{"_id":"64e901dca0b5e4e0310b8446","slug":"the-pinnacle-of-hasanpur-hoisted-the-tricolor-on-the-top-of-mount-nun-mountain-of-ladakh-jpnagar-news-c-284-1-smbd1016-3560-2023-08-26","type":"story","status":"publish","title_hn":"Amroha News: लद्दाख की माउंट नुन पर्वत की चोटी पर हसनपुर के शिखर ने फहराया तिरंगा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Amroha News: लद्दाख की माउंट नुन पर्वत की चोटी पर हसनपुर के शिखर ने फहराया तिरंगा
Sat, 26 Aug 2023 01:02 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा
संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा
Updated Sat, 26 Aug 2023 01:02 AM IST
विज्ञापन
हसनपुर (अमरोहा)। हसनपुर के पर्वतारोही शिखर अग्रवाल ने जम्मू कश्मीर एवं लद्दाख के सबसे ऊंचे पर्वत चोरी माउंट नुन के समिट कैंप के आगे 6760 मीटर (22,178 फिट) तक का सफर तय करते हुए कीर्तिमान बनाया है। माउंट नून हिमाद्रि (ग्रेटर हिमालय) में स्थित एक विशाल पर्वतीय मैसिफ है। जिसकी सबसे ऊंची चोटी 7135 मीटर (23409 फिट) है और ये एक टेक्निकल पर्वत शिखर है।
हसनपुर के मोहल्ला होलीवाला निवासी रेडिमेड कपड़े के व्यापारी राजेंद्र कुमार अग्रवाल का बेटा शिखर अग्रवाल पर्वतारोही है। शिखर अग्रवाल ने बताया कि वह कई वर्षों से माउंट नुन पर्वत की चोटी पर पहुंचने की योजना बना रहे थे। शिखर अग्रवाल ने 22 जुलाई को अपनी टीम के सदस्य पूर्व एनएसजी चीफ एके सिंह, राजस्थान के रमेश कुमार, अमेरिका के बेन, इक्वाडोर के जोस, बुल्गारिया के एंड्रियाना के साथ सफल शुरू किया था। इस अभियान में नया मोड़ तब आया जब साउथ रूट के कैम्प 2 और कैम्प 3 के बीच एक विशाल क्रीवास (हिम दरार) के होने की सूचना मिली। जिसके चलते बाकी सारी टीम को लौटना पड़ा। शिखर की टीम के सदस्यों ने नार्थ रूट से समिट करने का निर्णय लिया। जो आमतौर पर मुश्किल होने की वजह से प्रयोग में बहुत कम लाया जाता है। शिखर ने बताया कि 9 अगस्त रात के 1:30 को समिट कैम्प से आगे 6760 मीटर(22,178 फिट) पहुंचे। यहां पर तिरंगा लहाया। जिसके बाद खराब मौसम और तकनीकी संसाधनों की कमी के करण उन्हें वापस लौटना पड़ा।
शिखर ने इससे पहले स्टोक कांगरी 6153 मीटर (20,187 फिट) एवं कनामो पीक 5963 मीटर फतह कर क्षेत्र का नाम रोशन किया है। वह इन पर्वतों पर चढ़ने वाले अमरोहा क्षेत्र से पहले इंसान है। शिखर से माउंटेनियरिंग की ट्रेनिंग के लिए अरुणाचल प्रदेश स्थित एनआईएमएएस से बेसिक माउंटेनियरिंग कोर्स बीएमसी तथा सिक्किम स्थित एचएमआई से एडवांस्ड माउंटेनियरिंग कोर्स एएमसी पूर्ण किया है। शिखर ने बताया कि उनका अगला लक्ष्य विश्व की सबसे ऊंची चोटी माउंट एवरेस्ट पर तिरंगा फहराना है।
विज्ञापन
विज्ञापन
हसनपुर के मोहल्ला होलीवाला निवासी रेडिमेड कपड़े के व्यापारी राजेंद्र कुमार अग्रवाल का बेटा शिखर अग्रवाल पर्वतारोही है। शिखर अग्रवाल ने बताया कि वह कई वर्षों से माउंट नुन पर्वत की चोटी पर पहुंचने की योजना बना रहे थे। शिखर अग्रवाल ने 22 जुलाई को अपनी टीम के सदस्य पूर्व एनएसजी चीफ एके सिंह, राजस्थान के रमेश कुमार, अमेरिका के बेन, इक्वाडोर के जोस, बुल्गारिया के एंड्रियाना के साथ सफल शुरू किया था। इस अभियान में नया मोड़ तब आया जब साउथ रूट के कैम्प 2 और कैम्प 3 के बीच एक विशाल क्रीवास (हिम दरार) के होने की सूचना मिली। जिसके चलते बाकी सारी टीम को लौटना पड़ा। शिखर की टीम के सदस्यों ने नार्थ रूट से समिट करने का निर्णय लिया। जो आमतौर पर मुश्किल होने की वजह से प्रयोग में बहुत कम लाया जाता है। शिखर ने बताया कि 9 अगस्त रात के 1:30 को समिट कैम्प से आगे 6760 मीटर(22,178 फिट) पहुंचे। यहां पर तिरंगा लहाया। जिसके बाद खराब मौसम और तकनीकी संसाधनों की कमी के करण उन्हें वापस लौटना पड़ा।
विज्ञापन
शिखर ने इससे पहले स्टोक कांगरी 6153 मीटर (20,187 फिट) एवं कनामो पीक 5963 मीटर फतह कर क्षेत्र का नाम रोशन किया है। वह इन पर्वतों पर चढ़ने वाले अमरोहा क्षेत्र से पहले इंसान है। शिखर से माउंटेनियरिंग की ट्रेनिंग के लिए अरुणाचल प्रदेश स्थित एनआईएमएएस से बेसिक माउंटेनियरिंग कोर्स बीएमसी तथा सिक्किम स्थित एचएमआई से एडवांस्ड माउंटेनियरिंग कोर्स एएमसी पूर्ण किया है। शिखर ने बताया कि उनका अगला लक्ष्य विश्व की सबसे ऊंची चोटी माउंट एवरेस्ट पर तिरंगा फहराना है।
विज्ञापन