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Amroha News: बीमा कंपनी को ब्याज समेत लौटाने होंगे पॉलिसी के एक लाख

Sat, 05 Jul 2025 02:12 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा
संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा Updated Sat, 05 Jul 2025 02:12 AM IST
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The insurance company will have to return one lakh rupees of the policy along with interest
अमरोहा। पांच वर्षीय शॉर्ट टर्म पॉलिसी को 15 साल की बताकर बैंक की मेटलाइफ इंश्योरेंस कंपनी ने पॉलिसी की राशि देने से इन्कार कर दिया। मामले में उपभोक्ता फोरम ने बीमा कंपनी को बीमा की कुल धनराशि एक लाख रुपये को नौ प्रतिशत ब्याज समेत देने के निर्देश दिए हैं। साथ ही कंपनी पर आर्थिक व मानसिक और वाद खर्च के रूप में 8 हजार रुपये जुर्माना लगाया है। यह पूरी धनराशि बीमा कंपनी को एक महीने में सौंपनी होगी।
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अमरोहा के आवास विकास कॉलोनी में शांतिकुंज निवासी पवन कुमार की पत्नी जयमाला ने पंजाब नेशनल बैंक मुख्य ब्रांच अमरोहा के जरिये पीएनबी मेटलाइफ इंश्योरेंस लिमिटेड से शॉर्ट टर्म पांच वर्षीय प्लान के तहत बीमा कराया था। बैंक और बीमा कंपनी ने बताया था कि पांच साल बाद वह कभी भी अपना पैसा वापस ले सकती हैं और फ्री लुक पीरियड 15 दिन में कभी भी पॉलिसी वापस कर सकती हैं। सहमति के बाद बीमा कंपनी ने एक लाख 4500 रुपये की प्रीमियम धनराशि जयमाला के खाते से काट ली थी, लेकिन बीमा कंपनी और बैंक ने फॉर्म भरते समय उनका मोबाइल नंबर गलत अंकित कर दिया।
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इसके बाद में बैंक और बीमा कंपनी ने जयमाला को पॉलिसी बॉण्ड भी उपलब्ध नहीं कराया गया। हालांकि, कई प्रयासों के बाद 12 अक्तूबर 2020 को कंपनी ने डुप्लीकेट पॉलिसी बॉण्ड दिया। कंपनी ने पीड़िता को बताया कि एजेंट से उनका असली पॉलिसी बॉण्ड गुम हो गया है। बाद में पता चला कि उनकी पॉलिसी 15 वर्षीय एक लांग टर्म पॉलिसी है. जबकि बैंक और इंश्योरेंस कंपनी ने पांच वर्षीय बताया था।
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सुनवाई नहीं होने पर उपभोक्ता आयोग की ली थी शरण
पॉलिसी बॉण्ड में लिखी शर्तों के अनुसार फ्री लुक पीरियड 11 महीने की देरी से मिलने के कारण लैप्स हो गया, जबकि 15 दिन में पॉलिसी वापस की जा सकती थी। बैंक और बीमा कंपनी के कार्यालय के चक्कर काटने के बाद भी उनकी समस्या का समाधान नहीं हुआ। लिहाजा जयमाला ने जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग की शरण ली। आयोग के अध्यक्ष रमाशंकर सिंह और महिला सदस्य अंजू रानी दीक्षित ने पंजाब नेशनल बैंक मुख्य ब्रांच अमरोहा, क्षेत्रीय कार्यालय मुरादाबाद और पीएनबी मेटलाइफ इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड के अधिकारियों को तलब कर लिया। दोनों पक्षों के तर्क सुनने के बाद उपभोक्ता फोरम ने बीमा कंपनी को जिम्मेदार माना। जिला उपभोक्ता विभाग प्रतितोष आयोग के अध्यक्ष रमाशंकर सिंह ने कंपनी को बीमा की कुल धनराशि एक लाख 4500 रुपये को नौ प्रतिशत वार्षिक ब्याज समेत देने के निर्देश दिए हैं।
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