{"_id":"6962bd83db1c10402e015242","slug":"the-urs-festival-begins-at-shah-vilayats-shrine-the-mla-offered-a-ceremonial-chaddar-shawl-jpnagar-news-c-284-1-jpn1008-155232-2026-01-11","type":"story","status":"publish","title_hn":"Amroha News: शाह विलायत की दरगाह पर उर्स का आगाज, विधायक ने की चादरपोशी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Amroha News: शाह विलायत की दरगाह पर उर्स का आगाज, विधायक ने की चादरपोशी
विज्ञापन
अमरोहा। बिजनौर रोड स्थित दरगाह शाह विलायत में चार दिवसीय वार्षिक उर्स का आयोजन किया जा रहा है। अकीदतमंदों ने मजार पर चादरपोशी कर मन्नतें मांगीं। महिलाओं ने दरगाह परिसर में लगे मेले में सजी दुकानों पर जमकर खरीदारी की, तो वहीं बच्चों ने खेल-तमाशों और झूलों का लुत्फ उठाया। रविवार को उर्स में मगरिब की नमाज के बाद कुल शरीफ की रस्म अदा की जाएगी।
शनिवार को अकीदतमंदों ने मुल्क में अमन-चैन और कौम की सलामती की दुआ की। सपा विधायक समरपाल सिंह सहित बड़ी संख्या में अकीदतमंदों ने दरगाह में चादरपोशी की और मन्नतें मांगी। दरगाह परिसर में आयोजित महफिल में कव्वालों ने हजरत शाह विलायत की शान में कलाम पेश करते कहा....सैकड़ों हो गए कहते कहते वली या अली या अली या अली या अली। कभी दीवार हिलती है कभी दर कांप जाता है, अली का नाम सुनके अब भी खैबर कांप जाता है। आदि कलाम पेश कर खूब वाहवाही लूटी। इस दौरान कमेटी पदाधिकारियों ने दरगाह पर आने वाले मेहमानों की दस्तारबंदी की।
मुतावल्ली हसन शुजा ने कहा कि सूफी-संतों ने समाज को हमेशा अमन का पैगाम दिया है। हम सभी लोगों को इस पर अमल करना चाहिए। उन्होंने कहा कि शहर के बिजनौर रोड पर शाह विलायत की मजार है जहां पर आज तक किसी भी बिच्छू ने डंक नहीं मारा। देश-विदेश से लोग इस चमत्कार को देखने के लिए आते हैं। हर धर्म का अनुयायी यहां आकर मन्नत मांगता है और उसकी दुआ कबूल होती है। इस दौरान अख्तर अब्बास, शहनाज एडवोकेट, दानिश नकवी, अरशद पाशा, भूरे, मुजाहिद अब्बास, मुख्तार नकवी, इमरान तकवी, कामिल सिद्दीकी, आमिर खान आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
-- -- -- -- -- -- -- -
विज्ञापन
शनिवार को अकीदतमंदों ने मुल्क में अमन-चैन और कौम की सलामती की दुआ की। सपा विधायक समरपाल सिंह सहित बड़ी संख्या में अकीदतमंदों ने दरगाह में चादरपोशी की और मन्नतें मांगी। दरगाह परिसर में आयोजित महफिल में कव्वालों ने हजरत शाह विलायत की शान में कलाम पेश करते कहा....सैकड़ों हो गए कहते कहते वली या अली या अली या अली या अली। कभी दीवार हिलती है कभी दर कांप जाता है, अली का नाम सुनके अब भी खैबर कांप जाता है। आदि कलाम पेश कर खूब वाहवाही लूटी। इस दौरान कमेटी पदाधिकारियों ने दरगाह पर आने वाले मेहमानों की दस्तारबंदी की।
विज्ञापन
मुतावल्ली हसन शुजा ने कहा कि सूफी-संतों ने समाज को हमेशा अमन का पैगाम दिया है। हम सभी लोगों को इस पर अमल करना चाहिए। उन्होंने कहा कि शहर के बिजनौर रोड पर शाह विलायत की मजार है जहां पर आज तक किसी भी बिच्छू ने डंक नहीं मारा। देश-विदेश से लोग इस चमत्कार को देखने के लिए आते हैं। हर धर्म का अनुयायी यहां आकर मन्नत मांगता है और उसकी दुआ कबूल होती है। इस दौरान अख्तर अब्बास, शहनाज एडवोकेट, दानिश नकवी, अरशद पाशा, भूरे, मुजाहिद अब्बास, मुख्तार नकवी, इमरान तकवी, कामिल सिद्दीकी, आमिर खान आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन