Weather Update: अमरोहा में सीजन की ठंडी रात रही 14 जनवरी, रेल और यातायात पर असर, स्कूलों में 18 तक अवकाश
अमरोहा में लगातार पड़ रही कड़ाके की सर्दी से लोगों का बुरा हाल है। सर्दी हर दिन नए नए रिकॉर्ड बना रही है तो कोहरे भी अपना पहरा लगाए हुए है। शनिवार के मुकाबले रविवार को पारा एक डिग्री और गिरकर पांच पर पहुंच गया। पिछले पांच साल में 14 जनवरी सबसे अधिक ठंडी रही। अधिकतम तापमान 18 डिग्री तो न्यूनतम पांच डिग्री दर्ज किया गया।
सुबह के समय घने कोहरे और पाले से ठिठुरन बेकाबू रही। ठंड से जन जीवन अस्त व्यस्त हो गया है। दोपहर दो बजे तक कोहरा छाया रहा। उसके बाद हल्की धूप खिली, लेकिन ठंड के आगे बेअसर साबित हुई। वहीं, शाम ढलते ही फिर कोहरा छा गया। शनिवार को जहां अधिकतम तापमान 16 डिग्री तो न्यूनतम छह दर्ज किया था।
शाम होते ही हर ओर कोहरे की चादर छा गई थी। रविवार सुबह जब लोगों घरों से बाहर निकले तो घना कोहरा छाया हुआ था। दृश्यता बहुत थी। दस बजे के बाद भी जबरदस्त कोहरा छाया रहा। जिसके चलते वाहन चालकों को खासी परेशानी झेलनी पड़ी। लाइटें जलाकर वाहन रेंगते नजर आए।
दोपहर डेढ़ बजे तक शहर में हल्का कोहरा छाया रहा। पूरे दिन सर्द हवाओं से लोग ठिठुरने को मजबूर हुए। ठंड की वजह से सड़कों पर आवाजाही अपेक्षाकृत कम रही। जिला कृषि अधिकारी बबलू सिंह ने बताया कि आने वाले तीन से चार दिन सर्दी का असर जारी रहेगा। कोहरा छाने के साथ शीत लहर भी चलेगी। मौसम शुष्क रहेगा।
बीते पांच सालों में 14 जनवरी का तापमान
वर्ष अधिकतम पारा न्यूनतम पारा
2019 21 डिग्री 9 डिग्री
2020 13 डिग्री 6.9 डिग्री
2021 19 डिग्री 7 डिग्री
2022 18.5 डिग्री 8.5 डिग्री
2023 21 डिग्री 10 डिग्री
ट्रेनों के टिकट भी करा रहे निरस्त
कोहरे और ठंड का असर रेल यात्रियों पर भी पड़ रहा है। ट्रेनें रद्द होने के साथ यात्री भी अपने टिकट निरस्त करा रहे हैं। अमरोहा में पिछले एक सप्ताह में 72 यात्री अपने टिकट निरस्त करा चुके हैं। कोहरे के चलते यात्रियों ने अपना सफर टाल दिया है। स्टेशन अधीक्षक देवेंद्र कुमार ने बताया कि इन दिनों यात्री अपने टिकट निरस्त करा रहे हैं।
वहीं, ट्रेनों का संचालन भी प्रभावित हो रहा है। उधर, कोहरे के चलते ट्रेन सुस्त रफ्तार से चल रही हैं। कई ट्रेनें अपने निर्धारित समय से देरी से पहुंच रहीं हैं। यही वजह है कि कम दूरी के सफर में अधिक समय लगने के कारण लोग अपने रिजर्वेशन के टिकटों को निरस्त करा रहे हैं।
ये ट्रेनें चल रही लेट
सद्भावना एक्सप्रेस - पौने छह घंटा
अवध असम एक्सप्रेस - साढ़े चार घंटा
काशी विश्वनाथ एक्सप्रेस - दो घंटा
पदमावत एक्सप्रेस - तीन घंटा
नौचंदी एक्सप्रेस - पौने चार घंटा
सत्याग्रह एक्सप्रेस - साढ़े चार घंटा
चंडीगढ़ एक्सप्रेस - तीन घंटा
पूर्णागिरी जनशताब्दी एक्सप्रेस - एक घंटा
आला हजरत एक्सप्रेस - एक घंटा
दिल्ली पैसेंजर - तीन घंटा
अलीगढ़ पैसेंजर - सवा दो घंटा
ठंड में सिकुड़ गई रोडवेज की आय
कोहरा और ठंड का असर रोडवेज की आमदनी पर भी पड़ने लगा है। यात्रियों की संख्या कम होने से औसतन करीब एक लाख रुपये की आमदनी रोजाना कम हो गई है। जहां प्रतिदिन औसतन 11 हजार यात्री सफर कर रहे थे, ठंड के बढ़ने के बाद अब औसतन आठ से साढ़े आठ हजार यात्री ही प्रतिदिन रोडवेज की बसों में सफर कर रहे हैं।
एआरएम मोहम्मद शफी ने बताया कि अमरोहा डिपो की प्रतिदिन की आय जो प्रतिदिन 10 लाख रुपये औसतन है, वह अब लगभग नौ लाख रुपये प्रतिदिन औसत के हिसाब से हो रही है। बताया कि ठंड के कारण यात्रियों की संख्या कम हुई है। इसके कारण बसों के फेरे भी कम हो गए हैं।
सवारियों के इंतजार में बसों को रोडवेज स्टैंड पर काफी देर तक इंतजार करना पड़ रहा है। नियमानुसार कम से कम 25 सवारी होने पर ही बस अपने गंतव्य को जा सकती है।
ठंड से गेहूं को फायदा, आलू और सरसों को नुकसान
सर्द मौसम आलू और सरसों को रोगीला बना रहा है। ठंड के कारण आलू में झुलसा रोग लगना शुरू हो गया है। जिससे आलू उत्पादकों के किसानों पर चिंता दिखाई देना शुरू हो गई है। आलू उत्पादक किसान वीरभान सिंह एवं सुभाष सैनी का कहना है कि इस बार उन्हें अच्छे उत्पादन की आस थी, लेकिन झुलसा रोग लगने से आलू के अच्छे उत्पादन पर संशय के बादल मंडराने लगे हैं।
वहीं, सरसों की फसल भी ठंड के कारण माहू रोग की चपेट में आने लगी है। वहीं, गेंहू की फसल को सर्दी से फायदा होगा। जिला कृषि रक्षा अधिकारी डॉ. राजेंद्र पाल सिंह ने बताया कि ठंड के चलते गेहूं टिलरिंग (कल्ले फूटना) अच्छी होती है। जिससे गेंहू के तना मजबूत होता है और पैदावार भी अच्छी होती है।