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Amroha News: समितियों के लिए रास्ता न होने से दिक्कत
Wed, 22 Jan 2025 01:57 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा
संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा
Updated Wed, 22 Jan 2025 01:57 AM IST
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गजरौला (अमरोहा)।
क्षेत्र में कर्मल्लीपुर और बैरमपुर भूड़ सहकारी समितियां तक जाने के लिए रास्ता न होने से किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। समितियों से करीब 500 मीटर पहले ही किसानों को अपने ट्रैक्टर, बुग्गी या अन्य वाहनों को रोकना पड़ता है। यहां से पल्लेदार या खुद ही खाद-बीज के बोरे लाने पड़ते है।
ब्लॉक क्षेत्र की कर्मल्लीपुर सहकारी समिति का भवन गांव रहदरा में है, जिस तक जाने के लिए रास्ता ही नहीं है। इस कारण खाद-बीज लदे ट्रैक्टर-ट्रॉली, ट्रक सहित अन्य वाहन समिति तक नहीं पहुंच पाते। उनको करीब 500 मीटर दूर खड़ा करना पड़ता है, जहां से पल्लेदार सिर पर खाद-बीज की बोरी लादकर समिति के भवन तक पहुंचाते हैं। वहीं, रास्ता न होने से किसानों को भी सिर पर या बाइक से खाद लाना पड़ता है। वहीं, रास्ता न होने पर गेहूं व धान खरीद केंद्र भी नहीं बनाए जाते है। यही हाल बैरमपुर भूड़ सहकारी समिति का है। उस पर भी जाने के लिए रास्ता नहीं है।
उधर, रहदरा सहकारी समिति पर ग्रामीणों ने अतिक्रमण कर लिया है। समिति परिसर में ही गंदगी डाली जाती है। महिलाएं उपले बनाती हैं। एडीओ (सहकारिता) ने सचिव को समिति से अतिक्रमण हटवाने के निर्देश दिए।
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- कर्मल्लीपुर सहकारी समिति का भवन रहदरा में है। भवन तक आने जाने के लिए चौड़ा रास्ता नहीं है। इस कारण उस तक खाद-बीज लदे वाहन नहीं जा पाते। गेहूं व धान खरीद केंद्र भी नहीं बनता।
- संदीप कुमार, एडीओ (सहकारिता) ब्लॉक गजरौला
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क्षेत्र में कर्मल्लीपुर और बैरमपुर भूड़ सहकारी समितियां तक जाने के लिए रास्ता न होने से किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। समितियों से करीब 500 मीटर पहले ही किसानों को अपने ट्रैक्टर, बुग्गी या अन्य वाहनों को रोकना पड़ता है। यहां से पल्लेदार या खुद ही खाद-बीज के बोरे लाने पड़ते है।
ब्लॉक क्षेत्र की कर्मल्लीपुर सहकारी समिति का भवन गांव रहदरा में है, जिस तक जाने के लिए रास्ता ही नहीं है। इस कारण खाद-बीज लदे ट्रैक्टर-ट्रॉली, ट्रक सहित अन्य वाहन समिति तक नहीं पहुंच पाते। उनको करीब 500 मीटर दूर खड़ा करना पड़ता है, जहां से पल्लेदार सिर पर खाद-बीज की बोरी लादकर समिति के भवन तक पहुंचाते हैं। वहीं, रास्ता न होने से किसानों को भी सिर पर या बाइक से खाद लाना पड़ता है। वहीं, रास्ता न होने पर गेहूं व धान खरीद केंद्र भी नहीं बनाए जाते है। यही हाल बैरमपुर भूड़ सहकारी समिति का है। उस पर भी जाने के लिए रास्ता नहीं है।
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उधर, रहदरा सहकारी समिति पर ग्रामीणों ने अतिक्रमण कर लिया है। समिति परिसर में ही गंदगी डाली जाती है। महिलाएं उपले बनाती हैं। एडीओ (सहकारिता) ने सचिव को समिति से अतिक्रमण हटवाने के निर्देश दिए।
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- कर्मल्लीपुर सहकारी समिति का भवन रहदरा में है। भवन तक आने जाने के लिए चौड़ा रास्ता नहीं है। इस कारण उस तक खाद-बीज लदे वाहन नहीं जा पाते। गेहूं व धान खरीद केंद्र भी नहीं बनता।
- संदीप कुमार, एडीओ (सहकारिता) ब्लॉक गजरौला