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Amroha News: बैंकों की चौखट पर दम तोड़ रहे युवाओं के सपने
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अमरोहा। युवाओं के स्वरोजगार के सपने बैंकों की चौखट पर पहुंच कर दम तोड़ रहे हैं। इसका कारण है युवाओं को स्वरोजगार से जोड़कर आत्मनिर्भर बनाने की मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना की 825 ऋण फाइलें बैंकों में धूल फांक रही हैं। बैंक शाखाओं में फाइलों के अटकने से कारोबार शुरू करने का सपना देख रहे सैकड़ों युवा चक्कर काटने को मजबूर हैं। सबसे दयनीय स्थिति एसबीआई शाखाओं की है। यहां 333 आवेदन लंबित हैं।
उद्योग विभाग के अनुसार वित्तीय वर्ष 2026-27 में जिले के 1800 युवाओं को योजना से लाभान्वित करने का लक्ष्य है। इसके सापेक्ष 719 आवेदन मंजूर हो चुके हैं, जबकि 825 आवेदन अभी बैंकों में लंबित हैं। योजना के तहत युवाओं को पांच लाख रुपये तक का ब्याजमुक्त ऋण दिया जाना है। बैंक स्तर पर मंजूरी में देरी होने से पात्र युवाओं को समय से ऋण नहीं मिल पा रहा है।
विभागीय अधिकारियों के अनुसार योजना के क्रियान्वयन में अमरोहा प्रदेश में चौथे स्थान पर है। इसके बावजूद बैंक स्तर पर लंबित आवेदनों की संख्या चिंता बढ़ा रही है। एसबीआई में सबसे अधिक 333 आवेदन अटके हैं। यूपी ग्रामीण बैंक में 146 और पीएनबी में 55 आवेदन लंबित हैं। आवेदकों का आरोप है कि बैंक पहुंचने पर कभी नए दस्तावेज मांगे जाते हैं तो कभी फाइल में किसी अन्य कमी का हवाला देकर उन्हें वापस कर दिया जाता है। कई बार शाखा के चक्कर लगाने के बाद भी आवेदन आगे नहीं बढ़ता।
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महीनों इंतजार के बाद कुछ फाइलें अस्वीकृत कर दिए जाने से युवाओं में निराशा है। युवाओं का कहना है कि बैंक समय पर ऋण स्वीकृत करें तो वे अपना कारोबार शुरू करने के साथ दूसरों को भी रोजगार दे सकते हैं। उनका कहना है कि योजनाओं का लाभ जमीन पर तभी पहुंचेगा, जब बैंक भी समयबद्ध तरीके से आवेदनों का निस्तारण करें। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि अब तक 719 आवेदन मंजूर हो चुके हैं। जिसमें से 606 लोगों को ऋण दिया जा चुका है और 138 फाइल स्वीकृत तो हो गई लेकिन अभी तक पैसा जारी नहीं किया गया।
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हर माह समीक्षा के बाद भी नहीं सुधरी स्थिति
मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना की प्रगति बढ़ाने के लिए डीएम नितिन गौड़ लगातार बैंक अधिकारियों के साथ हर माह समीक्षा बैठक कर रहे हैं। बैठकों में लंबित ऋण आवेदनों का शीघ्र निस्तारण करने के निर्देश भी दिए जा रहे हैं। इसके बावजूद बैंक शाखाओं की कार्यप्रणाली में अपेक्षित सुधार नजर नहीं आ रहा है। बड़ी संख्या में आवेदन अब भी लंबित पड़े हैं।
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बैंक करते हैं टालमटोल
आवेदक जोया निवासी रोहितश, अमरोहा शहर के मोहल्ला बटवाल निवासी पिंटू सैनी का आरोप है कि बैंक आसानी से ऋण फाइलें स्वीकृत नहीं कर रहे हैं। उनका कहना है कि कई मामलों में बैंक अधिकारी आवेदन आगे बढ़ाने के बजाय दूसरे बैंक में खाता खुलवाने की सलाह दे देते हैं। इससे आवेदकों की परेशानी और बढ़ जाती है। ऋण की उम्मीद में युवा बार-बार बैंक पहुंचते हैं, लेकिन फाइल आगे नहीं बढ़ने से उनका समय और पैसा दोनों खर्च हो रहे हैं।
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बैंकवार लंबित आवेदन
एसबीआई-- -- -- -- -333
यूपी ग्रामीण बैंक-- -146
पीएनबी-- -- -- -- -- -- -55
अन्य बैंक-- -- -- -- -- -291
कुल-- -- -- -- -- -- 825
