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Amroha News: प्रतिकूल प्रविष्टि के बाद रुकी वेतन वृद्धि से भी तनाव में थे प्रधानाध्यापक
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अमरोहा। सुल्तानठेर कंपोजिट विद्यालय के प्रधानाध्यापक संजीव कुमार की आत्महत्या को लेकर लगातार अधिकारियों की भूमिका पर सवाल खड़े हो रहे हैं। सुसाइड नोट में उत्पीड़न की बात सामने आई है। वहीं परिजनों ने आरोप लगाया कि बीएसए स्तर से उनकी वेतन वृद्धि नहीं की जा रही थी।
दिसंबर-2023 में स्कूल की शिक्षिका का गले में सांप डालने का वीडियो वायरल होने के बाद संजीव को प्रतिकूल प्रविष्टि दी गई थी, जबकि, इस मामले में उनका कोई दोष नहीं थी। प्रतिकूल प्रविष्टि से ही उनकी वृद्धि रुकी हुई थी। इसको लेकर वह तनाव में थे और लगातार बीएसए को पत्राचार कर रहे थे। मंगलवार को प्रधानाध्यापक संजीव ने विद्यालय के ही कक्ष में फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली थी। मामले में शिक्षक दंपती राघवेंद्र व सरिता और बीएसए डॉ. मोनिका पर रिपोर्ट दर्ज की गई है।
डीएम निधि गुप्ता वत्स ने मामले की जांच के लिए एडीएम न्यायिक माया शंकर यादव के नेतृत्व में चार सदस्यीय टीम बनाई थी। बृहस्पतिवार को टीम ने स्कूल पहुंचकर जरूरी पत्र व अन्य दस्तावेज कब्जे में लिए थे। वहीं, संजीव के घर जाकर परिजनों से भी वार्ता की थी। प्रधानाध्यापक संजीव के बेटे अनुज ने बताया कि दिसंबर-2023 में विद्यालय में तैनात शिक्षिका नीशू ने गले में सांप डालकर वीडियो बनाई थी। मामले में शिक्षिका निलंबित करने के साथ उनके पिता को प्रतिकूल प्रविष्टि जारी कर दी थी। जिसके बाद उनकी वेतन वृद्धि रुक गई थी। बताया कि उसके बाद से लगातार चार से पांच बार वह पत्र भेजकर बीएसए से वेतन वृद्धि लागू करने की मांग कर चुके थे , लेकिन उनकी सुनवाई नहीं हुई थी। जिसे लेकर वह तनाव में थे। वहीं, बताया जा रहा है कि जांच के दौरान टीम के समक्ष यह बात भी सामने आई है।
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बृहस्पतिवार को जांच टीम ने स्कूल से जरूरी दस्तावेज कब्जे में लिए गए। वहीं, स्टाफ के बयान भी दर्ज किए गए। पूछताछ में यह भी सामने आया है कि वह प्रतिकूल प्रविष्टि के बाद से तनाव में थे। परिजनों ने भी वेतन वृद्धि रुकने की बात बताई है। इसे तथ्य पर भी जांच कराई जा रही है। 18 पन्नों के रजिस्टर को लेकर भी जांच की जा रही है। - माया शंकर यादव, एडीएम।
विद्यालय पहुंचे विद्यार्थी, मंदिर से कराया एलान
गजरौला। सुल्तानठेर में प्रधानाध्यापक के आत्महत्या करने की घटना से बच्चों और उनके अभिभावकों सहमे है। बच्चे स्कूल जाने को तैयार नहीं हैं तो उनके अभिभावक भी उनको भेजने से कतरा रहे हैं। शिक्षकों ने गांव के मंदिर से एलान कराया कि अभिभावक बच्चों को स्कूल भेजें। घर-घर दस्तक देकर बच्चों से स्कूल आने का आह्वान किया। जबकि, विद्यालय में 430 विद्यार्थी पंजीकृत हैं। शुक्रवार सुबह शिक्षकों ने सबसे पहले गांव के मंदिर से यह एलान कराया कि अभिभावक डरें नहीं। अपने बच्चों को स्कूल भेजें। कहा, सील हुआ कमरा खुल गया है। किसी छात्र-छात्रा को डरने की जरूरत नहीं है। शुक्रवार को स्कूल में आने छात्र-छात्राओं की संख्या 55 हो गई।
जांच टीम ने सील किया कमरा खोल निकाले दस्तावेज
डीएम की ओर से गठित जांच टीम ने उस कमरे की सील खोल दी है, जिसमें प्रधानाध्यापक फांसी लगाई। बीते बृहस्पतिवार को जांच टीम स्कूल में गई। टीम ने सबसे पहले कमरे की सील खोली। इसके बाद कमरे में रखे स्कूल के विभागीय दस्तावेज निकाले। कमरे को कार्रवाई के बाद सील कर दिया गया था। जिनको स्कूल के शिक्षक प्रदीप कुमार को सौंपा। क्योंकि दस्तावेज कमरे में बंद होने के कारण शिक्षकों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था।
