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टेरर फंडिंग प्रकरण : अल्तमश ही नहीं, कई रिश्तेदार अन्य भी एटीएस के रडार पर
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अमरोहा। तुर्किए से टेरर फंडिंग मामले में गिरफ्तार अल्तमश फरीदी अकेला व्यक्ति नहीं है, जिसके खाते में संदिग्ध धनराशि आई थी। उसके कई परिचित-रिश्तेदारों और जिले के अन्य लोगों के खातों में भी यह रकम ट्रांसफर किए जाने की बात सामने आई है।
अब सभी संदिग्ध खाते एटीएस की जांच के दायरे में हैं और धनराशि के उपयोग का ब्योरा खंगाला जा रहा है। कभी भी एटीएस की टीम एक बार फिर जिले में दस्तक दे सकती है। नोएडा एटीएस ने दिल्ली के निजामुद्दीन निवासी फरहान नबी को तुर्किए से फंडिंग लेने और बांग्लादेश के सहयोग से इस्लामिक साहित्य की आड़ में भड़काऊ सामग्री वितरण के आरोप में नवंबर 2025 में गिरफ्तार किया था।
फरहान ने अपनी रजबपुर स्थित ससुराल में भी इस धनराशि का उपयोग किया। यहां पर उसका एक मकान और कुछ जमीन भी है। चर्चा है कि उसने अपने साले अल्तमश फरीदी के खाते में भी तुर्किए से प्राप्त धनराशि भेजी थी। बृहस्पतिवार को अल्तमश नेपाल भागने की फिराक में था, लेकिन इससे पहले उसे यूपी एटीएस ने गिरफ्तार कर लिया था।
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पूछताछ में यह जानकारी मिली है कि केवल फरहान और अल्तमश ही नहीं, बल्कि अन्य लोग भी जुड़े हो सकते हैं। एक रिश्तेदार के खाते में 11 लाख रुपये भेजे जाने की पुष्टि हुई है। इसके बाद एटीएस ने अपनी जांच का दायरा और बढ़ा दिया गया है।
खुफिया एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि टेरर फंडिंग की रकम कैसे और कहां खर्च की गई और उसका वास्तविक उद्देश्य क्या था। फिलहाल एटीएस की नजर अल्तमश के रिश्तेदारों और अन्य संदिग्ध व्यक्तियों पर है। वहीं, गिरफ्तारी के तीसरे दिन शनिवार को रजबपुर गांव में स्थिति सामान्य रही, लेकिन एलआईयू व अन्य खुफिया एजेंसी की टीम ने रजबपुर पहुंचकर जांच पड़ताल की थी। संवाद
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अब सभी संदिग्ध खाते एटीएस की जांच के दायरे में हैं और धनराशि के उपयोग का ब्योरा खंगाला जा रहा है। कभी भी एटीएस की टीम एक बार फिर जिले में दस्तक दे सकती है। नोएडा एटीएस ने दिल्ली के निजामुद्दीन निवासी फरहान नबी को तुर्किए से फंडिंग लेने और बांग्लादेश के सहयोग से इस्लामिक साहित्य की आड़ में भड़काऊ सामग्री वितरण के आरोप में नवंबर 2025 में गिरफ्तार किया था।
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फरहान ने अपनी रजबपुर स्थित ससुराल में भी इस धनराशि का उपयोग किया। यहां पर उसका एक मकान और कुछ जमीन भी है। चर्चा है कि उसने अपने साले अल्तमश फरीदी के खाते में भी तुर्किए से प्राप्त धनराशि भेजी थी। बृहस्पतिवार को अल्तमश नेपाल भागने की फिराक में था, लेकिन इससे पहले उसे यूपी एटीएस ने गिरफ्तार कर लिया था।
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पूछताछ में यह जानकारी मिली है कि केवल फरहान और अल्तमश ही नहीं, बल्कि अन्य लोग भी जुड़े हो सकते हैं। एक रिश्तेदार के खाते में 11 लाख रुपये भेजे जाने की पुष्टि हुई है। इसके बाद एटीएस ने अपनी जांच का दायरा और बढ़ा दिया गया है।
खुफिया एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि टेरर फंडिंग की रकम कैसे और कहां खर्च की गई और उसका वास्तविक उद्देश्य क्या था। फिलहाल एटीएस की नजर अल्तमश के रिश्तेदारों और अन्य संदिग्ध व्यक्तियों पर है। वहीं, गिरफ्तारी के तीसरे दिन शनिवार को रजबपुर गांव में स्थिति सामान्य रही, लेकिन एलआईयू व अन्य खुफिया एजेंसी की टीम ने रजबपुर पहुंचकर जांच पड़ताल की थी। संवाद