी हैं। आपत्तियों का निस्तारण तय समय सीमा के अंदर नहीं हो पा रहा है। माना जा रहा था कि जल्द ही जिले में नए कारखानों की स्थापना होगी। लेकिन जमीन की समस्या से जिले में रोजगार उद्योग स्थापित होने की रफ्तार धीमी पड़ गई है। जिसके चलते औद्योगिक इकाइयों धरातल पर नहीं उतर सकीं।
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जिले में 108 उद्यमियों ने 5070 करोड़ निवेश के प्रस्ताव प्रशासन को सौंपे थे। बड़ी बात ये है कि उद्यमियों की पहली पसंद गजरौला और चौधरपुर रहा है। अधिकांश उद्यमियों ने इन्हीं दोनों क्षेत्रों में अपना उद्योग स्थापित करने हामी भरी। दूध उत्पादन और पशुपालन में अमरोहा आगे बढ़ेगा। समिट में पहुंचे निवेशकों और उद्यमियों ने खाद्य, ऑटोमोबाइल, कारपेट, इलेक्ट्रानिक्स, डेयरी प्लांट, डेयरी प्रोडेक्ट, टैक्सटाइल, शीतल पेय, दवा पेस्टिसाइड, केमिकल इलेक्ट्रॉनिक, पोल उपकरण मैन्युफैक्चरिंग, आयुर्वेदिक दवाओं का निर्माण और गोट फार्म, पोल्ट्री फार्म, कंप्रेसिव बायोगैस सहित विभिन्न क्षेत्रों में निवेश करने की इच्छा जाहिर की थी। वहीं बड़ी संख्या में उद्योग स्थापित करने के लिए भूमि की भी आवश्यकता पड़ रही है।
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जरूरत के हिसाब से जिला प्रशासन ने हाईवे किनारे ग्राम पंचायत, ग्राम समाज व अन्य सरकारी भूमि को चिह्नित करना शुरू कर दिया था। प्रशासन की ओर से जरूरत पड़ने पर उद्यमियों को भूमि उपलब्ध कराई जाने का दावा किया जा रहा था। लेकिन हकीकत बिल्कुल उलट हैं। प्रशासन निवेशकों को पर्याप्त जमीन उपलब्ध नहीं करा पा रहा है। इतना नहीं उद्यमियों की कई और समस्या का समाधान नहीं हो पा रहा है। स्थिति ये हैं तहसील स्तर पर भूमि नामांतरण की कई फाइलें अटकी पड़ी हैं। प्रदूषण एनओसी के लिए उद्यमियों व उनके कर्मचारियों को दफ्तरों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं।
प्रशासन को इनके मिले प्रस्ताव
कंपनी
पैरामाउंट होम्स कलेक्शन
एसी ब्रदर्स
कमलेश पेपर मिल
प्रकाश वूलन
रेलियबल बायो एनर्जी इंडस्ट्री
सीएल गुप्ता एक्सपोर्ट लिमिटेड
जुबिलेंट इंग्रेविया लिमिटेड
बेस्ट क्रॉप साइंस प्राइवेट लिमिटेड
अपेक्स क्रॉप प्राइवेट लिमिटेड
स्टोनमैन क्राफ्ट इंडिया प्राइवेट लिमिटेड
लोपन मेटल ट्रीटमेंट प्राइवेट लिमिटेड
राज स्नेह एग्रो फूड्स प्राइवेट लिमिटेड
तेवा एपीआई लिमिटेड
एसकेजी न्यू लुक
राजपाल इंजीनियरिंग वर्क्स
आरएसीएल
रियलटाइम बायोमैट्रिक्स इंडिया प्राइवेट लिमिटेड
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उद्यमियों के लिए ये हैं चुनौतियां
- उद्योगों की स्थापना के लिए महंगी जमीनें हैं, उद्योग के रास्ते में रोड़ा
- परिवहन सेवाओं की कमी के कारण शहर के बाहर उद्योग स्थापित करने में होती है दिक्कतें
- बैंकों से ऋण समय से नहीं उपलब्ध नहीं हो पाता, जिससे तमाम प्रस्ताव फाइलों में दबकर ही रह जाते हैं
- महंगी बिजली और कुशल श्रम की कमी भी आती है आड़े
- उद्यमियों को अधिकारियों के चक्कर लगाने से मिले छूट
- जिले में परिवहन सुविधाओं को बढ़ाया जाए
- ट्रेनों की संख्या बढ़े और सड़कों की हो मरम्मत हो
अफसरों के साथ बैठक में ये समस्याएं आईं सामने
- बुनकरों की अटकी सब्सिडी दिलाने की मांग
- कैलसा बिजलीघर को जीर्णोंद्धार व कैलसा बिजली घर की विद्युत लाइन को गुलड़िया से शिफ्ट करने की मांग
- ढोलक कारोबारियों को वन विभाग से एनओसी मिलने में आ रही दिक्कत
- सीएल गुप्ता एक्सपोर्ट लिमिटेड के पास जिवाई से अमहेड़ा व करनपुर को जाने वाले लिंक मार्ग का निर्माण कराने की मांग
- राम म्यूजिकल हैंडीक्राफ्ट कैलसा बाईपास रोड जयओम नगर के आगे नाले के निर्माण कराने की मांग
उद्योग बंधु की जो समस्याएं सामने आती हैं उन्हें गंभीरता से लेकर संबंधित अधिकारी को आवश्यक दिशा निर्देश दिए गए हैं। उद्यमियों की किसी भी समस्या को लेकर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। प्राथमिकता के साथ उनकी समस्याओं का निस्तारण कराया जा रहा है। उद्यमियों को एक अच्छा माहौल दिया जा रहा है। जिससे वह भयमुक्त होकर अपना उद्यम लगा सकें। उनकी हर समस्या का समाधान प्राथमिकता के साथ किया जा रहा है। जमीनें भी उपलब्ध कराई जा रही हैं। कुछ जगह अड़चन आ रही हैं, उनका भी समाधान कराया जा रहा है।
-विकास यादव, उपायुक्त, उद्योग