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सीमा विस्तार के खिलाफ हाईकोर्ट में ग्राम प्रधानों की याचिका खारिज, सुप्रीम कोर्ट जाएंगे प्रधान

Moradabad  Bureau मुरादाबाद ब्यूरो
Updated Sun, 04 Sep 2022 01:15 AM IST
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The petition of village heads in the High Court against the extension of the border dismissed, the head will go to the Supreme Court
सीमा विस्तार के खिलाफ हाईकोर्ट में ग्राम प्रधानों की याचिका खारिज, सुप्रीम कोर्ट जाएंगे प्रधान
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अमरोहा। नगर पालिका सीमा विस्तार के विरोध में ग्राम प्रधानों की तरफ से हाईकोर्ट में दायर की गई याचिका खारिज हो गई, जिसके बाद ग्राम प्रधानों में मायूसी है। कलक्ट्रेट के सामने बैठक कर ग्राम प्रधानों में आगे की रणनीति बनाई। सुप्रीम कोर्ट जाने का फैसला लिया। वहीं ग्रामीणों की तरफ से रजाकपुर ग्राम प्रधान द्वारा दायर की गई याचिका पर इस हफ्ते सुनवाई हो सकती है। फिलहाल इस याचिका पर ग्राम प्रधानों की निगाहें टिकी हैं।
अमरोहा नगर पालिका का सीमा विस्तार हुआ है, जिसमें 21 ग्राम पंचायतों के 45 गांवों को शामिल किया गया है। कैबिनेट की मुहर के बाद 21 जुलाई को शासन ने नगर पालिका की सीमा विस्तार की अधिसूचना भी जारी की थी। इसके बाद 24 अगस्त को नगर पालिक के वार्डों के गठन पर मुहर लगाकर उसकी भी अधिसूचना जारी कर दी थी।
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लेकिन ग्राम पंचायतों से जुड़े ग्राम प्रधान और ग्रामीण सीमा विस्तार के खिलाफ है। सभी ग्राम पंचायतों के ग्राम प्रधानों ने एकजुट होकर न्यायालय की शरण ली है। इस मामले में जुलाई माह में ग्राम प्रधानों और ग्रामीणों की तरफ से रजाकपुर के ग्राम प्रधान की तरफ से हाईकोर्ट में दो याचिका दायर की गईं। रजाकपुर ग्राम प्रधान मुमताल अली ने बताया कि ग्राम प्रधानों की याचिका पर सोमवार की दोपहर दो बजे न्यायाधीश वाईके श्रीवास्तव की अदालत ने सुनवाई हुई थी, जिसके बाद याचिका को खारिज कर दिया है। हालांकि अभी आदेश की कॉपी नहीं मिली है। बताया कि उन्होंने ग्रामीणों की तरफ से खुद अपने नाम से दूसरी याचिका दायर की है। हालांकि इस याचिका पर अभी न तो सुनवाई हुई है और न कोई तारीख मिली हैं। इस सप्ताह में सुनवाई हो सकती है। वहीं याचिका खारिज होने की खबर मिलते ही ग्राम प्रधानों में मायूसी छा गई। शनिवार को तमाम लोग ग्राम प्रधान एकत्र होकर कलक्ट्रेट के सामने एकत्र हुए। यहां बैठक कर आगे की रणनीति बनाई। इस दौरान ग्राम प्रधानों ने सुप्रीम कोर्ट जाने का फैसला लिया है।
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ये है ग्राम प्रधानों की आपत्ति
ग्राम प्रधानों का कहना है कि 1992 में नगर पालिका अमरोहा का गजट जारी हुआ था। जिसमें भविष्य में नगर पालिका में शामिल होने के लिए कुछ गांव दर्शाए गए थे। लेकिन जिम्मेदारों ने में खेल करते हुए नगर पालिका से सटे कुछ गांव को छोड़ दिया, जबकि उनसे दूर के गांव को शामिल कर लिया है। उनका कहना है ग्राम प्रधानों का कार्यकाल वर्ष 2026 में खत्म होगा। लेकिन डेढ़ साल में ही प्रधानी छिनना उत्तर प्रदेश पंचायत राज अधिनियम के प्रावधानों के विपरीत है।
ये था ग्रामीणों का कहना
अमरोहा। ग्रामीणों का कहना है कि अमरोहा नगर पालिका लंबे समय से शहर की जलनिकासी की समस्या का समाधान नहीं कर पाई है। तमाम वार्ड ऐसे हैं जहां सड़कें टूटी पड़ी हैं। वहां पर लोग मूलभूत सुविधाओं को तरस रहे हैं तो ऐसे में गांव का विकास कैसे संभव हो पाएगा। उन्होंने कहा कि नगर पालिका में शामिल किए गए गांवों के 90 प्रतिशत क्षेत्र में खेती होती है। क्षेत्र में एक भी इंडस्ट्री नहीं हैं। गांव के लोग नगरपालिका में शामिल होंगे तो उन पर तमाम तरह के टैक्स लगेंगे, जिससे उन्हें दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा।
क्या बोले प्रधान
हाईकोर्ट के द्वारा रिट खारिज करने के बाद ग्राम प्रधानों ने बैठक की। जिसमें कहा कि सीमा विस्तार के विरोध में जहां तक प्रयास होगा, किया जाएगा। अब सुप्रीम कोर्ट जाएंगे, यहां उन्हें सफलता मिलेगी। जब तक न्याय नहीं मिलेगा तब तक हमारा और ग्रामीणों का प्रयास जारी रहेगा। कहा कि जिन ग्राम पंचायतों पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं। उनमें 90 फीसदी जनता बीजेपी सपोर्टर हैं। सरकार ने इतना बड़ा निर्णय ले लिया, बावजूद इसके लोगों ने विरोध प्रदर्शन नहीं किया। ग्रामीण व ग्राम प्रधान शांति बनाए रखना चाहते हैं। ग्राम प्रधान ने निर्णय लिया कि निकाय चुनाव के दौरान वह अपना प्रत्याशी उतारेंगे। अगर कोई पार्टी उनके चुने हुए प्रधान को प्रत्याशी बनाती है तो ठीक, वरना निर्दलीय चुनाव लड़ा जाएगा। इस दौरान राजीव सैनी, वीर बहादुर, जयप्रकाश, मुमताज अली, यशपाल सिंह, कमल सिंह, कुलदीप सिंह, विनोद सैनी, डॉक्टर ऑस्कर, पुष्पेंद्र, राजेश आदि मौजूद रहे।

सीमा विस्तार के विरोध में ग्राम प्रधानों द्वारा दायर की गई याचिका खारिज हो गई है। नगर पालिका की तरफ से समय अनुसार वार्ड परिसीमन का काम पूरा किया। सरकार की प्राथमिकता है कि शहर के आसपास गांव में रहने वाले लोगों को शहरी सुविधा दी जाए।- डॉ. बृजेश सिंह, ईओ नगर पालिका
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