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Amroha News: शादियां निपटीं, हटने लगा पोषक नहर में लगा पैंटून पुल

Moradabad  Bureau मुरादाबाद ब्यूरो
Updated Sat, 13 Jul 2024 05:15 AM IST
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The pontoon bridge installed in the feeder canal started getting removed
गजरौला। गंगा के टापू पर बसे ग्रामीणों के लिए रामगंगा पोषक नहर से इस पार आने का एकमात्र सहारा पैंटून पुल को हटाए जाने की कवायद शुरू हो गई है। टापू पर बसे गांव दारानगर में शादियों की वजह से तय तिथि से 27 दिन बाद पुल को हटाने का काम शुरू हुआ। इसके साथ ही दारानगर, अलीनगर, मुरादपुर के ग्रामीणों की छह महीने के लिए दुश्वारियां बढ़ेंगी। दारानगर के ग्रामीणों को आने जाने के लिए नाव के अलावा और कोई विकल्प नहीं है।
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क्षेत्र का दारानगर गांव टापू में बसा है। जिसके दक्षिण में गंगा और उत्तर दिशा में रामगंगा पोषक नहर है। आवागमन के लिए दिसंबर के आखिर में पैंटून पुल लगाया जाता है। जिसे 15 जून तक हटा लिया जाता है, लेकिन इस बार जनवरी में लगाया गया था और दारानगर में कई शादी होने के कारण करीब एक महीने बाद 12 जुलाई को हटाने का काम शुरू हुआ। सिंचाई विभाग के जेई गोपाल सिंह ने सुबह ही कर्मचारियों को पुल को हटाने में लगा दिया। शनिवार तक पुल हट जाएगा। उधर, अलीनगर व मुरादपुर के ग्रामीणों के अधिकांश खेत नहर पार हैं। जिनमें वह गन्ना, चारा, मक्का, मैंथा, सब्जी, गेहूं, आदि की फसल उगाते हैं।
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मगर जनवरी से पहले पैंटून पुल नहीं लगेगा। ऐसे में फसल काट कर लाने या फसलों की बुवाई के लिए नाव पर ही निर्भर रहना पड़ेगा। इसके अलावा चकनवाला, अलीनगर, मुरादपुर, नगलिया मेव, गंगापुरी, बहलोलपुर, नौनेर सहित कई गांवों में किसी की मौत हो जाने पर उसका दाह संस्कार भी दारानगर सामने गंगा किनारे किया जाता है। पुल हट जाने से शवों को नाव से ही ले जाना पड़ेगा। जेई का कहना है कि शुक्रवार से पुल हटाने का काम शुरू हो गया। शनिवार तक हट जाएगा।
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विधायक ने मुख्य सचिव को लिखा पत्र
शीशोवाली गांव गंगा के टापू में बसा है। जिसके दक्षिण में गंगा से 100 मीटर चौड़ा नाला निकलता है और रामगंगा पोषक नहर में गिरता है। बाढ़ सीजन खत्म हो जाने पर शीशोवाली, टीकोवाली, जहांगीर वाली, भुड्डी वाली और दारानगर के ग्रामीण श्रमदान कर इस पर बांध बनाते हैं। जिससे उनका आवागमन सुगम हो जाता है। बाढ़ में बांध कट जाता है। जिससे गांवों का संपर्क आपस में कट जाता है। शीशों वाली गांव आने जाने के लिए छह महीने तक नाव व ट्यूब के अलावा और कोई सहारा नहीं रहता। पिछले साले ग्रामीणों ने नेताओं से नाला पर बांध व रिंग बांध बनाए जाने की भी मांग उठाई थी। ग्रामीणों ने भाजपा विधायक राजीव तरारा से भी मांग उठाई थी। विधायक ने बांध बनाए जाने के लिए प्रमुख सचिव को पत्र लिखा। विधायक का कहना है कि नाला पर बांध बनाने के लिए प्रमुख सचिव ने कार्य योजना तैयार कराने का आश्वासन दिया है।
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