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न्यायालय के आदेशों की अवहेलना करने में दरोगा को एक दिन की न्यायिक हिरासत में रखा
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अमरोहा। अग्रिम जमानत प्रार्थना पत्र दाखिल करने के बाद भी विवेचक ने दहेज उत्पीड़न और दुष्कर्म के आरोपी पति को गिरफ्तार कर लिया। जबकि इससे पहले अदालत विवेचक को केस डायरी के साथ दो बार तलब कर चुकी थी, लेकिन वह उपस्थित नहीं हुआ। लिहाजा एडीजे प्रथम अहमद उल्ला खां ने विवेचक को न्यायालय के आदेशों की अवहेलना करने का दोषी पाया और उसे एक दिन की न्यायिक हिरासत में रखने का आदेश दिया। वहीं न्यायालय ने डीजीपी और और एसपी को विवेचक के खिलाफ विभागीय कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।
यह प्रकरण रहरा थाने का है। क्षेत्र के एक गांव निवासी युवती की शादी रजबपुर थानाक्षेत्र के गांव में हुई थी। विवाहिता ने चार अगस्त को रहरा थाने में पति समेत अन्य ससुराल वालों के खिलाफ दहेज उत्पीड़न, दुष्कर्म और गर्भपात कराने संबंधित धाराओं में एफआईआर दर्ज कराई थी। इस प्रकरण की विवेचना दरोगा आरपी यादव कर रहे हैं। बताते हैं कि छह आरोपी हाईकोट से स्टे ले चुके हैं। जबकि पति ने एडीजे प्रथम अहमद उल्ला खां की अदालत में अग्रिम जमानत के लिए प्रार्थना पत्र दाखिल किया था।
अदालत ने अग्रिम जमानत पर सुनवाई करने से पहले विवेचक आरपी यादव को केस डायरी के साथ अपना पक्ष रखने का आदेश दिया था। न्यायालय के दो बार नोटिस जारी होने के बाद भी विवेचक अदालत के समक्ष उपस्थित नहीं हुए। अग्रिम जमानत से संबंधित पूरी केस डायरी भी प्रस्तुत नहीं की। साथ ही विवेचक अदालत के सामने आधारहीन स्पष्टीकारण पेश करते रहे। वहीं, विवेचक ने 15 सितंबर को आरोपी पति को गिरफ्तार कर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में पेश कर दिया। इसकी जानकारी भी 16 सितंबर को अग्रिम जमानत पर सुनवाई के दौरान नहीं दी गई।
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गुरुवार को विवेचक आरपी यादव इस मामले में केस डायरी समेत अदालत में हाजिर हुए। लिहाजा न्यायालय ने केस डायरी का अवलोकन किया तो उसमें विवेचना संतोषजनक नहीं मिली। विवेचक का स्पष्टीकरण भी आधारहीन पाया गया। एडीजे प्रथम अहमद उल्ला खां ने विवेचक आरपी यादव को अदालत के आदेश की अवहेलना का दोषी पाया और एक दिन न्यायिक हिरासत में रखने का आदेश दिया। इसके बाद विवेचक को शाम पांच बजे तक न्यायिक हिरासत में रखा गया। साथ ही न्यायालय ने डीजीपी और एसपी अमरोहा को पत्र भेज कर विवेचक के खिलाफ अनुशासनात्मक विभागीय कराई करने के आदेश दिए हैं। वहीं एक माह के भीतर कार्रवाई की रिपोर्ट तलब की है। इसके अलावा न्यायालय के आदेश को विवेचक आरपी यादव की चरित्र पंजिका में दर्ज करने के निर्देश दिए हैं।
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यह प्रकरण रहरा थाने का है। क्षेत्र के एक गांव निवासी युवती की शादी रजबपुर थानाक्षेत्र के गांव में हुई थी। विवाहिता ने चार अगस्त को रहरा थाने में पति समेत अन्य ससुराल वालों के खिलाफ दहेज उत्पीड़न, दुष्कर्म और गर्भपात कराने संबंधित धाराओं में एफआईआर दर्ज कराई थी। इस प्रकरण की विवेचना दरोगा आरपी यादव कर रहे हैं। बताते हैं कि छह आरोपी हाईकोट से स्टे ले चुके हैं। जबकि पति ने एडीजे प्रथम अहमद उल्ला खां की अदालत में अग्रिम जमानत के लिए प्रार्थना पत्र दाखिल किया था।
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अदालत ने अग्रिम जमानत पर सुनवाई करने से पहले विवेचक आरपी यादव को केस डायरी के साथ अपना पक्ष रखने का आदेश दिया था। न्यायालय के दो बार नोटिस जारी होने के बाद भी विवेचक अदालत के समक्ष उपस्थित नहीं हुए। अग्रिम जमानत से संबंधित पूरी केस डायरी भी प्रस्तुत नहीं की। साथ ही विवेचक अदालत के सामने आधारहीन स्पष्टीकारण पेश करते रहे। वहीं, विवेचक ने 15 सितंबर को आरोपी पति को गिरफ्तार कर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में पेश कर दिया। इसकी जानकारी भी 16 सितंबर को अग्रिम जमानत पर सुनवाई के दौरान नहीं दी गई।
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गुरुवार को विवेचक आरपी यादव इस मामले में केस डायरी समेत अदालत में हाजिर हुए। लिहाजा न्यायालय ने केस डायरी का अवलोकन किया तो उसमें विवेचना संतोषजनक नहीं मिली। विवेचक का स्पष्टीकरण भी आधारहीन पाया गया। एडीजे प्रथम अहमद उल्ला खां ने विवेचक आरपी यादव को अदालत के आदेश की अवहेलना का दोषी पाया और एक दिन न्यायिक हिरासत में रखने का आदेश दिया। इसके बाद विवेचक को शाम पांच बजे तक न्यायिक हिरासत में रखा गया। साथ ही न्यायालय ने डीजीपी और एसपी अमरोहा को पत्र भेज कर विवेचक के खिलाफ अनुशासनात्मक विभागीय कराई करने के आदेश दिए हैं। वहीं एक माह के भीतर कार्रवाई की रिपोर्ट तलब की है। इसके अलावा न्यायालय के आदेश को विवेचक आरपी यादव की चरित्र पंजिका में दर्ज करने के निर्देश दिए हैं।