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Amroha News: दूसरे के मुकदमे दिखाकर मारपीट के आरोपियों को बना दिया अपराधी, दरोगा निलंबित
Wed, 27 Aug 2025 02:41 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा
संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा
Updated Wed, 27 Aug 2025 02:41 AM IST
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अमरोहा। करीब एक महीने पहले डिडौली के गंगदासपुर में हुई दो पक्षों में मारपीट की विवेचना में दरोगा ने लापरवाही बरती। आपराधिक इतिहास न होने पर भी दरोगा ने एक पक्ष के लोगों पर कई मुकदमे दिखाकर कोर्ट में पेश कर दिया। इसके चलते मारपीट के आरोपियों को जमानत नहीं मिल सकी। जांच में पुष्टि के बाद डीआईजी ने दरोगा फूलकंवार को निलंबित कर दिया गया है।
डिडौली कोतवाली क्षेत्र के गंगदासपुर में 19 जुलाई को दिनेश और परम सिंह के परिवारों के बीच मारपीट हो गई थी। दोनों पक्षों में जमकर डंडे चले थे। एक-दूसरे पर पथराव भी किया गया था। मामले में पुलिस ने दिनेश की तहरीर पर गगन, रवि, रविंद्र, परम सिंह, वधना और भूरी के खिलाफ हत्या की कोशिश का मुकदमा दर्ज किया गया था जबकि परम सिंह की तहरीर पर पुलिस ने तीन दिन बाद राशन डीलर दाताराम, करनपाल, दिनेश, जयपाल, बिंदेश, नेमवती और सुशील के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की थी।
दोनों मामलों की विवेचना दरोगा फूलकंवार कर रहे थे। विवेचना के दौरान दरोगा ने लापरवाही बरती। आरोप है कि दिनेश कुमार की तरफ से दर्ज मुकदमे में घायलों की मेडिकल रिपोर्ट प्राप्त करने में भी लापरवाही बरती गई जबकि परम सिंह की ओर से दर्ज मुकदमे में बेल कमेंट्स को गंभीरता से नहीं लिखा गया। बिना अधिकारियों की संस्तुति के राशन डीलर दाताराम पक्ष के लोगों का आपराधिक इतिहास कोर्ट में प्रस्तुत कर दिया। दरोगा ने दाताराम पक्ष के लोगों पर सात मुकदमे दिखाए जबकि उनका पहले से कोई अपराधी इतिहास नहीं था। इस पर उक्त लोगों को जमानत नहीं मिल सकी। इस पर दाताराम पक्ष के लोगों ने डीआईजी मुनिराज जी से दरोगा की शिकायत की। डीआईजी ने जांच कराई तो आरोप सही पाए गए।
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अनुशासनहीनता और अपने कर्तव्यों के प्रति घोर लापरवाही बरतने के मामले में डीआईजी ने दरोगा फूलकंवार को निलंबित कर दिया है। दरोगा की विभागीय जांच में शुरू कर दी गई है। - अमित कुमार आनंद, एसपी
दरोगा से चूक हई या जानबूझकर किया
एसपी के मुताबिक दरोगा ने सीसीटीएनएस से आरोपियों का इतिहास निकला था लेकिन जैसे ही उनके आरोपियों का नाम को सर्च किया गया तो प्रदेश भर के वही नाम सामने आ गए। इसके बाद दरोगा ने नाम, पिता का नाम और पता को लेकर गंभीरता नहीं दिखाई। मारपीट के आरोपियों के हमनाम अपराधियों के इतिहास को न्यायालय में पेश कर दिया। अब सवाल यह है कि दरोगा से चूक हुई या उसने जानबूझकर ऐसा किया। एसपी के मुताबिक विभागीय जांच चल रही है। साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
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डिडौली कोतवाली क्षेत्र के गंगदासपुर में 19 जुलाई को दिनेश और परम सिंह के परिवारों के बीच मारपीट हो गई थी। दोनों पक्षों में जमकर डंडे चले थे। एक-दूसरे पर पथराव भी किया गया था। मामले में पुलिस ने दिनेश की तहरीर पर गगन, रवि, रविंद्र, परम सिंह, वधना और भूरी के खिलाफ हत्या की कोशिश का मुकदमा दर्ज किया गया था जबकि परम सिंह की तहरीर पर पुलिस ने तीन दिन बाद राशन डीलर दाताराम, करनपाल, दिनेश, जयपाल, बिंदेश, नेमवती और सुशील के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की थी।
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दोनों मामलों की विवेचना दरोगा फूलकंवार कर रहे थे। विवेचना के दौरान दरोगा ने लापरवाही बरती। आरोप है कि दिनेश कुमार की तरफ से दर्ज मुकदमे में घायलों की मेडिकल रिपोर्ट प्राप्त करने में भी लापरवाही बरती गई जबकि परम सिंह की ओर से दर्ज मुकदमे में बेल कमेंट्स को गंभीरता से नहीं लिखा गया। बिना अधिकारियों की संस्तुति के राशन डीलर दाताराम पक्ष के लोगों का आपराधिक इतिहास कोर्ट में प्रस्तुत कर दिया। दरोगा ने दाताराम पक्ष के लोगों पर सात मुकदमे दिखाए जबकि उनका पहले से कोई अपराधी इतिहास नहीं था। इस पर उक्त लोगों को जमानत नहीं मिल सकी। इस पर दाताराम पक्ष के लोगों ने डीआईजी मुनिराज जी से दरोगा की शिकायत की। डीआईजी ने जांच कराई तो आरोप सही पाए गए।
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अनुशासनहीनता और अपने कर्तव्यों के प्रति घोर लापरवाही बरतने के मामले में डीआईजी ने दरोगा फूलकंवार को निलंबित कर दिया है। दरोगा की विभागीय जांच में शुरू कर दी गई है। - अमित कुमार आनंद, एसपी
दरोगा से चूक हई या जानबूझकर किया
एसपी के मुताबिक दरोगा ने सीसीटीएनएस से आरोपियों का इतिहास निकला था लेकिन जैसे ही उनके आरोपियों का नाम को सर्च किया गया तो प्रदेश भर के वही नाम सामने आ गए। इसके बाद दरोगा ने नाम, पिता का नाम और पता को लेकर गंभीरता नहीं दिखाई। मारपीट के आरोपियों के हमनाम अपराधियों के इतिहास को न्यायालय में पेश कर दिया। अब सवाल यह है कि दरोगा से चूक हुई या उसने जानबूझकर ऐसा किया। एसपी के मुताबिक विभागीय जांच चल रही है। साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।