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Amroha News: बांध कटने पर रोकी दूल्हे की कार, ट्रैक्टर ट्राॅली से नाला किया पार
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गजरौला। गंगा का जलस्तर भले 40 सेंटीमीटर कम होकर 199.70 मीटर पर पहुंच गया, लेकिन खादर में बसे ग्रामीणों की दुश्वारियां कम होने की बजाय बढ़ गई हैं। ग्रामीणों के श्रमदान से बना चार गांवों को जोड़ने वाला बांध कट जाने से दूल्हे की कार को नाला किनारे रोक दिया गया। बाद में ट्रैक्टर ट्रॉली में सवार होकर बराती नाला पार होकर गांव में पहुंचे। ट्रैक्टर ट्रॉली से ही डीजे और बैंड वाले वाहन भी पार हुए।
शनिवार की रात बाढ़ के पानी के वेग ने शीशोवाली गांव के निकट उस कच्चे बांध को काट दिया था, जिसे शीशोवाली गांव के दक्षिण में टीकोवाली, जहांगीर वाली, भुड्डी वाली और दारानगर के ग्रामीणों ने श्रमदान कर बनाया था। इसके कट जाने से टीकोवाली, जहांगीर वाली, भुड्डी वाली और दारानगर के ग्रामीणों का आवागमन बंद हो गया है। उनके लिए शीशोवाली गांव की तरफ जाने के लिए नाव के अलावा और कोई रास्ता नहीं है।
मंगलवार को जलस्तर कम होकर 199.70 मीटर हो गया, लेकिन टापू व खादर में बसे ग्रामीणों की दुश्वारियां कम होने की बजाय बढ़ गई हैं। मंगलवार को ही जहांगीर वाली गांव में चरन सिंह की बेटी की बरात आई थी, लेकिन कच्चा बांध कट जाने के कारण नाले में पानी भरा हुआ था। जिसमें पानी कम होने के कारण नाव का संचालन संभव नहीं था। कार भी नहीं निकल सकती थी। इसलिए दूल्हे की कार और बरातियों के वाहन किनारे पर रोक दिए गए। गांव से ट्रैक्टर ट्राॅली मंगाए गए। जिन पर सवार होकर बराती जहांगीर वाली गांव में पहुंचे। उनके साथ में आया डीजे व बैंड बाजे का वाहन भी ट्रैक्टर ट्रॉली से पार हुआ। शीशों वाली ग्राम प्रधान पति हरपाल सिंह ने पुष्टि करते हुए कहा कि बराती व दूल्हा ट्रैक्टर ट्रॉली से नाला पार होकर जहांगीर वाली गांव में पहुंचे।
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पैंटून पुल से ट्रैक्टर ट्रॉली में लाद कर ले जाया गया शादी का सामान
रामगंगा पोषक नहर पर बने पैंटून पुल की उपयोगिता मंगलवार को सामने आई। जब गांव में एक अन्य शादी के कार्यक्रम के लिए ग्रामीण ट्रैक्टर ट्रॉली में लाद कर शादी का सामान गांव में ले गए। जबकि बीते सालों में पैंटून पुल हट जाने पर नाव के अलावा और कोई सहारा नहीं होता था। नाव से ही रिश्तेदार, सगे संबंधी गांव में आते जाते थे। मगर इस बार पैंटून पुल वरदान सिद्ध हो रहा है। ग्रामीणों के वाहन बेरोकटोक पुल पार कर आ औैर जा रहे हैं। उधर ओसीता जगदेवपुर के मुख्य मार्ग में पानी भर जाने के कारण ग्रामीणों को चारा आदि लाने में बड़ी परेशानी सामने आ रही है। चारा लाते समय बुग्गी पानी डूबने लगती है, हालांकि मंगलवार को पानी काफी कम हो गया। जिसके चलते ग्रामीणों ने राहत की सांस ली।
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शनिवार की रात बाढ़ के पानी के वेग ने शीशोवाली गांव के निकट उस कच्चे बांध को काट दिया था, जिसे शीशोवाली गांव के दक्षिण में टीकोवाली, जहांगीर वाली, भुड्डी वाली और दारानगर के ग्रामीणों ने श्रमदान कर बनाया था। इसके कट जाने से टीकोवाली, जहांगीर वाली, भुड्डी वाली और दारानगर के ग्रामीणों का आवागमन बंद हो गया है। उनके लिए शीशोवाली गांव की तरफ जाने के लिए नाव के अलावा और कोई रास्ता नहीं है।
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मंगलवार को जलस्तर कम होकर 199.70 मीटर हो गया, लेकिन टापू व खादर में बसे ग्रामीणों की दुश्वारियां कम होने की बजाय बढ़ गई हैं। मंगलवार को ही जहांगीर वाली गांव में चरन सिंह की बेटी की बरात आई थी, लेकिन कच्चा बांध कट जाने के कारण नाले में पानी भरा हुआ था। जिसमें पानी कम होने के कारण नाव का संचालन संभव नहीं था। कार भी नहीं निकल सकती थी। इसलिए दूल्हे की कार और बरातियों के वाहन किनारे पर रोक दिए गए। गांव से ट्रैक्टर ट्राॅली मंगाए गए। जिन पर सवार होकर बराती जहांगीर वाली गांव में पहुंचे। उनके साथ में आया डीजे व बैंड बाजे का वाहन भी ट्रैक्टर ट्रॉली से पार हुआ। शीशों वाली ग्राम प्रधान पति हरपाल सिंह ने पुष्टि करते हुए कहा कि बराती व दूल्हा ट्रैक्टर ट्रॉली से नाला पार होकर जहांगीर वाली गांव में पहुंचे।
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पैंटून पुल से ट्रैक्टर ट्रॉली में लाद कर ले जाया गया शादी का सामान
रामगंगा पोषक नहर पर बने पैंटून पुल की उपयोगिता मंगलवार को सामने आई। जब गांव में एक अन्य शादी के कार्यक्रम के लिए ग्रामीण ट्रैक्टर ट्रॉली में लाद कर शादी का सामान गांव में ले गए। जबकि बीते सालों में पैंटून पुल हट जाने पर नाव के अलावा और कोई सहारा नहीं होता था। नाव से ही रिश्तेदार, सगे संबंधी गांव में आते जाते थे। मगर इस बार पैंटून पुल वरदान सिद्ध हो रहा है। ग्रामीणों के वाहन बेरोकटोक पुल पार कर आ औैर जा रहे हैं। उधर ओसीता जगदेवपुर के मुख्य मार्ग में पानी भर जाने के कारण ग्रामीणों को चारा आदि लाने में बड़ी परेशानी सामने आ रही है। चारा लाते समय बुग्गी पानी डूबने लगती है, हालांकि मंगलवार को पानी काफी कम हो गया। जिसके चलते ग्रामीणों ने राहत की सांस ली।