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Amroha News: परिजनों ने चीनी मिल के गेट पर शव रखकर 16 घंटे दिया धरना
Mon, 10 Feb 2025 01:52 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा
संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा
Updated Mon, 10 Feb 2025 01:52 AM IST
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वेव शुगर मिल के गेट पर शव रखकर धरना देते लोग। संवाद
- फोटो : संवाद
मंडी धनौरा (अमरोहा)। गन्ने से लदे ट्रक की चपेट में आकर जान गंवाने वाले सचिन के परिजनों ने वेव शुगर मिल के गेट के बाहर 16 घंटे तक धरना प्रदर्शन किया। रविवार की सुबह पुलिस-प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में मिल प्रशासन के साथ हुई वार्ता के बाद धरना समाप्त किया गया। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। पिता की ओर से ट्रक चालक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है।
शनिवार की देर रात चीनी मिल से सटे मलेशिया गांव निवासी सचिन की गन्ने से लदे ट्रक की चपेट में आकर मौके पर ही मौत हो गई थी। परिजनों ने ग्रामीणों के साथ मिलकर शव को चीनी मिल के गेट के बाहर रखकर जाम लगा दिया था। ग्रामीणों ने मिल को गन्ने की आपूर्ति बंद कर दी। परिजन मृतक के परिजनों को मुआवजा, भाई को नौकरी और गांव को जाने वाले मार्ग पर प्रकश व्यवस्था दुरूस्त करने की मांग की। रविवार की सुबह तक मिल की ओर से कोई भी अधिकारी वार्ता के लिए बाहर नहीं आया। मौके पर पहुंचे सीओ व तहसीलदार ने मिल अधिकारियों से वार्ता की। इस दौरान आजाद समाज पार्टी के कार्यकर्ता भी मौके पर पहुच गए। सीओ व तहसीलदार के हड़काने पर मिल अधिकारी रोहित कुमार वार्ता के लिए ग्रामीणों के बीच आए। ट्रांसपोर्ट यूनियन की ओर से सचिन के परिजनों को ढाई लाख रुपये का चैक दिया गया। तहसीलदार ने नियमानुसार कृषक दुर्घटना बीमा योजना के अंतर्गत पांच लाख रुपये की आर्थिक सहायता दिलाने का आश्वासन दिया। मिल की ओर से मृतक के भाई को नौकरी देने और गांव को जाने वाले मार्ग पर प्रकाश व्यवस्था दुरूस्त करने व सीसीटीवी लगाने पर सहमति दी गई। ग्रामीणों ने दोपहर दो बजे धरना समाप्त कर दिया। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। प्रभारी निरीक्षक प्रवीन कुमार ने बताया कि मृतक के पिता नीरज की तहरीर पर पुलिस ने ट्रक चालक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है।
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16 घंटे तक मिल को गन्ने की आपूर्ति ठप रही
मंडी धनौरा। ग्रामीणों के मिल गेट के बाहर धरना देने और जाम लगाने की वजह से मिल को 16 घंटे तक गन्ने की आपूर्ति नहीं हो पाई। रात से लेकर दोपहर तक क्रय केेंद्रों से गन्ना लेकर आए ट्रक बाईपास मार्ग पर खड़े रहे। मिल गेट पर गन्ने की आपूर्ति करने वाले किसान भी अपना गन्ना लेकर नहीं आए। मिल के सहायक गन्ना प्रबंधक प्रदीप कुमार ने बताया कि गन्ने की आपूर्ति बंद होने के कारण करीब 12 घंटे तक मिल को बंद करना पड़ा। ग्रामीणों के साथ हुए समझौते के बाद ही मिल को गन्ने की आपूर्ति हो पाई।
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शनिवार की देर रात चीनी मिल से सटे मलेशिया गांव निवासी सचिन की गन्ने से लदे ट्रक की चपेट में आकर मौके पर ही मौत हो गई थी। परिजनों ने ग्रामीणों के साथ मिलकर शव को चीनी मिल के गेट के बाहर रखकर जाम लगा दिया था। ग्रामीणों ने मिल को गन्ने की आपूर्ति बंद कर दी। परिजन मृतक के परिजनों को मुआवजा, भाई को नौकरी और गांव को जाने वाले मार्ग पर प्रकश व्यवस्था दुरूस्त करने की मांग की। रविवार की सुबह तक मिल की ओर से कोई भी अधिकारी वार्ता के लिए बाहर नहीं आया। मौके पर पहुंचे सीओ व तहसीलदार ने मिल अधिकारियों से वार्ता की। इस दौरान आजाद समाज पार्टी के कार्यकर्ता भी मौके पर पहुच गए। सीओ व तहसीलदार के हड़काने पर मिल अधिकारी रोहित कुमार वार्ता के लिए ग्रामीणों के बीच आए। ट्रांसपोर्ट यूनियन की ओर से सचिन के परिजनों को ढाई लाख रुपये का चैक दिया गया। तहसीलदार ने नियमानुसार कृषक दुर्घटना बीमा योजना के अंतर्गत पांच लाख रुपये की आर्थिक सहायता दिलाने का आश्वासन दिया। मिल की ओर से मृतक के भाई को नौकरी देने और गांव को जाने वाले मार्ग पर प्रकाश व्यवस्था दुरूस्त करने व सीसीटीवी लगाने पर सहमति दी गई। ग्रामीणों ने दोपहर दो बजे धरना समाप्त कर दिया। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। प्रभारी निरीक्षक प्रवीन कुमार ने बताया कि मृतक के पिता नीरज की तहरीर पर पुलिस ने ट्रक चालक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है।
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16 घंटे तक मिल को गन्ने की आपूर्ति ठप रही
मंडी धनौरा। ग्रामीणों के मिल गेट के बाहर धरना देने और जाम लगाने की वजह से मिल को 16 घंटे तक गन्ने की आपूर्ति नहीं हो पाई। रात से लेकर दोपहर तक क्रय केेंद्रों से गन्ना लेकर आए ट्रक बाईपास मार्ग पर खड़े रहे। मिल गेट पर गन्ने की आपूर्ति करने वाले किसान भी अपना गन्ना लेकर नहीं आए। मिल के सहायक गन्ना प्रबंधक प्रदीप कुमार ने बताया कि गन्ने की आपूर्ति बंद होने के कारण करीब 12 घंटे तक मिल को बंद करना पड़ा। ग्रामीणों के साथ हुए समझौते के बाद ही मिल को गन्ने की आपूर्ति हो पाई।
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