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केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड में पहुंचा जुबिलेंट की गैस का मामला, सदस्य सचिव को दिए कार्रवाई के निर्देश
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गजरौला(अमरोहा)। जुबिलेंट इन्ग्रेविया लिमिटेड भरतिया ग्राम द्वारा बार-बार खतरनाक गैस छोड़ने और उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के नोटिस को गंभीरता से न लेने का मामला केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड तक पहुंच गया है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड में शिकायत बछरायूं निवासी ने की थी, जिसके बाद केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने उत्तर प्रदेश नियंत्रण बोर्ड के सदस्य सचिव को 30 दिन में शिकायत का निस्तारण कर कार्रवाई से अवगत कराने के निर्देश दिए हैं।
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के निदेशक और प्रभागीय प्रमुख जल गुणवत्ता प्रबंधन डा. अजित कुमार विद्यार्थी ने उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सदस्य सचिव को पत्र लिखा है। जिसमें कहा है कि बछरायूं के बकाबाद मोहल्ला निवासी इंजीनियर जुगनू सिंह ने जुबिलेंट इन्ग्रेविया लिमिटेड (वैम आर्गेनिक्स लिमिटेड ) भरतियाग्राम के खिलाफ केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड में शिकायत की थी। कहा था कि जुबिलेंट फैक्टरी द्वारा खतरनाक व विषैली गैस छोड़ी जा रही है। जिससे आस पास बीमारियां पनप रही हैं। वातावरण दूषित होने के कारण लोगों को सांस लेने में तकलीफ हो रही है। 18 अप्रैल की शाम छोड़ी गई गैस से सभासद संजीव कुमार का बेटा और एक बालक की हालत बिगड़ गई थी। राहगीरों की सांस फूलने लगी थीं। फैक्टरी आए दिन गैस छोड़ती है। जिससे आस पास के लोगों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। फैक्टरी के बायलर काफी पुराने होने के कारण उनसे निकलने वाली डस्ट लोगों की आंखों को नुकसान पहुंचा रही है। इसकी शिकायत गजरौला बुध नगर के नगर पालिका सभासद संजीव कुमार ने उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी बिजनौर आशुतोष चौहान से भी की। जिस पर फैक्टरी को उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी कार्यालय बिजनौर ने तीन बार नोटिस भी दिया। मगर नोटिस को फैक्टरी ने गंभीरता से नहीं लिया।
कारण साफ है कि उत्तर प्रदेश के प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी कार्यालय में की गई शिकायतों को या तो गंभीरता से नहीं लिया जा रहा या उनकी फैक्टरी प्रबंधन से कोई मिलीभगत हो गई है। जिसके कारण अब लोग केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड में शिकायत कर रहे हैं। यहीं से उनको उम्मीद बंधी है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के निदेशक और प्रभागीय प्रमुख जल गुणवत्ता प्रबंधन ने उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सदस्य सचिव को 30 दिन में इंजीनियर जुगनू सिंह की शिकायत का निस्तारण कर कार्रवाई से अवगत कराने के निर्देश दिए हैं।
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उनको केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा फैक्टरी से जुड़े किसी मामले में उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सदस्य सचिव को नोटिस जारी किए जाने की जानकारी नहीं है। उनके यहां कोई पत्र आएगा तो उसका जवाब दिया जाएगा।
-सुनील दीक्षित महाप्रबंधक जनसंपर्क जुबिलेंट इन्ग्रेविया लिमिटेड भरतिया ग्राम गजरौला
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केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के निदेशक और प्रभागीय प्रमुख जल गुणवत्ता प्रबंधन डा. अजित कुमार विद्यार्थी ने उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सदस्य सचिव को पत्र लिखा है। जिसमें कहा है कि बछरायूं के बकाबाद मोहल्ला निवासी इंजीनियर जुगनू सिंह ने जुबिलेंट इन्ग्रेविया लिमिटेड (वैम आर्गेनिक्स लिमिटेड ) भरतियाग्राम के खिलाफ केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड में शिकायत की थी। कहा था कि जुबिलेंट फैक्टरी द्वारा खतरनाक व विषैली गैस छोड़ी जा रही है। जिससे आस पास बीमारियां पनप रही हैं। वातावरण दूषित होने के कारण लोगों को सांस लेने में तकलीफ हो रही है। 18 अप्रैल की शाम छोड़ी गई गैस से सभासद संजीव कुमार का बेटा और एक बालक की हालत बिगड़ गई थी। राहगीरों की सांस फूलने लगी थीं। फैक्टरी आए दिन गैस छोड़ती है। जिससे आस पास के लोगों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। फैक्टरी के बायलर काफी पुराने होने के कारण उनसे निकलने वाली डस्ट लोगों की आंखों को नुकसान पहुंचा रही है। इसकी शिकायत गजरौला बुध नगर के नगर पालिका सभासद संजीव कुमार ने उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी बिजनौर आशुतोष चौहान से भी की। जिस पर फैक्टरी को उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी कार्यालय बिजनौर ने तीन बार नोटिस भी दिया। मगर नोटिस को फैक्टरी ने गंभीरता से नहीं लिया।
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कारण साफ है कि उत्तर प्रदेश के प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी कार्यालय में की गई शिकायतों को या तो गंभीरता से नहीं लिया जा रहा या उनकी फैक्टरी प्रबंधन से कोई मिलीभगत हो गई है। जिसके कारण अब लोग केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड में शिकायत कर रहे हैं। यहीं से उनको उम्मीद बंधी है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के निदेशक और प्रभागीय प्रमुख जल गुणवत्ता प्रबंधन ने उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सदस्य सचिव को 30 दिन में इंजीनियर जुगनू सिंह की शिकायत का निस्तारण कर कार्रवाई से अवगत कराने के निर्देश दिए हैं।
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उनको केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा फैक्टरी से जुड़े किसी मामले में उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सदस्य सचिव को नोटिस जारी किए जाने की जानकारी नहीं है। उनके यहां कोई पत्र आएगा तो उसका जवाब दिया जाएगा।
-सुनील दीक्षित महाप्रबंधक जनसंपर्क जुबिलेंट इन्ग्रेविया लिमिटेड भरतिया ग्राम गजरौला