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ढबारसी में 10 और बंदरों की मौत
ब्यूरो अमर उजाला /ढबरासी/अमरोहा।
Updated Thu, 29 Mar 2018 01:28 AM IST
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ढबारसी में कस्बावासियों से जानकारी लेती वन विभाग की टीम।
- फोटो : अमर उजाला
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ढबारसी में बंदरों की मौत का सिलसिला बुधवार को भी जारी रहा। बुधवार को दस और बंदरों की मौत हो गई। इसके साथ मरने वाले बंदरों की संख्या सौ से अधिक हो गई है। भारी संख्या में बंदरों की मौत होने के बाद वन अधिकारियों और पशु चिकित्सकों की टीम ने गांव में डेरा डाल दिया है। बीमार बंदरों के इलाज को ग्लूकोज के टब भरकर रखे गए हैं। वहीं, एक बंदर का शव आईवीआरआई बरेली पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है।
बुधवार को ढबारसी के मोहल्ला होली वाला के लोग सुबह उठे तो तीन बंदरों के शव गलियों में पड़े थे। शाम होने तक मरे हुए बंदरों की संख्या दस पहुंच गई। पिछले एक सप्ताह से अब तक बंदरों की मौत का आंकड़ा करीब 110 पहुंच गया है। ढबारसी में पिछले एक सप्ताह से रोजाना दस से पंद्रह बंदरों की मौत हो रही है। पहले तो ग्रामीणों ने बंदरों की मौत को सामान्य लिया। लेकिन, जब एक-एक कर बंदरों के शव मिले तो गांव में सनसनी फैल गई।
आखिरकार पशु चिकित्साधिकारी और वन विभाग को सूचना दी गई। वन विभाग में बंदरों की मौत से हड़कंप मचा हुआ है। वन विभाग ने बुधवार को अपने तीन कर्मचारियों की ड्यूटी गांव में लगा दी। जो लगातार बंदरों पर नजर बनाए हुए हैं। दोपहर में डीएफओ रमेशचंद और एसडीओ एके सिंह भी गांव पहुंचे। जिन्होंने बंदरों की मौत लेकर मौका मुआयना किया। उधर, मुख्य चिकित्साधिकारी डा. ब्रजवीर सिंह ने भी गांव पहुंचकर चिकित्सकों को जरूरी दिशा निर्देश दिए।
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बुधवार को ढबारसी के मोहल्ला होली वाला के लोग सुबह उठे तो तीन बंदरों के शव गलियों में पड़े थे। शाम होने तक मरे हुए बंदरों की संख्या दस पहुंच गई। पिछले एक सप्ताह से अब तक बंदरों की मौत का आंकड़ा करीब 110 पहुंच गया है। ढबारसी में पिछले एक सप्ताह से रोजाना दस से पंद्रह बंदरों की मौत हो रही है। पहले तो ग्रामीणों ने बंदरों की मौत को सामान्य लिया। लेकिन, जब एक-एक कर बंदरों के शव मिले तो गांव में सनसनी फैल गई।
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आखिरकार पशु चिकित्साधिकारी और वन विभाग को सूचना दी गई। वन विभाग में बंदरों की मौत से हड़कंप मचा हुआ है। वन विभाग ने बुधवार को अपने तीन कर्मचारियों की ड्यूटी गांव में लगा दी। जो लगातार बंदरों पर नजर बनाए हुए हैं। दोपहर में डीएफओ रमेशचंद और एसडीओ एके सिंह भी गांव पहुंचे। जिन्होंने बंदरों की मौत लेकर मौका मुआयना किया। उधर, मुख्य चिकित्साधिकारी डा. ब्रजवीर सिंह ने भी गांव पहुंचकर चिकित्सकों को जरूरी दिशा निर्देश दिए।
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