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Amroha News: 350 किसानों को 30 मीटर नहर की जमीन वापस करेगा सिंचाई विभाग
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अमरोहा। करीब तीन साल से आंदोलन कर रहे कूबी, मोहनपुर और रामपुर घना व घनसूरपुर के साढ़े तीन सौ किसानों की मांग आखिरकार प्रशासन को माननी पड़ी। किसान मध्य गंगा नहर की चंदौसी शाखा परियोजना में गई जमीन का चार गुना मुआवजा या 60 मीटर नहर की जमीन में से 30 मीटर वापस करने की मांग कर रहे थे। प्रशासन और किसानों के बीच 30 मीटर जमीन वापस करने पर सहमति बन गई है।
शनिवार को कलक्ट्रेट में डीएम निधि गुप्ता वत्स के नेतृत्व में चार घंटे किसान और प्रशासन के बीच चली वार्ता के दौरान सिंचाई विभाग ने 30 मीटर जमीन वापस करने की हामी भर ली है। इस बात पर किसान भी सहमत हो गए हैं, लेकिन किसानों ने स्पष्ट कर दिया है कि कार्यदायी संस्था अभी सिर्फ साइफन और पुल बनाने का काम कर सकती है। इस बीच सिंचाई विभाग को किसानों की 30 मीटर जमीन वापस करनी होगी। इसके बाद ही नहर की खुदाई हो होगी। कूबी गांव संयुक्त संघर्ष समिति के अध्यक्ष मायाराम सिंह और भाकियू टिकैत के प्रदेश उपाध्यक्ष दानवीर सिंह ने बताया कि यदि प्रशासन या सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने मनमानी करने की कोशिश की तो किसान फिर से आंदोलन करेंगे। किसानों और प्रशासन की सहमति नहर में गई 30 मीटर जमीन वापस करने पर बनी है। यह जमीन साइफन और नहर का काम पूरा होने तक वापस करनी होगी।
सिंचाई विभाग साइफन और पुल बनाने का कार्य कभी भी शुरू कर सकता है इसके लिए वह स्वतंत्र है। किसानों का धरना जमीन वापस होने तक जारी रहेगा। वार्ता के दौरान मुकेया कुमार, मोहन बेनीवाल, सुखवीर सिंह, राजेंद्र सिंह, हनी सिंह, राहुल सिंह मौजूद रहे।
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शनिवार को कलक्ट्रेट में डीएम निधि गुप्ता वत्स के नेतृत्व में चार घंटे किसान और प्रशासन के बीच चली वार्ता के दौरान सिंचाई विभाग ने 30 मीटर जमीन वापस करने की हामी भर ली है। इस बात पर किसान भी सहमत हो गए हैं, लेकिन किसानों ने स्पष्ट कर दिया है कि कार्यदायी संस्था अभी सिर्फ साइफन और पुल बनाने का काम कर सकती है। इस बीच सिंचाई विभाग को किसानों की 30 मीटर जमीन वापस करनी होगी। इसके बाद ही नहर की खुदाई हो होगी। कूबी गांव संयुक्त संघर्ष समिति के अध्यक्ष मायाराम सिंह और भाकियू टिकैत के प्रदेश उपाध्यक्ष दानवीर सिंह ने बताया कि यदि प्रशासन या सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने मनमानी करने की कोशिश की तो किसान फिर से आंदोलन करेंगे। किसानों और प्रशासन की सहमति नहर में गई 30 मीटर जमीन वापस करने पर बनी है। यह जमीन साइफन और नहर का काम पूरा होने तक वापस करनी होगी।
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सिंचाई विभाग साइफन और पुल बनाने का कार्य कभी भी शुरू कर सकता है इसके लिए वह स्वतंत्र है। किसानों का धरना जमीन वापस होने तक जारी रहेगा। वार्ता के दौरान मुकेया कुमार, मोहन बेनीवाल, सुखवीर सिंह, राजेंद्र सिंह, हनी सिंह, राहुल सिंह मौजूद रहे।
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