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मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना में जो आवेदन आते हैं। उनको नियमानुसार बैंकों के पास भेज दिया जाता है। बैंक ही अपने हिसाब से फाइलों को स्वीकृत करती हैं। इसमें पांच लाख रुपये तक ऋण दिया जाता है। फिलहाल बैंकों के पास में ही फाइल लंबित हैं।
-अनूप श्रीवास्तव, जिला उद्योग अधिकारी
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उद्योग विभाग के अनुसार वित्तीय वर्ष 2026-27 में जिले के 1800 युवाओं को योजना से लाभान्वित करने का लक्ष्य है। इसके सापेक्ष 719 आवेदन मंजूर हो चुके हैं, जबकि 825 आवेदन अभी बैंकों में लंबित हैं। योजना के तहत युवाओं को पांच लाख रुपये तक का ब्याजमुक्त ऋण दिया जाना है। बैंक स्तर पर मंजूरी में देरी होने से पात्र युवाओं को समय से ऋण नहीं मिल पा रहा है।
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विभागीय अधिकारियों के अनुसार योजना के क्रियान्वयन में अमरोहा प्रदेश में चौथे स्थान पर है। इसके बावजूद बैंक स्तर पर लंबित आवेदनों की संख्या चिंता बढ़ा रही है। एसबीआई में सबसे अधिक 333 आवेदन अटके हैं। यूपी ग्रामीण बैंक में 146 और पीएनबी में 55 आवेदन लंबित हैं। आवेदकों का आरोप है कि बैंक पहुंचने पर कभी नए दस्तावेज मांगे जाते हैं तो कभी फाइल में किसी अन्य कमी का हवाला देकर उन्हें वापस कर दिया जाता है। कई बार शाखा के चक्कर लगाने के बाद भी आवेदन आगे नहीं बढ़ता।
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महीनों इंतजार के बाद कुछ फाइलें अस्वीकृत कर दिए जाने से युवाओं में निराशा है। युवाओं का कहना है कि बैंक समय पर ऋण स्वीकृत करें तो वे अपना कारोबार शुरू करने के साथ दूसरों को भी रोजगार दे सकते हैं। उनका कहना है कि योजनाओं का लाभ जमीन पर तभी पहुंचेगा, जब बैंक भी समयबद्ध तरीके से आवेदनों का निस्तारण करें। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि अब तक 719 आवेदन मंजूर हो चुके हैं। जिसमें से 606 लोगों को ऋण दिया जा चुका है और 138 फाइल स्वीकृत तो हो गई लेकिन अभी तक पैसा जारी नहीं किया गया।
हर माह समीक्षा के बाद भी नहीं सुधरी स्थिति
मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना की प्रगति बढ़ाने के लिए डीएम नितिन गौड़ लगातार बैंक अधिकारियों के साथ हर माह समीक्षा बैठक कर रहे हैं। बैठकों में लंबित ऋण आवेदनों का शीघ्र निस्तारण करने के निर्देश भी दिए जा रहे हैं। इसके बावजूद बैंक शाखाओं की कार्यप्रणाली में अपेक्षित सुधार नजर नहीं आ रहा है। बड़ी संख्या में आवेदन अब भी लंबित पड़े हैं।
बैंक करते हैं टालमटोल
आवेदक जोया निवासी रोहितश, अमरोहा शहर के मोहल्ला बटवाल निवासी पिंटू सैनी का आरोप है कि बैंक आसानी से ऋण फाइलें स्वीकृत नहीं कर रहे हैं। उनका कहना है कि कई मामलों में बैंक अधिकारी आवेदन आगे बढ़ाने के बजाय दूसरे बैंक में खाता खुलवाने की सलाह दे देते हैं। इससे आवेदकों की परेशानी और बढ़ जाती है। ऋण की उम्मीद में युवा बार-बार बैंक पहुंचते हैं, लेकिन फाइल आगे नहीं बढ़ने से उनका समय और पैसा दोनों खर्च हो रहे हैं।
बैंकवार लंबित आवेदन
एसबीआई
यूपी ग्रामीण बैंक
पीएनबी
अन्य बैंक
कुल
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मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना में जो आवेदन आते हैं। उनको नियमानुसार बैंकों के पास भेज दिया जाता है। बैंक ही अपने हिसाब से फाइलों को स्वीकृत करती हैं। इसमें पांच लाख रुपये तक ऋण दिया जाता है। फिलहाल बैंकों के पास में ही फाइल लंबित हैं।
-अनूप श्रीवास्तव, जिला उद्योग अधिकारी