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दिसंबर-2023 में स्कूल की शिक्षिका का गले में सांप डालने का वीडियो वायरल होने के बाद संजीव को प्रतिकूल प्रविष्टि दी गई थी, जबकि, इस मामले में उनका कोई दोष नहीं थी। प्रतिकूल प्रविष्टि से ही उनकी वृद्धि रुकी हुई थी। इसको लेकर वह तनाव में थे और लगातार बीएसए को पत्राचार कर रहे थे। मंगलवार को प्रधानाध्यापक संजीव ने विद्यालय के ही कक्ष में फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली थी। मामले में शिक्षक दंपती राघवेंद्र व सरिता और बीएसए डॉ. मोनिका पर रिपोर्ट दर्ज की गई है।
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डीएम निधि गुप्ता वत्स ने मामले की जांच के लिए एडीएम न्यायिक माया शंकर यादव के नेतृत्व में चार सदस्यीय टीम बनाई थी। बृहस्पतिवार को टीम ने स्कूल पहुंचकर जरूरी पत्र व अन्य दस्तावेज कब्जे में लिए थे। वहीं, संजीव के घर जाकर परिजनों से भी वार्ता की थी। प्रधानाध्यापक संजीव के बेटे अनुज ने बताया कि दिसंबर-2023 में विद्यालय में तैनात शिक्षिका नीशू ने गले में सांप डालकर वीडियो बनाई थी। मामले में शिक्षिका निलंबित करने के साथ उनके पिता को प्रतिकूल प्रविष्टि जारी कर दी थी। जिसके बाद उनकी वेतन वृद्धि रुक गई थी। बताया कि उसके बाद से लगातार चार से पांच बार वह पत्र भेजकर बीएसए से वेतन वृद्धि लागू करने की मांग कर चुके थे , लेकिन उनकी सुनवाई नहीं हुई थी। जिसे लेकर वह तनाव में थे। वहीं, बताया जा रहा है कि जांच के दौरान टीम के समक्ष यह बात भी सामने आई है।
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बृहस्पतिवार को जांच टीम ने स्कूल से जरूरी दस्तावेज कब्जे में लिए गए। वहीं, स्टाफ के बयान भी दर्ज किए गए। पूछताछ में यह भी सामने आया है कि वह प्रतिकूल प्रविष्टि के बाद से तनाव में थे। परिजनों ने भी वेतन वृद्धि रुकने की बात बताई है। इसे तथ्य पर भी जांच कराई जा रही है। 18 पन्नों के रजिस्टर को लेकर भी जांच की जा रही है। - माया शंकर यादव, एडीएम।
विद्यालय पहुंचे विद्यार्थी, मंदिर से कराया एलान
गजरौला। सुल्तानठेर में प्रधानाध्यापक के आत्महत्या करने की घटना से बच्चों और उनके अभिभावकों सहमे है। बच्चे स्कूल जाने को तैयार नहीं हैं तो उनके अभिभावक भी उनको भेजने से कतरा रहे हैं। शिक्षकों ने गांव के मंदिर से एलान कराया कि अभिभावक बच्चों को स्कूल भेजें। घर-घर दस्तक देकर बच्चों से स्कूल आने का आह्वान किया। जबकि, विद्यालय में 430 विद्यार्थी पंजीकृत हैं। शुक्रवार सुबह शिक्षकों ने सबसे पहले गांव के मंदिर से यह एलान कराया कि अभिभावक डरें नहीं। अपने बच्चों को स्कूल भेजें। कहा, सील हुआ कमरा खुल गया है। किसी छात्र-छात्रा को डरने की जरूरत नहीं है। शुक्रवार को स्कूल में आने छात्र-छात्राओं की संख्या 55 हो गई।
जांच टीम ने सील किया कमरा खोल निकाले दस्तावेज
डीएम की ओर से गठित जांच टीम ने उस कमरे की सील खोल दी है, जिसमें प्रधानाध्यापक फांसी लगाई। बीते बृहस्पतिवार को जांच टीम स्कूल में गई। टीम ने सबसे पहले कमरे की सील खोली। इसके बाद कमरे में रखे स्कूल के विभागीय दस्तावेज निकाले। कमरे को कार्रवाई के बाद सील कर दिया गया था। जिनको स्कूल के शिक्षक प्रदीप कुमार को सौंपा। क्योंकि दस्तावेज कमरे में बंद होने के कारण शिक्षकों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था।