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Amroha News: कर्बला की जंग हक, सब्र और इंसाफ की राह पर चलने का देती है संदेश
Fri, 15 Aug 2025 02:14 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा
संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा
Updated Fri, 15 Aug 2025 02:14 AM IST
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अमरोहा में बृहस्पतिवार को जुलूस में शामिल अजादार। स्रोत अजादार
- फोटो : अजादार
अमरोहा।
इमाम हुसैन अलै. के चेहलुम पर गमगीन अजादारों ने दहकते अंगारों पर चलकर मातम किया। 1400 साल पहले कर्बला में हुई शहादत को याद किया। शहर के इमामबाड़ों में सुबह से शुरू हुआ मातमदारी का सिलसिला देर रात तक जारी रहा। मजलिसों में उलेमाओं से दास्तान-ए-कर्बला सुनकर अजादारों की आंखें नम हो गईं।
अंजुमन-ए-इमामिया के संयोजन में बृहस्पतिवार शाम शहर के मोहल्ला दानिशमंदान स्थित इमामबाड़ा अकबर अली में आग का मातम किया गया। परचम बुलंद कर दहकते अंगारों पर चले अजादारों ने या हुसैन-या हुसैन की सदाएं बुलंद की। मोहल्ले में स्थित इमामबाड़ा वजीर-उन-निसा में मजलिस का आयोजन भी किया गया। मौलाना काजिम मेहंदी उरूज जौनपुरी ने कर्बला में हक और इंसानियत के खातिर दी गई इमाम हुसैन की कुर्बानी का जिक्र किया। उन्होंने बताया कि यजीद की फौज ने अहलेबैत पर कैसे-कैसे जुल्म किए। जिसे सुनकर अजादारों की आंखे नम हो गईं।
अजादरों ने मातम करते हुए इमाम हुसैन की शहादत का गम मनाया। इस दौरान माहिर हुसैन, नईम रजा, मीसम रजा, आलिम रजा, सिकंदर रजा, रिजवान जैदी आदि मौजूद रहे। वहीं, चेहलुम के सिलसिले में शहर से लेकर नौगांवा सादात तक माहौल गमगीन बना रहा। घरों में जिक्र-ए-हुसैन के बीच नजर का सिलसिला जारी रहा।
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चेहल्लुम का जुलूस निकाला गया
हसनपुर। नगर में शिया मस्जिद से चेहल्लुम का जुलूस निकाला गया। इसमें बाहरी अंजुमनों ने भी हिस्सा लिया। नोहा पढ़ते और सीनाजनी करते हुए अजादारों ने कर्बला के 72 शहीदों को याद किया और उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। जुलूस पूठ अड्डा, काला शहीद और गढ़ी वाली मस्जिद के सामने से होते हुए इमामबाड़े पर पहुंचा। शिया धर्मगुरुओं ने बताया कि चेहल्लुम का दिन हजरत इमाम हुसैन की बहादुरी और हक के लिए उनकी शहादत को याद करने का दिन है।संवाद
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इमाम हुसैन अलै. के चेहलुम पर गमगीन अजादारों ने दहकते अंगारों पर चलकर मातम किया। 1400 साल पहले कर्बला में हुई शहादत को याद किया। शहर के इमामबाड़ों में सुबह से शुरू हुआ मातमदारी का सिलसिला देर रात तक जारी रहा। मजलिसों में उलेमाओं से दास्तान-ए-कर्बला सुनकर अजादारों की आंखें नम हो गईं।
अंजुमन-ए-इमामिया के संयोजन में बृहस्पतिवार शाम शहर के मोहल्ला दानिशमंदान स्थित इमामबाड़ा अकबर अली में आग का मातम किया गया। परचम बुलंद कर दहकते अंगारों पर चले अजादारों ने या हुसैन-या हुसैन की सदाएं बुलंद की। मोहल्ले में स्थित इमामबाड़ा वजीर-उन-निसा में मजलिस का आयोजन भी किया गया। मौलाना काजिम मेहंदी उरूज जौनपुरी ने कर्बला में हक और इंसानियत के खातिर दी गई इमाम हुसैन की कुर्बानी का जिक्र किया। उन्होंने बताया कि यजीद की फौज ने अहलेबैत पर कैसे-कैसे जुल्म किए। जिसे सुनकर अजादारों की आंखे नम हो गईं।
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अजादरों ने मातम करते हुए इमाम हुसैन की शहादत का गम मनाया। इस दौरान माहिर हुसैन, नईम रजा, मीसम रजा, आलिम रजा, सिकंदर रजा, रिजवान जैदी आदि मौजूद रहे। वहीं, चेहलुम के सिलसिले में शहर से लेकर नौगांवा सादात तक माहौल गमगीन बना रहा। घरों में जिक्र-ए-हुसैन के बीच नजर का सिलसिला जारी रहा।
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चेहल्लुम का जुलूस निकाला गया
हसनपुर। नगर में शिया मस्जिद से चेहल्लुम का जुलूस निकाला गया। इसमें बाहरी अंजुमनों ने भी हिस्सा लिया। नोहा पढ़ते और सीनाजनी करते हुए अजादारों ने कर्बला के 72 शहीदों को याद किया और उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। जुलूस पूठ अड्डा, काला शहीद और गढ़ी वाली मस्जिद के सामने से होते हुए इमामबाड़े पर पहुंचा। शिया धर्मगुरुओं ने बताया कि चेहल्लुम का दिन हजरत इमाम हुसैन की बहादुरी और हक के लिए उनकी शहादत को याद करने का दिन है।संवाद