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Amroha News: बीमा कंपनी को 9% ब्याज के साथ चुकाने होंगे 5.17 लाख
Fri, 09 May 2025 02:04 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा
संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा
Updated Fri, 09 May 2025 02:04 AM IST
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अमरोहा। बीमा पॉलिसी कराने के कुछ ही दिन बाद किसान की मौत हो गई। पीड़ित परिजनों ने पॉलिसी के लिए क्लेम किया तो कंपनी ने देने से इन्कार कर दिया।
मामले में उपभोक्ता फोरम ने बीमा कंपनी को बीमा की कुल धनराशि 5.17 लाख रुपये को नौ प्रतिशत ब्याज समेत देने के निर्देश दिए हैं। साथ ही बीमा कंपनी पर आर्थिक व मानसिक और वाद खर्च के रूप में 25 हजार रुपये जुर्माना लगाया है। यह पूरी धनराशि बीमा कंपनी को एक महीने में सौंपनी होगी।
मूलरूप से मुरादाबाद में डीजल पावर हाउस के पास कपूर कंपनी के पास रहने वाले सोनू वर्मा ने एजेंट के माध्यम से टाटा एआईए लाइफ इंश्योरेंस स्मार्ट इनकम प्लान कंपनी में 17 मार्च 2023 को पॉलिसी कराई थी। जिसमें उनकी मां विमला देवी नॉमिनी है। सोनू ने 4337 मासिक प्रीमियम बीमा कंपनी को दिया था। लेकिन, करीब दस दिन बाद सोनू की तबीयत खराब होने के बाद मौत हो गई।
मृतक सोनू की माता विमला देवी ने पॉलिसी की राशि लेने के लिए आवेदन किया तो बीमा कंपनी ने भुगतान नहीं किया। मामले में विमला देवी ने जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग की शरण ली। उपभोक्ता फोरम ने बीमा कंपनी का अधिकारियों को तलब किया। जिसमें बीमा कंपनी ने मृतक सोनू वर्मा को पॉलिसी करने से पहले कैंसर और अस्थमा की बीमारी से पीड़ित बताया। साथ ही सोनू पर बीमा कराने से पहले बीमारी को छिपाने का भी आरोप लगाया, लेकिन बीमा कंपनी मृतक सोनू की बीमारी से जुड़े कोई मेडिकल कागज या डॉक्टर की रिपोर्ट प्रस्तुत नहीं कर सकी।
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दोनों पक्षों को सुनने के बाद उपभोक्ता फोरम ने बीमा कंपनी के इन्वेस्टिगेटर द्वारा तैयार की गई रिपोर्ट को मनगढ़ंत और मनमाना बताया। स्पष्ट कहा कि पीड़िता के दावे को खारिज करने के उद्देश्य से बीमा कंपनी ने रिपोर्ट सोची समझी चाल के तहत तैयार की है। जिसके आधार पर जिला उपभोक्ता विभाग प्रतितोष आयोग के अध्यक्ष रमाशंकर सिंह ने कंपनी को बीमा की कुल धनराशि 5.17 लाख को नौ प्रतिशत वार्षिक ब्याज समेत देने के निर्देश दिए हैं।
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मामले में उपभोक्ता फोरम ने बीमा कंपनी को बीमा की कुल धनराशि 5.17 लाख रुपये को नौ प्रतिशत ब्याज समेत देने के निर्देश दिए हैं। साथ ही बीमा कंपनी पर आर्थिक व मानसिक और वाद खर्च के रूप में 25 हजार रुपये जुर्माना लगाया है। यह पूरी धनराशि बीमा कंपनी को एक महीने में सौंपनी होगी।
मूलरूप से मुरादाबाद में डीजल पावर हाउस के पास कपूर कंपनी के पास रहने वाले सोनू वर्मा ने एजेंट के माध्यम से टाटा एआईए लाइफ इंश्योरेंस स्मार्ट इनकम प्लान कंपनी में 17 मार्च 2023 को पॉलिसी कराई थी। जिसमें उनकी मां विमला देवी नॉमिनी है। सोनू ने 4337 मासिक प्रीमियम बीमा कंपनी को दिया था। लेकिन, करीब दस दिन बाद सोनू की तबीयत खराब होने के बाद मौत हो गई।
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मृतक सोनू की माता विमला देवी ने पॉलिसी की राशि लेने के लिए आवेदन किया तो बीमा कंपनी ने भुगतान नहीं किया। मामले में विमला देवी ने जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग की शरण ली। उपभोक्ता फोरम ने बीमा कंपनी का अधिकारियों को तलब किया। जिसमें बीमा कंपनी ने मृतक सोनू वर्मा को पॉलिसी करने से पहले कैंसर और अस्थमा की बीमारी से पीड़ित बताया। साथ ही सोनू पर बीमा कराने से पहले बीमारी को छिपाने का भी आरोप लगाया, लेकिन बीमा कंपनी मृतक सोनू की बीमारी से जुड़े कोई मेडिकल कागज या डॉक्टर की रिपोर्ट प्रस्तुत नहीं कर सकी।
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दोनों पक्षों को सुनने के बाद उपभोक्ता फोरम ने बीमा कंपनी के इन्वेस्टिगेटर द्वारा तैयार की गई रिपोर्ट को मनगढ़ंत और मनमाना बताया। स्पष्ट कहा कि पीड़िता के दावे को खारिज करने के उद्देश्य से बीमा कंपनी ने रिपोर्ट सोची समझी चाल के तहत तैयार की है। जिसके आधार पर जिला उपभोक्ता विभाग प्रतितोष आयोग के अध्यक्ष रमाशंकर सिंह ने कंपनी को बीमा की कुल धनराशि 5.17 लाख को नौ प्रतिशत वार्षिक ब्याज समेत देने के निर्देश दिए हैं।